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Blue light effects on eyes: मोबाइल-लैपटॉप की रोशनी कैसे खराब कर रही आपकी आंखें?

On: नवम्बर 22, 2025 6:45 पूर्वाह्न
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Blue light effects on eyes: मोबाइल-लैपटॉप की रोशनी कैसे खराब कर रही आपकी आंखें?
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Blue light effects on eyes:आज की डिजिटल दुनिया में स्मार्टफोन, लैपटॉप, टीवी और टैबलेट हमारे रोजमर्रा की जरूरत बन गए हैं। लेकिन इन सभी गैजेट्स से निकलने वाली ब्लू लाइट (Blue Light) धीरे-धीरे हमारी आंखों की सेहत पर बुरा असर डाल रही है।

कई लोग सोचते हैं कि केवल रात में या घंटों स्क्रीन देखने से आंखें खराब होती हैं, लेकिन सच इससे भी गहरा है। ब्लू लाइट का लगातार संपर्क आंखों के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। आइए समझते हैं कि ब्लू लाइट क्या है और यह क्यों आंखों पर असर डालती है।

ब्लू लाइट क्या होती है? Blue light effects on eyes

ब्लू लाइट एक हाई-एनर्जी विजिबल (HEV) लाइट है। इसकी तरंगें छोटी होती हैं, लेकिन इनमें ऊर्जा बहुत ज्यादा होती है।
सूरज से भी ब्लू लाइट मिलती है, लेकिन डिजिटल स्क्रीन से निकलने वाली नीली रोशनी आंखों पर ज्यादा असर डालती है, क्योंकि ये हमारी आंखों के बहुत करीब और लगातार रहती है।

ब्लू लाइट का आंखों पर क्या असर पड़ता है?

आंखों की नमी कम हो जाती है
लंबे समय तक स्क्रीन देखने से ब्लू लाइट आंखों की नमी खींच लेती है, जिससे

सूखापन

खुजली

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लालिमा

जलन
जैसी परेशानियां होने लगती हैं।

रेटिना पर सीधा असर

ब्लू लाइट की हाई एनर्जी रेटिना को प्रभावित करती है।
लंबे समय तक इसके संपर्क में रहने से रेटिनल सेल्स को नुकसान तक पहुंच सकता है।

सिरदर्द और माइग्रेन

जो लोग रोज कई घंटे फोन या लैपटॉप देखते हैं, उन्हें

सिरदर्द

आंखों के पीछे दर्द

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माइग्रेन
की समस्या ज्यादा होने लगती है।

नींद खराब कर देती है

ब्लू लाइट आपके मेलाटोनिन हार्मोन को दबाती है, जो नींद कंट्रोल करता है।
इसलिए सोने से पहले स्क्रीन देखने पर नींद टूटने, देर से नींद आने या खराब नींद की समस्या हो सकती है।

डिजिटल आई स्ट्रेन

लगातार स्क्रीन देखने से आंखों पर तनाव बढ़ता है। इसे डिजिटल आई स्ट्रेन कहा जाता है। इसमें

धुंधला दिखना

आंखों में भारीपन

थकान
जैसे लक्षण दिखाई देते हैं।

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ब्लू लाइट पूरी तरह हानिकारक नहीं है, लेकिन डिजिटल लाइफस्टाइल में इसकी अत्यधिक मात्रा आंखों को नुकसान पहुंचा सकती है।

थोड़ी सावधानी—जैसे स्क्रीन टाइम सीमित करना, ब्लू लाइट फिल्टर लगाना और बीच-बीच में ब्रेक लेना—आंखों को सुरक्षित रखने में मदद करता है।

अमित गुप्ता

पत्रकारिता में पिछले 30 वर्षों का अनुभव। दैनिक भास्कर, अमर उजाला में पत्रकारिता की। दैनिक भास्कर में 20 वर्षों तक काम किया। अब अपने न्यूज पोर्टल हरियाणा न्यूज पोस्ट (Haryananewspost.com) पर बतौर संपादक काम कर रहा हूं। खबरों के साथ साथ हरियाणा के हर विषय पर पकड़। हरियाणा के खेत खलियान से राजनीति की चौपाल तक, हरियाणा सरकार की नीतियों के साथ साथ शहर के विकास की बात हो या हर विषयवस्तु पर लिखने की धाकड़ पकड़। म्हारा हरियाणा, जय हरियाणा।

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