Black Friday Sale: ब्लैक फ्राइडे एक वैश्विक शॉपिंग फेस्टिवल है जहां स्टोर्स और ई कॉमर्स साइट्स पर भारी छूट मिलती है। जानें Black Friday Sale का इतिहास, इसका मतलब और इसे ब्लैक फ्राइडे क्यों कहा गया।
Black Friday Sale 2025 क्या है और क्यों कहा जाता है इसे ब्लैक फ्राइडे Black Friday Sale
ब्लैक फ्राइडे क्या होता है
ब्लैक फ्राइडे सेल की शुरुआत अमेरिका से हुई और आज यह दुनिया का सबसे बड़ा शॉपिंग फेस्टिवल बन चुका है। हर साल नवंबर के आखिरी गुरुवार को अमेरिका में थैंक्सगिविंग डे मनाया जाता है। इसके अगले दिन से लोग क्रिसमस की तैयारियों में जुट जाते हैं। गिफ्ट्स, सजावट का सामान और जरूरत की कई चीजें खरीदने की होड़ शुरू हो जाती है।
इसी मांग को देखकर स्थानीय दुकानदारों ने भारी डिस्काउंट देना शुरू किया। शुरुआत में यह एक छोटी सेल थी, लेकिन समय के साथ यह दुनिया की सबसे बड़ी सेल में बदल गई। आज ब्लैक फ्राइडे सेल अमेरिका से निकलकर भारत, यूरोप और एशिया तक फैल चुकी है। ई कॉमर्स साइट्स पर इस दिन मिलने वाली बंपर छूट का लोग सालभर इंतजार करते हैं।
ब्लैक फ्राइडे नाम की शुरुआत कैसे हुई
अब सवाल यह है कि इतनी बड़ी सेल के मौके को ब्लैक फ्राइडे नाम क्यों दिया गया। नाम में ‘ब्लैक’ आते ही नेगेटिविटी का एहसास होता है, लेकिन इसकी कहानी दिलचस्प है।
1960 के दशक में अमेरिका के फिलाडेल्फिया शहर में थैंक्सगिविंग के अगले दिन लोग भारी संख्या में शॉपिंग के लिए निकल पड़े। नतीजा यह हुआ कि सड़कों पर जाम लग गया, पार्किंग की मारामारी शुरू हो गई और दुकानों के बाहर लंबी लाइनें लग गईं। भीड़ संभालने में पुलिसकर्मियों को भारी परेशानी हुई। यह अव्यवस्था देखकर उन्होंने इस दिन को ‘ब्लैक फ्राइडे’ नाम दे दिया।
ब्लैक फ्राइडे को मिला पॉजिटिव ट्विस्ट
1980 और 1990 के दौर में अमेरिकी रिटेलर्स ने इस नेगेटिव नाम को पॉजिटिव मोड़ दे दिया। उस समय दुकानदार अपने खातों में घाटे को लाल स्याही और मुनाफे को काली स्याही से लिखते थे। ब्लैक फ्राइडे पर लोग इतनी खरीदारी करते थे कि दुकानदारों के अकाउंट काली स्याही से भर जाते थे। इसी कहानी को रिटेलर्स ने लोगों को समझाया और तब से ब्लैक फ्राइडे एक सकारात्मक और बड़े सेल डे के रूप में पहचाना जाने लगा।












