iPhone 17 Production Cut India (भारत में आईफोन 17 का प्रोडक्शन क्यों कम हुआ) : भारत में 20 फीसदी से अधिक कीमत बढ़ने के बाद स्टैंडर्ड आईफोन 17 की मांग में भारी गिरावट दर्ज की गई है। इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, घरेलू मांग घटने के चलते एप्पल ने स्थानीय बाजार के लिए इसके उत्पादन में कटौती शुरू कर दी है। हालांकि, विदेशी बाजारों में मजबूत मांग के चलते कंपनी अब इस बची हुई क्षमता का उपयोग एक्सपोर्ट के लिए करेगी।
Why apple cut iphone 17 production in India : एप्पल ने भारतीय बाजार के लिए अपने स्टैंडर्ड आईफोन 17 के उत्पादन में कटौती करने का फैसला लिया है। पिछले महीने बेस मॉडल की कीमतों में 20 फीसदी से ज्यादा की बढ़ोतरी के बाद घरेलू ग्राहकों की मांग तेजी से घटी है। मामले से जुड़े अधिकारियों ने इकोनॉमिक टाइम्स को बताया कि भारत के बाहर इस मॉडल की अंतरराष्ट्रीय मांग बेहद मजबूत है, इसलिए भारतीय प्लांट्स की उत्पादन क्षमता को अब पूरी तरह एक्सपोर्ट के लिए इस्तेमाल किया जाएगा।
कंपनी की इस रणनीति से देश में कुल मैन्युफैक्चरिंग क्षमता पर कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ेगा। भारतीय बाजार में जहां एक तरफ बेस मॉडल कमजोर पड़ा है, वहीं दूसरी तरफ हाल ही में पेश किए गए आईफोन 18 प्रो और नए फोल्डेबल ‘डुओ’ की मांग लगातार तेज बनी हुई है। जानकारों के अनुसार मांग के आधार पर प्रोडक्शन लाइन में फेरबदल करना कंपनी की सामान्य विनिर्माण प्रक्रिया का हिस्सा है।
कीमतों में भारी इजाफा
मेमोरी और जरूरी कंपोनेंट्स की बढ़ती लागत के साथ रुपये में आई कमजोरी के चलते एप्पल ने भारत में मौजूदा मॉडल्स के दाम 20 से 29 फीसदी तक बढ़ा दिए हैं। इस बढ़ोतरी के बाद स्टैंडर्ड आईफोन 17 (256 जीबी वेरिएंट) की कीमत लॉन्च के समय के 82,900 रुपये से बढ़कर 99,900 रुपये (iphone 17 price hike in india details) हो गई है।
सीधे तौर पर 20.5 फीसदी का यह इजाफा बजट को लेकर सतर्क रहने वाले भारतीय खरीदारों को बिल्कुल रास नहीं आ रहा है। चालू त्योहारी सीजन में दी जा रही तमाम छूट और ऑफर्स के बावजूद बेस मॉडल की बिक्री में कोई खास उछाल नहीं देखा गया है।
खरीदारी टाल रहे हैं ग्राहक
रिटेल कारोबारियों के मुताबिक ग्राहक अब बेस मॉडल पर लगभग एक लाख रुपये खर्च करने से बच रहे हैं। कई ग्राहक यह सोचकर अपनी खरीदारी टाल रहे हैं कि फरवरी में जब आईफोन 18 (iphone 18 pro demand vs iphone 17 base model) का रेगुलर मॉडल आएगा, तो उसकी कीमत भी इसी के आसपास होगी।
इसके विपरीत, जो ग्राहक प्रीमियम सेगमेंट में बजट बढ़ा सकते हैं, वे 15,000 से 25,000 रुपये अतिरिक्त खर्च करके सीधे आईफोन 17 के ‘प्रो’ मॉडल की तरफ रुख कर रहे हैं। जिन ग्राहकों का बजट सीमित है, वे पुराने रिफर्बिश्ड मॉडल जैसे कि आईफोन 16 को प्राथमिकता दे रहे हैं।
प्रो मॉडल की बढ़ेगी हिस्सेदारी
भारतीय स्मार्टफोन बाजार में बिकने वाले कुल आईफोन्स में करीब 85 फीसदी हिस्सेदारी हमेशा से रेगुलर कंज्यूमर मॉडल्स (why buyers are choosing iphone 16 refurbished) की रही है। लेकिन मौजूदा बाजार रुख को देखते हुए इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स का अनुमान है कि कुल बिक्री में ‘प्रो’ मॉडल्स की हिस्सेदारी 15 फीसदी से बढ़कर 20 फीसदी तक पहुंच सकती है।
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वैश्विक स्तर पर प्रो मॉडल की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए एप्पल अपनी असेंबली लाइनों की संख्या बढ़ाकर लगभग एक दर्जन तक करने की योजना पर भी काम कर रहा है। इंडस्ट्री के जानकारों का कहना है कि भारत में भी अब प्रीमियम फीचर्स के प्रति आकर्षण बढ़ रहा है, जिससे आने वाले समय में बेस और प्रो मॉडल्स के बीच का बिक्री अंतर तेजी से कम होगा। #iPhone17 #AppleIndia #TechNewsUpdate
डिस्क्लेमर: यह रिपोर्ट इंडस्ट्री सूत्रों और ईटी की प्रकाशित जानकारी के आधार पर तैयार की गई है। एप्पल की ओर से इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।










