ब्रेकिंग न्यूज़मौसमक्रिकेटऑटोमनोरंजनअपराधट्रेंडिंगकृषिलाइफस्टाइलराशिफलहरियाणा

Mahashivratri 2026: शिवलिंग पर जल चढ़ाते समय भूलकर भी न करें ये 3 गलतियां

On: February 6, 2026 9:38 AM
Follow Us:
Mahashivratri 2026: शिवलिंग पर जल चढ़ाते समय भूलकर भी न करें ये 3 गलतियां
Join WhatsApp Group

Mahashivratri 2026 kab hai: हिंदू धर्म में भगवान शिव की उपासना के लिए महाशिवरात्रि का दिन सबसे बड़ा और पवित्र माना जाता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार इसी पावन तिथि पर महादेव और माता पार्वती का विवाह संपन्न हुआ था। श्रद्धा और विश्वास के इस संगम पर भक्त रात भर जागकर शिवजी की आराधना करते हैं। साल 2026 में महाशिवरात्रि का पर्व 15 फरवरी को मनाया जाएगा। यदि आप भी इस दिन व्रत रखने की योजना बना रहे हैं तो पूजा की सही विधि और निषेध चीजों के बारे में जानना आपके लिए बेहद जरूरी है।

शिवलिंग पर क्या चढ़ाएं जिससे प्रसन्न हों शिवजी

भगवान शिव को भोलेनाथ कहा जाता है क्योंकि वे मात्र एक लोटे जल से भी प्रसन्न हो जाते हैं। हालांकि शास्त्रों में कुछ चीजों को अर्पित करने का विशेष महत्व बताया गया है।

  • बेलपत्र: महादेव को बेलपत्र सबसे ज्यादा प्रिय है। पूजा में हमेशा तीन पत्तियों वाला बेलपत्र चढ़ाएं और ध्यान रहे कि वह कहीं से कटा या फटा न हो।

  • अक्षत (चावल): शिवजी को चावल चढ़ाते समय ध्यान रखें कि दाने पूरे हों। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार खंडित चावल चढ़ाने से पूजा का पूर्ण फल नहीं मिलता।

  • गंगाजल और कच्चा दूध: अभिषेक के लिए गंगाजल और गाय का कच्चा दूध सर्वोत्तम माना गया है। इससे मानसिक शांति और आरोग्य की प्राप्ति होती है।

    सावधान! ब्रश करते समय मसूड़ों से खून आना सामान्य नहीं, हो सकती है यह गंभीर बीमारी
    सावधान! ब्रश करते समय मसूड़ों से खून आना सामान्य नहीं, हो सकती है यह गंभीर बीमारी
  • चंदन और धतूरा: महादेव को सफेद चंदन का लेप लगाएं। साथ ही नकारात्मकता के नाश के प्रतीक स्वरूप भांग और धतूरा अर्पित करें।

शिव पूजा में वर्जित हैं ये चीजें

अक्सर अनजाने में भक्त कुछ ऐसी चीजें शिवलिंग पर चढ़ा देते हैं जो वर्जित मानी गई हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इन चीजों के प्रयोग से शिवजी रुष्ट हो सकते हैं।

  • तुलसी और सिंदूर: महादेव वैरागी हैं और सिंदूर को श्रृंगार का प्रतीक माना जाता है इसलिए इसे वर्जित किया गया है। वहीं असुर जालंधर की कथा के कारण तुलसी दल भी शिव पूजा में नहीं रखा जाता।

  • केतकी के फूल: एक पौराणिक प्रसंग के अनुसार शिवजी ने केतकी के फूल को अपनी पूजा से निष्कासित कर दिया था।

  • शंख का प्रयोग: महादेव ने शंखचूड़ नामक दैत्य का संहार किया था इसलिए शिवलिंग का अभिषेक शंख से नहीं करना चाहिए।

    रितिक रोशन की बहन सुनैना ने जीती मौत से जंग: ग्रेड 3 फैटी लिवर को ऐसे दी मात, आप भी लें सबक
    रितिक रोशन की बहन सुनैना ने जीती मौत से जंग: ग्रेड 3 फैटी लिवर को ऐसे दी मात, आप भी लें सबक

अभिषेक और परिक्रमा के नियम

महाशिवरात्रि की पूजा के दौरान पात्र और परिक्रमा के नियमों का पालन करना अनिवार्य है।

  1. पात्र का चुनाव: जल चढ़ाने के लिए तांबे का लोटा सबसे अच्छा है। लेकिन ध्यान दें कि तांबे के बर्तन में दूध कभी न डालें क्योंकि तांबा दूध के संपर्क में आकर उसे विषैला बना देता है। दूध के लिए स्टील या चांदी के पात्र का ही प्रयोग करें।

  2. अर्ध परिक्रमा: शिवलिंग की कभी भी पूरी परिक्रमा नहीं करनी चाहिए। हमेशा आधी परिक्रमा करें और जलाधारी (जहाँ से जल बहता है) को कभी न लांघें।

  3. खंडित मूर्ति: कभी भी घर में या मंदिर में टूटे हुए शिवलिंग की पूजा न करें। हालांकि नर्मदा नदी से प्राप्त होने वाले नर्मदेश्वर शिवलिंग को इसके लिए अपवाद माना जाता है।

क्यों खास है महाशिवरात्रि का व्रत

फाल्गुन मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को आने वाली यह रात्रि आध्यात्मिक ऊर्जा से भरपूर होती है। मान्यता है कि इस दिन व्रत रखने से कुंवारी कन्याओं को सुयोग्य वर मिलता है और विवाहित जोड़ों का गृहस्थ जीवन सुखमय होता है। यह पर्व व्यक्ति को काम, क्रोध और लोभ से मुक्त होकर भक्ति के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।

सावधान! पतले होने के चक्कर में न गंवा बैठें जान, GLP-1 दवाओं के साइड इफेक्ट्स पर केंद्र का बड़ा अलर्ट
सावधान! पतले होने के चक्कर में न गंवा बैठें जान, GLP-1 दवाओं के साइड इफेक्ट्स पर केंद्र का बड़ा अलर्ट

Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और सामान्य जानकारियों पर आधारित है.

Mangalwar Ke Niyam: संकटों से बचना है तो भूलकर भी न खरीदें ये चीजें

यहाँ क्लिक करें और गूगल मैप लिंक देखें

मोनिका गुप्ता

मोनिका गुप्ता एक अनुभवी लेखिका हैं, जो पिछले 10 वर्षों से लाइफस्टाइल, एंटरटेनमेंट, ट्रेंडिंग टॉपिक्स और राशिफल पर हिंदी में आकर्षक और जानकारीपूर्ण लेख लिख रही हैं। उनकी रचनाएं पाठकों को दैनिक जीवन की सलाह, मनोरंजन की दुनिया की झलक, वर्तमान ट्रेंड्स की गहराई और ज्योतिषीय भविष्यवाणियों से जोड़ती हैं। मोनिका जी का लेखन सरल, रोचक और प्रासंगिक होता है, जो लाखों पाठकों को प्रेरित करता है। वे विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और न्यूज़ पोर्टल्स (Haryananewspost.com) पर सक्रिय हैं, जहाँ उनकी कलम से निकले लेख हमेशा चर्चा का विषय बन जाते हैं।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment