Fatehabad News (फतेहाबाद) : जिले के प्रमुख चार सड़क मार्गो के बीच बसा गांव कुलां आज एक समृद्ध और आत्मनिर्भर पंचायत की मिसाल बन चुका है। लगभग आठ हजार की आबादी और करीब 3,700 मतदाताओं बला यह गांव सुविधाओं और आय के मामले में किसी छोटे शहर से कम नहीं है।
गांव में पुलिस चौकी, उपतहसील, बिजलीघर, बैंक, स्कूल, स्वास्थ्य केंद्र, पशु अस्पताल, गुरुद्वारा मंदिर और जिले की एकमात्र मिट्टी पानी लैब मौजूद है। गांव के मुख्य मार्गों पर सैकड़ों दुकानें हैं, जहां आसपास के दर्जनभर गांवों के लोग खरीदारी करने आते हैं 43 एकड़ पंचायत भूमि से होने वाली आमदनी ने पंचायत को धनवान बना दिया है।
वर्तमान में पंचायत को हर साल 30 लाख रुपये आय हो रही है। अब पंचायत ने जाखल रोड पर नई दुकानें बनाने का निर्णय लिया है, जिससे आय में और इजाफा होगा।
कुलां गांव का इतिहास
गांव के बुजुर्ग बताते है कि कुलों का नाम पहले कुलशहर था। समय के साथ यह कुलां के नाम से प्रचलित हो गया। आज यह गांव भाईचारे और आपसी सहयोग की मिसाल है। यहां सभी बिरादरियों के लोग मिलजुल कर रहते है। स्वतंत्रता संग्राम के समय यहां के लोग मुसलमान परिवारों की मदद करते थे, जो आज भी गांव की सामाजिक सद्भावना का प्रमाण है।
यहां 1952 में पहली चार पंचायत चुनाव हुए थे तब से लेकर अब तक तारा सिंह, छबील दास, कुलदीप सिंह, बलवीर सिंह, शांति देवी, जगविंदर सिंह और सुलोचना जैसे कई सरपंचों ने गांव के विकास में योगदान दिया। मौजूदा कार्यवाहक सरपंच गुरप्रीत नागरा गांव को नई दिशा देने में जुटे हुए हैं।
पंचायत की खास बातें
• खेल मैदान और वालीबाल कोर्ट, युवाओं को खेलों से जोड़ने का प्रयास
• जल्द ही पंचायत गांव में आधुनिक लाइब्रेरी शुरू करेगी।
• सभी सड़के और गलियां पक्की, स्वता पर विशेष ध्यान
कार्यवाहक सरपंच गुरप्रीत नागरा ने बताया कि गांव कुलों का विकास हमारी पहली प्राथमिकता है। पंचायत लगातार नए प्रोजेक्ट ला रही है। खेलों को बढ़ावा देने के लिए वालीवाल कोर्ट बनवाया गया है और जल्द ही गांव में लाइब्रेरी भी शुरू की जाएगी।
पंचायत की आय से नई दुकानें बनेगी, जिससे आय बढ़ेगी और विकास कार्य और गति पकड़ेंगे। हमारा सपना है कि कुलां को ब्लाक का दर्जा मिले और यहां के युवाओं को शिक्षा व रोजगार की और बेहतर सुविधाएं मिलें।
गांव के 50 से अधिक युवा विदेश में रह रहे
कुलां की समृद्धि का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि यहां 50 से अधिक युवा विदेशों में बस चुके है और 40 से ज्यादा युवा सेना में देश सेवा कर रहे है। कई ग्रामीण सरकारी सेवाओं और व्यवसाय में भी अग्रणी है। गांव में सभी गलियां व सड़के पक्की है, हर गली में स्ट्रीट लाइटे और सीसीटीवी कैमरे लगे है।
आज कुलां केवल एक पंचायत नहीं, बल्कि समृद्धि, विकास और भाईचारे का प्रतीक बन चुका है। गांव के लोग कहते है कि अगर इसे ब्लाक का दर्जा मिल जाए, तो प्रगति को और भी ज्यादा पंख लगेंगे।










