UPI New Rule June 1 : भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) ने देश में डिजिटल बैंकिंग को सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए 1 जून से एक नया नियम लागू कर दिया है। अब Google Pay, PhonePe, Paytm समेत देश के तमाम बड़े UPI प्लेटफॉर्म्स पर किसी भी व्यक्ति या व्यापारी को पैसे भेजने से पहले प्राप्तकर्ता का बैंक में दर्ज असली नाम स्क्रीन पर फ्लैश होगा। उपभोक्ता जैसे ही पैसे भेजने की प्रक्रिया शुरू करेंगे, यूपीआई पिन (UPI PIN) दर्ज करने से ठीक पहले यह सत्यापित नाम स्क्रीन पर आ जाएगा। इस फैसले का सीधा असर हरियाणा, दिल्ली-एनसीआर समेत देश के करोड़ों मोबाइल वॉलेट उपभोक्ताओं पर पड़ेगा जो रोजाना दूध-सब्जी से लेकर बड़े व्यापारिक लेनदेन के लिए यूपीआई का इस्तेमाल करते हैं।
QR कोड स्कैन करने पर दूर होगा भ्रम
अब तक बाजार में दुकानों पर लगे कई QR कोड को स्कैन करने के बाद केवल उस व्यापारिक प्रतिष्ठान का नाम या कोई कोड आईडी ही स्क्रीन पर दिखाई देती थी। कई बार इससे आम ग्राहकों में असमंजस की स्थिति पैदा हो जाती थी कि पैसा सही जगह जा रहा है या नहीं। आज से लागू हुई इस नई व्यवस्था के बाद ग्राहक जैसे ही किसी दुकान या रेहड़ी-पटरी वाले का QR कोड स्कैन करेंगे, उन्हें सीधे उस बैंक खाते का वास्तविक नाम दिखेगा जिसमें पैसा ट्रांसफर होना है। इससे उपभोक्ता भुगतान से पहले ही पूरी तरह आश्वस्त हो सकेंगे।
ऑनलाइन फ्रॉड और गलत ट्रांजैक्शन पर लगेगी लगाम
साइबर अपराधियों द्वारा नकली QR कोड लगाकर और गलत पहचान बताकर लोगों से पैसे ठगने के मामले लगातार सामने आ रहे थे। इसके अलावा जल्दबाजी में एक गलत नंबर टाइप होने से पैसे किसी अन्य व्यक्ति के खाते में ट्रांसफर हो जाते थे। एनपीसीआई के इस नए बदलाव के बाद खाताधारक का बैंक सत्यापित नाम सामने आने से ऐसे फर्जीवाड़े और मानवीय गलतियों की गुंजाइश लगभग खत्म हो जाएगी। साइबर ठगी के बढ़ते मामलों के बीच आम जनता की गाढ़ी कमाई को सुरक्षित रखने में यह व्यवस्था बेहद कारगर साबित होगी।
छोटे व्यापारियों और दुकानदारों को बदलना होगा तरीका
इस नए नियम का सीधा प्रभाव बाजार के छोटे और मंझोले कारोबारियों पर भी देखने को मिलेगा। अक्सर देखा जाता है कि दुकान का नाम कुछ और होता है और उनका चालू या बचत खाता किसी पारिवारिक सदस्य के नाम पर होता है। ऐसे में जब ग्राहक QR कोड स्कैन करेंगे और दुकान की जगह किसी व्यक्ति का नाम दिखेगा, तो उनके मन में सुरक्षा को लेकर संशय पैदा हो सकता है। इस स्थिति से बचने के लिए अब व्यापारियों को अपने बैंक खाते के नाम और व्यावसायिक पहचान के बीच सही तालमेल बिठाना होगा ताकि ग्राहकों का भरोसा कम न हो।
आम उपभोक्ताओं के लिए लेनदेन हुआ आसान
इस बदलाव का सबसे सीधा और बड़ा फायदा आम जनता को मिलने जा रहा है। देश का एक सामान्य नागरिक अब बिना किसी डर के डिजिटल लेनदेन कर सकेगा क्योंकि पिन डालने से पहले ही उसे अंतिम पुष्टि मिल जाएगी। गलत खाते में पैसे ट्रांसफर होने की टेंशन खत्म होने से न केवल ग्रामीण इलाकों में डिजिटल पेमेंट के प्रति विश्वास बढ़ेगा, बल्कि पूरी भुगतान प्रणाली में पारदर्शिता आएगी। #UPINewRule #DigitalIndia #CyberSafety
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