WhatsApp जल्द ऐसा फीचर लाने जा रहा है, जिससे यूजर्स बिना मोबाइल नंबर साझा किए सिर्फ यूजरनेम के जरिए एक-दूसरे से जुड़ सकेंगे। कंपनी ने यूजरनेम रिजर्वेशन की शुरुआत कर दी है, जबकि यूजरनेम आधारित चैटिंग फीचर आने वाले महीनों में सभी यूजर्स के लिए जारी किया जाएगा।
व्हाट्सएप अब तक पूरी तरह से मोबाइल नंबर पर आधारित प्लेटफॉर्म रहा है, जहां किसी से भी चैट शुरू करने के लिए उसका नंबर सेव करना अनिवार्य होता है। लेकिन कंपनी अब पहली बार ऐसा बड़ा बदलाव कर रही है जिससे लोग बिना मोबाइल नंबर बताए केवल एक यूनिक यूजरनेम के जरिए एक-दूसरे से जुड़ सकेंगे। इस नए अपडेट के तहत हर यूजर को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की तरह अपना एक खास यूजरनेम बनाने की सुविधा मिलेगी। इसके बाद कोई भी व्यक्ति आपको उसी यूजरनेम से सर्च करके सीधे चैट बॉक्स में आ सकेगा, जिससे आपका पर्सनल नंबर पूरी तरह हिडन यानी छिपा रहेगा।
अपने अकाउंट के लिए व्हाट्सएप यूजरनेम कैसे रिजर्व करें?
अगर आपके स्मार्टफोन में व्हाट्सएप का लेटेस्ट वर्जन इंस्टॉल है, तो आप अभी से अपना पसंदीदा यूजरनेम सुरक्षित कर सकते हैं। इसके लिए सबसे पहले अपने फोन में व्हाट्सएप खोलें और सेटिंग्स (Settings) के विकल्प में जाएं। इसके बाद अकाउंट (Account) वाले विकल्प पर टैप करते ही आपको ‘Username’ का नया ऑप्शन दिखाई देगा। इस पर क्लिक करके आप अपनी पसंद का नाम दर्ज कर सकते हैं और अगर वह नाम उपलब्ध हुआ, तो वह तुरंत आपके लिए रिजर्व हो जाएगा। ध्यान रहे कि फिलहाल कंपनी सिर्फ नाम बुक करने की सुविधा दे रही है, जबकि इस यूजरनेम के जरिए सीधे चैट करने और नंबर छिपाने का मुख्य फीचर आने वाले कुछ महीनों में दुनिया भर के यूजर्स के लिए पूरी तरह एक्टिव कर दिया जाएगा।
आम जनता और महिलाओं के लिए क्यों जरूरी था यह प्राइवेसी अपडेट?
व्हाट्सएप पर सबसे बड़ी सुरक्षा और प्राइवेसी की समस्या हमेशा से मोबाइल नंबर ही रही है। किसी दुकानवाले, ग्राहक, कैब ड्राइवर या ऑनलाइन सेलर से मामूली काम के लिए भी बात करने पर नंबर शेयर हो जाता है, जिससे बाद में अनचाहे कॉल, मैसेज या साइबर फ्रॉड का खतरा बढ़ जाता है। नया फीचर आने के बाद आम यूजर सिर्फ अपना यूजरनेम साझा करेगा, जिससे उसकी प्राइवेसी बरकरार रहेगी। यह अपडेट विशेष रूप से महिलाओं, ऑनलाइन बिजनेस चलाने वालों, कंटेंट क्रिएटर्स, पत्रकारों, फ्रीलांसरों और स्टूडेंट्स के लिए गेम-चेंजर साबित होगा, जिन्हें रोजाना कई अनजान लोगों से संपर्क करना पड़ता है।
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क्या व्हाट्सएप से मोबाइल नंबर की जरूरत पूरी तरह खत्म हो जाएगी?
इस बदलाव का मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि व्हाट्सएप से मोबाइल नंबर का अस्तित्व खत्म हो जाएगा। नया अकाउंट बनाने और वेरिफिकेशन के लिए मोबाइल नंबर की जरूरत पहले की तरह ही अनिवार्य रहेगी, लेकिन यह नंबर केवल आपके बैकएंड डेटा में सुरक्षित रहेगा। यह ठीक टेलीग्राम ऐप की तरह काम करेगा, जहां यूजरनेम की सुविधा पहले से मौजूद है। व्हाट्सएप के पास इस समय दुनिया भर में 2 अरब से भी ज्यादा एक्टिव यूजर्स हैं, जिसके कारण यह नया अपडेट लागू होते ही यह दुनिया का सबसे बड़ा यूजरनेम बेस्ड सुरक्षित मैसेजिंग नेटवर्क बन जाएगा।
यूजरनेम चुनते समय किन नियमों और शर्तों का ध्यान रखना होगा?
व्हाट्सएप ने इस नए सिस्टम के लिए ‘पहले आओ, पहले पाओ’ (First Come, First Served) का नियम तय किया है। इसका मतलब है कि जो यूजर पहले अपना पसंदीदा नाम बुक कर लेगा, वह यूजरनेम उसी का हो जाएगा और एक ही नाम दो अलग-अलग लोगों को नहीं मिल सकेगा। इसके साथ ही व्हाट्सएप ने साफ किया है कि किसी भी तरह के आपत्तिजनक, भ्रामक या कंपनी की गाइडलाइंस का उल्लंघन करने वाले नामों को ब्लॉक कर दिया जाएगा। अगर कोई यूजर भविष्य में अपना रिजर्व किया हुआ यूजरनेम बदलना चाहेगा, तो उसे सेटिंग्स में जाकर इसे री-एडिट करने की पूरी आजादी मिलेगी।
क्या WhatsApp अब Telegram की तरह काम करेगा?
यूजरनेम की सुविधा पहले से कुछ अन्य मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर मौजूद है। अब WhatsApp भी इसी दिशा में आगे बढ़ रहा है। अंतर यह है कि WhatsApp के दुनिया भर में 2 अरब से अधिक यूजर्स हैं, इसलिए यह बदलाव बड़े स्तर पर डिजिटल कम्युनिकेशन के तरीके को प्रभावित कर सकता है।
हालांकि अकाउंट का आधार मोबाइल नंबर ही रहेगा, लेकिन यूजर यह तय कर सकेंगे कि किन लोगों को उनका नंबर दिखाई दे और किन्हें केवल यूजरनेम के जरिए उनसे संपर्क करने की अनुमति मिले।
प्राइवेसी के लिहाज से कितना अहम है यह बदलाव?
यह WhatsApp के सबसे बड़े प्राइवेसी अपडेट्स में शामिल माना जा रहा है। अब तक प्लेटफॉर्म पर किसी व्यक्ति की पहचान उसका मोबाइल नंबर होता था, लेकिन आने वाले समय में यूजरनेम भी उसकी पहचान बन सकेगा।
इससे यूजर्स को अपनी निजी जानकारी पर पहले से अधिक नियंत्रण मिलेगा। खासकर ऐसे लोग जो रोजाना नए संपर्कों से जुड़ते हैं, वे बिना मोबाइल नंबर साझा किए भी WhatsApp का इस्तेमाल अधिक सुरक्षित तरीके से कर सकेंगे।










