कुरुक्षेत्र (Geeta Mahotsav Kurukshetra 2025)। श्रीमद्भगवद गीता के 18 अध्यायों के थीम पर आधारित सदभावना यात्रा अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव का खास आकर्षण होगी। 14 नवंबर को इसी यात्रा व गीता रन के साथ महोत्सव का आगाज होगा, जिसके लिए खास तैयारियां की जा रही है। पहली सदभावना यात्रा को खास बनाने की तैयारी है। इसके लिए आकर्षक ढंग से सजे 18 मोटराइज्ड रथों को रूड़की से लाया जाएगा।
महोत्सव में सदभावना यात्रा निकाले जाने का बीड़ा मुख्यमंत्री नायब सैनी के आह्वान पर गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद के सानिध्य में सामाजिक व धार्मिक संस्थाओं ने अपने स्तर पर उठाया है। जहां इस यात्रा के जरिए गीता जयंती व सामाजिक तौर पर महोत्सव में भागीदारी बढ़ाने का संदेश दिया जाएगा।
यात्रा में शामिल झांकियों में भगवान श्रीकृष्ण, अर्जुन के माध्यम से पूरी मानवता को गीता संदेश देते दिखाई देंगे। साथ ही अनेक संत, महापुरूषों की भी बेहद आकर्षक झांकियां होंगी। हर संस्था का एक रथ होगा, सभी एक जैसे सजाए जाएंगे। यात्रा ज्योतिसर होती हुई पिपली तक जाएगी, वहां से लौटकर ब्रह्मसरोवर पर समाप्त होगी।
संस्थाओं की होगी भागीदारी
इस बार गीता ज्ञान संस्थानम, श्री जयराम विद्यापीठ, श्री ब्राह्मण तीर्थोद्वार सभा, जाट सभा, ब्राह्मण सभा सैनी सभा, कश्यप सभा, गुर्जर सभा, वाल्मिकी सभा, श्री खाटू श्याम परिवार, श्रीमदभगवदी गीता वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सहित अन्य संस्थाएं भी शामिल होंगी।
सद्भावना यात्रा संयोजक गुरनाम सिंह सैनी व सदस्य अशोक रोशा का कहना है कि प्रदेश सरकार व मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की भावना है कि गीता जयंती महोत्सव में समाज की भागीदारी अधिक से अधिक हो और सभी समाज के लोग गीता पढ़े गीता पढ़ाये का संदेश लेकर समाज के बीच में जाएं। इसी के चलते सामाजिक संस्थाएं भी आगे आई है। पहली बार सदभावना यात्रा निकालकर गीता संदेश के साथ-साथ सामाजिक सदभावना, समरसता व एकजुटता का भी संदेश दिया जाएगा।
Geeta Mahotsav Kurukshetra 2025: यात्रा का रूट
अभी तक बनाए रूट प्लान के अनुसार यात्रा पवित्र ब्रह्मसरोवर से शुरू होकर थर्ड गेट, मिर्जापुर, ज्योतिसर, शांतिनगर, झांसा रोड, पुराना बस अड्डा से पिपली पहुंचेगी। वहां से पूजा मार्डन स्कूल से होते हुए सेक्टर पांच, सात, 13 से मोहन नगर चौक से आरओबी लैग से रेलवे रोड होते हुए वापस ब्रह्मसरोवर पहुंचेगी।












