चंडीगढ़, 11 मई (हरियाणा न्यूज पोस्ट)। फैशन की दुनिया अक्सर अपनी अजीबोगरीब हरकतों के लिए जानी जाती है, लेकिन इस बार जो ट्रेंड सामने आया है उसने सबको हैरान कर दिया है। बड़े लग्जरी ब्रांड्स अब फटे हुए मोजे बेच रहे हैं जिन्हें ‘डिस्ट्रेस्ड लुक’ का नाम दिया गया है। इन मोजों की कीमत सुनकर किसी का भी सिर चकरा सकता है क्योंकि ये 15,000 रुपये से लेकर 80,000 रुपये तक की भारी-भरकम कीमत पर बिक रहे हैं।
हैरानी की बात यह है कि बाजार में इन मोजों को खरीदने के लिए रईसों की भीड़ लगी हुई है। जिस कीमत में एक मध्यम वर्गीय परिवार के सदस्य अपने लिए सोने के गहने खरीद सकते हैं, उतनी कीमत में लोग फटे हुए मोजे घर ले जा रहे हैं। सोशल मीडिया पर यह मामला चर्चा का केंद्र बना हुआ है और लोग इस फिजूलखर्ची पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।
सोने की कीमत से हो रही तुलना
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार एक जोड़ी मोजे की औसत कीमत 15 से 40 हजार रुपये के बीच है। अगर कोई व्यक्ति 80,000 रुपये वाला एक्सक्लूसिव जोड़ा खरीदता है, तो इतने पैसों में आज के रेट के हिसाब से लगभग 2 ग्राम से ज्यादा सोना आ सकता है। यह ट्रेंड दर्शाता है कि रईस तबका उपयोगिता से ज्यादा ब्रांड वैल्यू और ‘यूनिक’ दिखने की चाहत में पैसे खर्च कर रहा है।
View this post on Instagram
पुराने ट्रेंड का नया अवतार
यह पहली बार नहीं है जब फटे हुए कपड़ों को फैशन बताया गया हो। इससे पहले फटी हुई जींस (रिप्ड जींस), फटी शर्ट और मैली दिखने वाली टी-शर्ट भी इसी तरह महंगे दामों पर बिक चुकी हैं। फैशन डिजाइनर्स का तर्क है कि यह एक ‘आर्ट फॉर्म’ है जो पारंपरिक पहनावे को चुनौती देता है। हालांकि, आम जनता के लिए यह समझ पाना मुश्किल है कि फटे हुए कपड़ों के लिए इतनी मोटी रकम क्यों चुकाई जा रही है।
आम आदमी पर मनोवैज्ञानिक असर
इस तरह के ट्रेंड्स समाज में अमीरी और गरीबी की गहरी खाई को भी उजागर करते हैं। जहां एक तरफ लोग पुराने कपड़ों को रफू करवाकर पहनते हैं, वहीं दूसरी तरफ बनावटी फटे कपड़े स्टेटस सिंबल बन रहे हैं। यह फैशन इंडस्ट्री के उस चक्र को दर्शाता है जहां ‘अभाव’ को ही ‘लग्जरी’ बनाकर बेचा जा रहा है।
भारतीय रेलवे का अजूबा: एक ही समय में 3 अलग-अलग स्टेशनों पर दिखती है यह ट्रेन
ब्रेकिंग न्यूज़ और Trending News अपडेट के लिए Haryana News Post से जुड़े रहें।












