Dev Uthane Samay today 1 November: चार महीनों तक चातुर्मास में भगवान विष्णु क्षीरसागर में योगनिद्रा में रहते हैं। देवउठनी एकादशी के दिन विष्णुजी जागते हैं और सभी शुभ कार्य फिर शुरू हो जाते हैं। यानी आज से विवाह, गृहप्रवेश, यज्ञ जैसे काम हो सकेंगे। जो लोग देवउठनी एकादशी का व्रत करते हैं, उन्हें वैकुंठधाम मिलता है। यहां जानिए पूजा के बाद देव उठाने का सही समय।
आज देवउठनी एकादशी पर देव उठाने का समय Dev Uthane Samay
आज 1 नवंबर को देव उठाने का शुभ मुहूर्त सुबह 9 बजकर 12 मिनट से है। इसके अलावा गोधूलि काल में शाम 5 बजकर 35 मिनट से 6 बजकर 25 मिनट तक देव जगाए जाते हैं। इसी मुहूर्त में देव उठाएं और एकादशी पूजा करें।
देवउठनी एकादशी पर देव कैसे उठाते हैं?
देवउठनी एकादशी की पूजा सुबह या शुभ मुहूर्त में करें। पहले स्नान कर व्रत का संकल्प लें। तुलसी पौधे के पास विष्णुजी का चित्र या शालिग्राम रखें।
तुलसी के पास दीप जलाएं। लकड़ी की छोटी छड़ी से जमीन या चौकी पर हल्के से थपकी देते हुए बोलें – ठो देवा, जागो देवा, तुलसी विवाह लग्न जवांरा आ गया। या कहें – ऊठो ऊठो गोविंद, ऊठो गोकुलनाथ, ऊठो ऊठो प्रभु परब्रह्म, चार मास निद्रा भई समाप्त। फिर विष्णुजी को भोग लगाएं, आरती उतारें। तुलसी को जल चढ़ाएं। अंत में देवउठनी एकादशी की कथा सुनें।













