Aaj ka Panchang 1 May 2025 in Hindi: 1 मई 2025 का दिन धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से बेहद खास होने वाला है। इस दिन तीन महत्वपूर्ण जयंतियां मनाई जाएंगी, और साथ ही सर्वार्थ सिद्धि योग और रवि योग का शुभ संयोग बनेगा। सूर्य मेष राशि में और चंद्रमा मिथुन राशि में गोचर करेंगे, जिससे इस दिन का महत्व कई गुना बढ़ जाएगा। चाहे आप कोई नया कार्य शुरू करने की सोच रहे हों या पूजा-पाठ का आयोजन करना चाहते हों, यह दिन आपके लिए शुभ अवसर लेकर आया है। आइए, 1 मई 2025 के पूरे पंचांग और शुभ मुहूर्त के बारे में विस्तार से जानते हैं।
Aaj ka Panchang 1 May 2025: आज का पंचांग
1 मई को तीन जयंतियां एक साथ मनाई जाएंगी, जो इस दिन को आध्यात्मिक रूप से और भी खास बनाती हैं। यह संयोग धार्मिक कार्यों, दान-पुण्य, और मांगलिक कार्यों के लिए बेहद शुभ माना जाता है। इस दिन माता लक्ष्मी और संतोषी माता की पूजा का विशेष महत्व होगा। साथ ही, सर्वार्थ सिद्धि योग और रवि योग के प्रभाव से व्यापार, नई शुरुआत, और निवेश जैसे कार्यों के लिए यह दिन आदर्श रहेगा।
1 मई 2025 का पंचांग
1 मई का दिन शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि के साथ शुरू होगा, जो सुबह 9:14 तक रहेगी। नक्षत्र आर्द्रा दोपहर 1:04 तक रहेगा, और योग धृति रात 3:20 बजे तक प्रभावी होगा। करण बालव सुबह 9:14 तक और कौलव रात 8:27 तक रहेगा। सूर्योदय सुबह 5:40 बजे और सूर्यास्त शाम 6:57 बजे होगा। चंद्रोदय सुबह 9:28 बजे और चंद्रास्त देर रात 12:13 बजे के बाद होगा।
इस दिन शक संवत 1947 (विश्वावसु), विक्रम संवत 2082 (कालयुक्त), और गुजराती संवत 2081 (नल) रहेगा। वैशाख मास (अमांत और पूर्णिमांत दोनों) इस दिन प्रभावी होगा। शुक्रवार होने के कारण धार्मिक और मांगलिक कार्यों के लिए यह दिन विशेष रूप से शुभ माना जा रहा है।
शुभ मुहूर्त: कार्य शुरू करने का सही समय
1 मई को कई शुभ मुहूर्त बन रहे हैं, जो महत्वपूर्ण कार्यों के लिए आदर्श हैं। अभिजित मुहूर्त दोपहर 11:52 से 12:45 तक रहेगा, जो किसी भी नए काम की शुरुआत के लिए सबसे शुभ समय है। विजय मुहूर्त दोपहर 2:31 से 3:24 तक और गोधूलि मुहूर्त शाम 6:56 से 7:17 तक रहेगा। सायाह्न संध्या शाम 6:57 से 8:01 तक और निशिता मुहूर्त रात 11:56 से 12:39 तक रहेगा।
सर्वार्थ सिद्धि योग और रवि योग दोपहर 1:04 बजे से अगले दिन सुबह 5:39 बजे तक प्रभावी रहेंगे। ये योग व्यापार, खरीदारी, और धार्मिक अनुष्ठानों के लिए विशेष रूप से शुभ माने जाते हैं।
राहुकाल: इन समय से बचें
राहुकाल सुबह 10:39 से दोपहर 12:18 तक रहेगा। इस दौरान कोई भी शुभ कार्य, जैसे पूजा, विवाह, या नया व्यवसाय शुरू करना, टाल देना चाहिए। राहुकाल में किए गए कार्यों में बाधाएं आ सकती हैं, इसलिए सावधानी बरतें।
इस दिन क्या करें?
1 मई को तीन जयंतियों के साथ शुभ योगों का संयोग इसे पूजा-पाठ और दान-पुण्य के लिए आदर्श बनाता है। माता लक्ष्मी की पूजा, विष्णु सहस्रनाम का पाठ, या किसी मंदिर में दान करने से मानसिक शांति और समृद्धि मिलेगी।
अगर आप नया व्यवसाय शुरू करने या गृह प्रवेश की योजना बना रहे हैं, तो अभिजित या विजय मुहूर्त का लाभ उठाएं। सोशल मीडिया पर लोग इस दिन के महत्व को शेयर कर रहे हैं और इसे धार्मिक कार्यों के लिए शुभ बता रहे हैं।












