फरीदाबाद, 15 मई (हरियाणा न्यूज पोस्ट)। हरियाणा के फरीदाबाद स्थित अमृता हॉस्पिटल के इंटरनल मेडिसिन विभाग के सीनियर कंसल्टेंट डॉ. मोहित शर्मा ने एक बड़ी चेतावनी जारी की है। डॉ. शर्मा के मुताबिक, हाई कोलेस्ट्रॉल, डायबिटीज और फैटी लिवर जैसी बीमारियां रातों-रात नहीं होतीं। ये बीमारियां शरीर में लंबे समय तक धीरे-धीरे पनपती हैं, जिसे मेडिकल भाषा में ‘हेल्थ रिस्क जोन’ कहा जाता है। अक्सर लोग छोटे संकेतों को सामान्य थकान या तनाव समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, जो बाद में हार्ट अटैक जैसी गंभीर स्थिति का कारण बनता है।
लगातार थकान को व्यस्तता न समझें
अगर आप पूरी नींद लेने के बावजूद सुबह उठकर थका हुआ महसूस करते हैं, तो सावधान हो जाएं। डॉक्टरों के अनुसार, यह एनीमिया, विटामिन B12 या विटामिन D की भारी कमी का इशारा हो सकता है। यह थकान थायरॉइड डिसऑर्डर या शुरुआती डायबिटीज का भी संकेत हो सकती है। अगर इसके साथ ध्यान लगाने में कमी या कमजोरी महसूस हो रही है, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
इंसुलिन रेजिस्टेंस का बड़ा खतरा
आजकल पेट के आसपास बढ़ता फैट सिर्फ खराब लुक्स का मुद्दा नहीं है। हेल्थ एक्सपर्ट्स इसे मेटाबॉलिक सिंड्रोम की सबसे बड़ी चेतावनी मानते हैं। बिना किसी वजह के वजन बढ़ना या कम होना, दोनों ही शरीर के अंदरूनी संतुलन बिगड़ने का प्रमाण हैं। यह स्थिति बताती है कि आपका शरीर इंसुलिन का सही उपयोग नहीं कर पा रहा है, जो आगे चलकर शुगर का मरीज बना सकता है।
त्वचा और बालों के संकेत
आपके बाल और त्वचा शरीर के अंदरूनी स्वास्थ्य का आईना होते हैं। गर्दन या अंडरआर्म्स के आसपास त्वचा का काला पड़ना इंसुलिन रेजिस्टेंस का सीधा संकेत है। इसके अलावा बार-बार मुंह में छाले होना, नाखूनों का जल्दी टूटना और बालों का अत्यधिक झड़ना पोषण की गंभीर कमी को दर्शाता है। ये छोटे संकेत बताते हैं कि आपको अब अपनी डाइट और लाइफस्टाइल में बदलाव की सख्त जरूरत है।
सांस फूलना और खराब नींद है खतरे की निशानी
अगर सीढ़ियां चढ़ते समय आपकी सांस फूल रही है या सीने में भारीपन महसूस होता है, तो यह कमजोर दिल का लक्षण हो सकता है। आजकल खराब लाइफस्टाइल की वजह से कम उम्र के युवाओं में भी हार्ट स्ट्रेन के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। वहीं, रात को जोर से खर्राटे लेना या बार-बार नींद टूटना स्लीप एपनिया की शुरुआत हो सकती है। डॉक्टर सलाह देते हैं कि अगर 15 दिन से ज्यादा नींद की समस्या रहे, तो बॉडी चेकअप में देरी न करें।
30 की उम्र के बाद ये टेस्ट हैं जरूरी
डॉ. मोहित शर्मा सलाह देते हैं कि अब बीमार होने का इंतजार करना जानलेवा हो सकता है। 30 साल की उम्र पार करते ही हर व्यक्ति को साल में कम से कम एक बार ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल प्रोफाइल, लिवर और किडनी फंक्शन टेस्ट जरूर करवाने चाहिए। इसके अलावा विटामिन B12 और D के स्तर की जांच करवाना भी आज के दौर में बेहद जरूरी है। बचाव सिर्फ इलाज नहीं, बल्कि शरीर के इन धीमे संकेतों को समय रहते समझना है।
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