Apple Intelligence Lawsuit: Apple’s troubles increased before iPhone 17! Authors filed a lawsuit of Rs 3.4 crore, serious allegations on AI!: नई दिल्ली: iPhone 17 सीरीज के लॉन्च से पहले एप्पल मुश्किल में फंस गया है। मशहूर लेखक ग्रैडी हेंड्रिक्स और जेनिफर रॉबर्सन ने कंपनी पर सनसनीखेज आरोप लगाया है।
उनका दावा है कि एप्पल ने उनकी किताबों को बिना इजाजत अपनी AI तकनीक Apple Intelligence को ट्रेन करने के लिए इस्तेमाल किया। इस मामले ने टेक जगत में कॉपीराइट और AI को लेकर बड़ी बहस छेड़ दी है। आइए जानते हैं इस विवाद की पूरी कहानी।
कॉपीराइट उल्लंघन का गंभीर इल्जाम Apple Intelligence Lawsuit
लेखकों ने मुकदमे में कहा है कि एप्पल ने Applebot नाम के स्क्रेपर के जरिए “शैडो लाइब्रेरीज” से उनकी किताबें चुराईं। ये किताबें उनकी बौद्धिक संपत्ति हैं, और बिना अनुमति इस्तेमाल करना कॉपीराइट का साफ उल्लंघन है।
Apple Intelligence पर सवाल
एप्पल अपनी AI तकनीक Apple Intelligence को iPhone, iPad और MacBook में ला रहा है। लेकिन मुकदमे के अनुसार, इस AI को ट्रेन करने के लिए कंपनी ने पायरेटेड डेटा का सहारा लिया, जिसमें लेखकों की किताबें भी शामिल थीं।
9 साल तक चुपके से डेटा चोरी
लेखकों का आरोप है कि एप्पल ने करीब 9 साल तक चुपके से डेटा स्क्रैप किया और बाद में खुलासा हुआ कि यह डेटा उनके AI मॉडल्स को ट्रेन करने में इस्तेमाल हुआ। कंपनी ने न तो अनुमति ली और न ही लेखकों को कोई भुगतान किया।
टेक कंपनियों पर बढ़ रहे मुकदमे
यह कोई अकेला मामला नहीं है। AI कंपनी Anthropic ने हाल ही में 1.5 अरब डॉलर का समझौता किया ताकि लेखकों के मुकदमे खत्म हों। OpenAI पर न्यूयॉर्क टाइम्स जैसे संगठनों ने केस ठोका है। Microsoft पर भी इस साल Megatron AI के लिए लेखकों की किताबों के इस्तेमाल का आरोप लगा था।
अब क्या होगा?
एप्पल पर लगे ये आरोप न सिर्फ कंपनी के लिए कानूनी मुश्किलें बढ़ा रहे हैं, बल्कि AI इंडस्ट्री को भी चेतावनी दे रहे हैं कि बिना अनुमति क्रिएटिव कंटेंट का इस्तेमाल भारी पड़ सकता है। कोर्ट का आने वाला फैसला इस बहस की दिशा तय करेगा।













