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Ayudha Pooja 2025: कब है तिथि, क्या है शुभ मुहूर्त? जानें पूरा महत्व और कहानी!

On: September 19, 2025 6:18 AM
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Ayudha Pooja 2025: कब है तिथि, क्या है शुभ मुहूर्त? जानें पूरा महत्व और कहानी!
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Ayudha Pooja 2025 date and time: आयुध पूजा हिंदू धर्म का एक खास त्योहार है, जिसमें रोजमर्रा के काम और पेशे में इस्तेमाल होने वाले औजारों और उपकरणों की पूजा की जाती है। यह त्योहार नवरात्रि के नौवें दिन यानी महानवमी को मनाया जाता है, जो दशहरे से ठीक एक दिन पहले होता है।

इस दिन लोग अपने हथियार, किताबें, संगीत वाद्ययंत्र, वाहन और यहां तक कि लैपटॉप जैसे आधुनिक उपकरणों की पूजा करते हैं। यह त्योहार मां दुर्गा की महिषासुर पर विजय और महाभारत में अर्जुन के हथियारों की कहानी से जुड़ा है। आइए जानते हैं 2025 में आयुध पूजा कब है और इसका महत्व क्या है।

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आयुध पूजा 2025: तिथि और शुभ मुहूर्त Ayudha Pooja 2025 

2025 में आयुध पूजा 1 अक्टूबर, बुधवार को मनाई जाएगी। यह नवरात्रि का आखिरी दिन होगा, और अगले दिन 2 अक्टूबर को दशहरा होगा। नवमी तिथि 30 सितंबर को शाम 6:06 बजे से शुरू होगी और 1 अक्टूबर को शाम 7:01 बजे खत्म होगी। इस दिन पूजा का सबसे शुभ समय, यानी विजय मुहूर्त, दोपहर 2:28 बजे से 3:16 बजे तक रहेगा। इस मुहूर्त में पूजा करने से विशेष फल मिलता है।

आयुध पूजा का महत्व

आयुध पूजा का मतलब है अपने काम और जीविका के साधनों को सम्मान देना। इस दिन लोग उन सभी चीजों की पूजा करते हैं, जो उनके पेशे या पढ़ाई में मदद करती हैं। चाहे वह किताबें हों, संगीत के उपकरण हों, वाहन हों या फिर आजकल के आधुनिक गैजेट्स जैसे लैपटॉप और स्मार्टफोन। यह त्योहार हमें हमारे काम के औजारों के प्रति कृतज्ञता सिखाता है और जीवन में समृद्धि की कामना करता है।

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महाभारत से आयुध पूजा की कहानी

महाभारत के अनुसार, अर्जुन ने अपने निर्वासन के दौरान अपने हथियारों को शमी के पेड़ में छिपा दिया था। निर्वासन खत्म होने के बाद विजयदशमी के दिन उन्होंने अपने हथियार वापस लिए और युद्ध से पहले उनकी पूजा की। यही परंपरा आज आयुध पूजा के रूप में जानी जाती है, जिसमें हथियारों और औजारों को श्रद्धा के साथ पूजा जाता है।

नवरात्रि और मां दुर्गा की कहानी

आयुध पूजा का संबंध मां दुर्गा की महिषासुर पर विजय से भी है। कहते हैं कि दानव महिषासुर को हराने के बाद मां दुर्गा ने अपने हथियार रख दिए थे। इसके बाद देवताओं ने उनके हथियारों की पूजा की। यहीं से शक्ति और काम के औजारों की पूजा की परंपरा शुरू हुई, जो आज भी आयुध पूजा के रूप में मनाई जाती है।

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मोनिका गुप्ता

मोनिका गुप्ता एक अनुभवी लेखिका हैं, जो पिछले 10 वर्षों से लाइफस्टाइल, एंटरटेनमेंट, ट्रेंडिंग टॉपिक्स और राशिफल पर हिंदी में आकर्षक और जानकारीपूर्ण लेख लिख रही हैं। उनकी रचनाएं पाठकों को दैनिक जीवन की सलाह, मनोरंजन की दुनिया की झलक, वर्तमान ट्रेंड्स की गहराई और ज्योतिषीय भविष्यवाणियों से जोड़ती हैं। मोनिका जी का लेखन सरल, रोचक और प्रासंगिक होता है, जो लाखों पाठकों को प्रेरित करता है। वे विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और न्यूज़ पोर्टल्स (Haryananewspost.com) पर सक्रिय हैं, जहाँ उनकी कलम से निकले लेख हमेशा चर्चा का विषय बन जाते हैं।

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