नई दिल्ली, 11 अप्रैल (हरियाणा न्यूज पोस्ट)। रसोई में मौजूद नमक भोजन का स्वाद तो बढ़ाता है, लेकिन इसका जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल शरीर के लिए जहर के समान है। हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक, अधिक नमक का सेवन शरीर के आंतरिक अंगों पर सीधा प्रहार करता है। जब हम सोडियम की मात्रा बढ़ाते हैं, तो शरीर में पानी का संतुलन बिगड़ जाता है। इसका सबसे पहला असर हमारे रक्तचाप यानी ब्लड प्रेशर पर पड़ता है। बढ़ा हुआ बीपी सीधे तौर पर दिल की धमनियों पर दबाव डालता है, जो भविष्य में हार्ट अटैक या स्ट्रोक की बड़ी वजह बनता है।
किडनी और हड्डियों पर बढ़ता है जानलेवा बोझ
शरीर से गंदगी और अतिरिक्त नमक बाहर निकालने का जिम्मा किडनी का होता है। जब खून में सोडियम का लेवल बढ़ता है, तो किडनी को सामान्य से कई गुना ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। लंबे समय तक यह दबाव बना रहे तो किडनी फेलियर की नौबत आ सकती है। इतना ही नहीं, ज्यादा नमक हड्डियों के दुश्मन की तरह काम करता है। यह शरीर के कैल्शियम को यूरिन के रास्ते बाहर निकाल देता है, जिससे हड्डियां कमजोर हो जाती हैं और मामूली चोट पर भी फ्रैक्चर का डर बना रहता है।
शरीर में सूजन और वॉटर रिटेंशन की समस्या
अक्सर लोग सुबह सोकर उठने पर हाथ-पैरों या चेहरे पर भारीपन महसूस करते हैं। यह शरीर में पानी जमा होने यानी वॉटर रिटेंशन का संकेत है, जिसका मुख्य कारण डाइट में नमक की अधिकता है। नमक कम करने से शरीर का मेटाबॉलिज्म सुधरता है और अनावश्यक सूजन से राहत मिलती है। एक्सपर्ट्स की मानें तो खाने में ऊपर से कच्चा नमक छिड़कने की आदत सबसे घातक है। प्रोसेस्ड और पैकेट बंद चिप्स या स्नैक्स में भी नमक की मात्रा बहुत अधिक होती है, जो हमारी सेहत को धीरे-धीरे नुकसान पहुँचाती है।
छोटी सावधानियां और बड़ी राहत
स्वस्थ रहने के लिए अपनी छोटी-छोटी आदतों में बदलाव करना जरूरी है। भोजन पकाते समय ही सीमित नमक डालें और टेबल पर साल्ट शेकर रखने से बचें। फल या सलाद पर चाट मसाला और अतिरिक्त नमक के बजाय नींबू का रस इस्तेमाल करना एक बेहतर विकल्प है। आप जितना कम प्रोसेस्ड फूड खाएंगे, आपके शरीर में सोडियम का स्तर उतना ही संतुलित रहेगा। याद रखें, संतुलन ही लंबी उम्र और निरोगी काया की सबसे बड़ी कुंजी है।
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डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह न समझें। किसी भी फिटनेस प्रोग्राम को शुरू करने से पहले डॉक्टर से परामर्श करें। डाइट में बदलाव करने से पहले भी अपने डॉक्टर की सलाह जरूर लें।












