डिजिटल डेस्क, दिल्ली : गूगल ने भारत में एआई पावर्ड फोटो एडिटिंग फीचर लॉन्च किया है। अब यूजर्स अपनी भाषा में बोलकर फोटो सुधार सकते हैं। इसमें चेहरा बदलने और बैकग्राउंड ठीक करने की सुविधा है।
फोटो एडिटिंग की दुनिया में एक बड़ी क्रांति आ गई है। अब आपको अपनी तस्वीरों को सुधारने के लिए घंटों मेहनत नहीं करनी होगी और न ही जटिल टूल्स सीखने होंगे। गूगल ने भारतीय यूजर्स के लिए एक ऐसा शानदार फीचर पेश किया है जिसकी मदद से आप केवल बोलकर या लिखकर फोटो एडिट कर सकते हैं। यह सब मुमकिन हुआ है गूगल के जेमिनी एआई की बदौलत जो अब आपकी भाषा समझेगा और तस्वीरों को प्रोफेशनल टच देगा।
स्लाइडर का झंझट खत्म, अब बस बोलिए
पहले फोटो की ब्राइटनेस या कंट्रास्ट सेट करने के लिए हमें कई तरह के स्लाइडर्स और बटन से जूझना पड़ता था। लेकिन अब यह सब बीती बात हो गई है। गूगल के नए अपडेट के बाद आप सीधे एप को निर्देश दे सकते हैं। उदाहरण के लिए आप कह सकते हैं कि पीछे का नजारा धुंधला कर दो या चेहरे पर आ रही परछाई हटा दो। यह तकनीक इतनी स्मार्ट है कि एक ही वाक्य में कई सुधार एक साथ कर सकती है। इसका सबसे बड़ा फायदा उन लोगों को होगा जिन्हें एडिटिंग की तकनीकी जानकारी नहीं है।
बंद आंखें खुलेंगी और चेहरे पर आएगी मुस्कान
अक्सर ग्रुप फोटो लेते समय किसी न किसी की आंखें बंद आ जाती हैं या कोई मुस्कुराना भूल जाता है। गूगल का नया एआई टूल इस समस्या को जड़ से खत्म कर देगा। अब आप एआई से कहकर फोटो में दोस्त की बंद आंखें खुलवा सकते हैं। इसके अलावा किसी के चेहरे पर मुस्कान जोड़ना या चश्मा हटाना भी अब बाएं हाथ का खेल है। गूगल का कहना है कि यह तकनीक आपके प्राइवेट फेस ग्रुप्स का डेटा इस्तेमाल करती है ताकि बदलाव एकदम असली लगें और फोटो बनावटी न दिखे।
नैनो बनाना फीचर से दें रचनात्मकता को उड़ान
गूगल फोटोज में नैनो बनाना नाम का एक बेहद दिलचस्प फीचर जोड़ा गया है। यह सिर्फ सुधारने तक सीमित नहीं है बल्कि फोटो को नया रूप भी देता है। अगर आप चाहते हैं कि कमरे की फोटो में कोई नया फर्नीचर जुड़ जाए या पुरानी फटी हुई तस्वीर नई जैसी हो जाए तो यह अब संभव है। यह टूल तस्वीरों का फ्रेम बढ़ाने और लोगों या पालतू जानवरों को नई जगह पर फिट करने में भी माहिर है।
तकनीकी विशेषज्ञों का मानना है कि जेमिनी एआई का यह इंटीग्रेशन मोबाइल फोटोग्राफी के अनुभव को पूरी तरह बदल देगा। अब एडिटिंग के लिए महंगे सॉफ्टवेयर की जरूरत खत्म हो जाएगी। यह कदम गूगल को भारतीय बाजार में और भी मजबूत बनाएगा क्योंकि यहां क्षेत्रीय भाषाओं में कंटेंट और टूल्स की मांग लगातार बढ़ रही है।
अपनी भाषा में करें कमांड और रहें सुरक्षित
भारत की विविधता को देखते हुए गूगल ने हिंदी, तमिल, तेलुगु, मराठी, बंगाली और गुजराती जैसी कई भारतीय भाषाओं का सपोर्ट दिया है। यानी अब भाषा कोई बाधा नहीं बनेगी। वहीं डिजिटल दौर में फेक तस्वीरों के डर को कम करने के लिए सी2पीए क्रेडेंशियल्स भी जोड़े गए हैं। इससे यह साफ पता चल सकेगा कि फोटो में एआई की मदद से क्या बदलाव किए गए हैं। यह पारदर्शिता के लिहाज से एक बहुत जरूरी कदम है।












