Viral Video: भारतीय रेलवे में आपने यात्रियों की भीड़ और सीट के लिए मारामारी तो बहुत देखी होगी। मगर क्या आपने कभी ऐसी ट्रेन देखी है जिसमें भगवान के लिए पूरी एक बर्थ रिजर्व हो। बिहार से दक्षिण भारत की यात्रा पर निकली एक विशेष ट्रेन इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है।
इस ट्रेन के एक स्लीपर कोच को चलते फिरते मंदिर का रूप दे दिया गया है। यहां यात्री अपने आराध्य भगवान गणेश के साथ सफर कर रहे हैं। कोच के अंदर का माहौल किसी तीर्थ स्थल से कम नहीं है, जहां दिन रात भजन और कीर्तन की गूंज सुनाई देती है।
स्लीपर कोच बन गया भक्ति का केंद्र
आमतौर पर ट्रेन की ऊपरी बर्थ सोने या सामान रखने के काम आती है। लेकिन इस ट्रेन में नजारा बिल्कुल अलग है। श्रद्धालुओं ने एक स्लीपर कोच की अपर बर्थ को बहुत ही खूबसूरती से सजाकर वहां भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित की है। यह केवल एक मूर्ति नहीं है, बल्कि पूरी विधि विधान से यहां पूजा की जाती है। कोच में सफर कर रहे यात्री ढोल मजीरे और झांझ लेकर भजन गाते हैं। पूरी बोगी का वातावरण भक्तिमय हो गया है और यात्री इसे एक आध्यात्मिक अनुभव मान रहे हैं।
कौन सी है यह खास ट्रेन
यह कोई सामान्य पैसेंजर ट्रेन नहीं है। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक यह ‘भारत गौरव टूरिस्ट ट्रेन’ है। इस ट्रेन की शुरुआत बिहार के सुगौली स्टेशन से हुई है जो दक्षिण भारत के प्रमुख तीर्थ स्थलों के दर्शन कराएगी। इस विशेष ट्रेन में कुल 464 यात्री सवार हैं जिनमें ज्यादातर बुजुर्ग श्रद्धालु शामिल हैं। सुविधा के लिहाज से इसमें आठ स्लीपर कोच, एक थर्ड एसी, एक सेकंड एसी और खाने पीने के लिए एक पेंट्री कार भी जोड़ी गई है।
रेलवे के नियमों का पूरा पालन
इंस्टाग्राम पर वायरल हो रहे इस वीडियो को लेकर लोगों के मन में सुरक्षा को लेकर सवाल उठना लाजमी है। हालांकि जानकारी के मुताबिक पूजा पाठ के दौरान रेलवे के सुरक्षा मानकों का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। वीडियो शेयर करने वाले पेज ने बताया कि सभी अनुष्ठान भारतीय रेलवे के नियमों के दायरे में रहकर किए जा रहे हैं। अगरबत्ती या दीपक जलाते समय आग से बचाव के इंतजामों का ध्यान रखा जाता है ताकि अन्य यात्रियों को असुविधा न हो और यात्रा सुरक्षित रहे।
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धार्मिक पर्यटन को मिल रहा बढ़ावा
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत गौरव जैसी ट्रेनें देश में धार्मिक पर्यटन को एक नया आयाम दे रही हैं। जब बुजुर्ग तीर्थयात्रा पर निकलते हैं तो उन्हें घर जैसा माहौल और सात्विक भोजन चाहिए होता है। इस तरह की ट्रेनें न केवल उन्हें सुरक्षा देती हैं बल्कि समान विचार वाले लोगों के साथ सत्संग का मौका भी देती हैं। भगवान गणेश को यात्रा का साथी बनाकर ये श्रद्धालु यह संदेश दे रहे हैं कि आस्था के लिए कोई जगह छोटी नहीं होती।
सोशल मीडिया पर लोग कर रहे तारीफ
इस अनोखी ट्रेन का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर ‘indianstories.io’ नामक पेज ने साझा किया है। वीडियो में देखा जा सकता है कि कैसे ट्रेन के पहियों की आवाज के साथ साथ भजनों की धुन मिल रही है। लोग इस पहल को आस्था और अनुशासन का अनूठा संगम बता रहे हैं। सोशल मीडिया यूजर्स का कहना है कि हजारों किलोमीटर की थकान भरी यात्रा में ऐसा माहौल मन को शांति देने वाला है।












