नई दिल्ली, 12 अप्रैल (हरियाणा न्यूज पोस्ट)। गर्मियों की शुरुआत होते ही बाजार में आम की खुशबू फैलने लगती है, लेकिन फिटनेस फ्रीक लोग अक्सर वजन बढ़ने के डर से इसे खाने से कतराते हैं। क्लिनिकल न्यूट्रिशनिस्ट और हेल्थ इन्फ्लूएंसर डॉ. शिखा सिंह ने इस भ्रम को तोड़ते हुए बताया है कि आम वजन बढ़ाता नहीं बल्कि घटाने में मददगार साबित हो सकता है। उनके अनुसार आम में मौजूद फाइबर और पानी शरीर को लंबे समय तक तृप्त रखते हैं, जिससे बेवजह की क्रेविंग खत्म होती है। अगर आप सही मात्रा और सही कॉम्बिनेशन का ध्यान रखें, तो आम आपकी वेट लॉस जर्नी का सबसे स्वादिष्ट हिस्सा बन सकता है।
बेली फैट पर वार और डायबिटीज में सुरक्षा
आम सिर्फ स्वाद ही नहीं बल्कि पेट की जिद्दी चर्बी (Belly Fat) को कम करने में भी सक्षम है। डॉ. शिखा सिंह का कहना है कि आम में पॉलीफिनॉल जैसे शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट होते हैं जो फैट सेल्स को टारगेट करते हैं। इसके अलावा डायबिटीज के मरीज भी सीमित मात्रा में इसका आनंद ले सकते हैं। आम का ग्लाइसेमिक इंडेक्स बहुत ज्यादा नहीं होता और इसका फाइबर शुगर लेवल को अचानक स्पाइक होने से रोकता है। बस शर्त यह है कि इसे संतुलित डाइट के साथ ही लिया जाए।
पाचन और इम्यूनिटी का पावरहाउस है आम
आम के फायदे केवल वजन घटाने तक सीमित नहीं हैं बल्कि यह संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए एक सुपरफूड है। इसमें मौजूद विटामिन-C इम्यूनिटी बढ़ाता है और विटामिन-A त्वचा की चमक बरकरार रखता है।
View this post on Instagram
डॉ. शिखा सिंह ने बताया कि आम में ‘अमाइलेज’ नाम का एंजाइम होता है जो भोजन को तोड़ने और पाचन दुरुस्त करने का काम करता है। इसमें मौजूद मैग्नीशियम और पोटैशियम दिल की सेहत के लिए भी रामबाण माने जाते हैं, जिससे कोलेस्ट्रॉल नियंत्रण में रहता है।
खाने का सही तरीका और समय
वजन घटाने के लिए डॉ. शिखा सिंह ने एक विशेष गाइडलाइन साझा की है। वह सलाह देती हैं कि दिनभर में केवल 100 ग्राम आम का ही सेवन करें और इसे दिन के पहले हिस्से यानी सुबह या दोपहर में खाएं। आम खाने से पहले उसे कम से कम एक घंटे पानी में भिगोकर जरूर रखें ताकि इसकी गर्मी निकल जाए। इसे दही या लो-फैट दूध जैसे प्रोटीन सोर्स के साथ खाने से इसका पोषण बढ़ जाता है और ब्लड शुगर भी स्थिर रहता है।
हड्डियां हो रही हैं कमजोर? डाइट से नमक घटाएं और कैल्शियम बचाएं, पढ़ें रिपोर्ट
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह न समझें। किसी भी फिटनेस प्रोग्राम को शुरू करने से पहले डॉक्टर से परामर्श करें। डाइट में बदलाव करने से पहले भी अपने डॉक्टर की सलाह जरूर लें।













