ब्रेकिंग न्यूज़मौसमक्रिकेटऑटोमनोरंजनअपराधट्रेंडिंगकृषिलाइफस्टाइलराशिफलहरियाणा

हिंदू नववर्ष 2026: 19 मार्च से शुरू होगा विक्रम संवत 2083, जानें पूजा का सबसे शुभ मुहूर्त

On: March 17, 2026 2:16 PM
Follow Us:
हिंदू नववर्ष 2026: 19 मार्च से शुरू होगा विक्रम संवत 2083, जानें पूजा का सबसे शुभ मुहूर्त
Join WhatsApp Group

नई दिल्ली. सनातन धर्म का महान पर्व हिंदू नववर्ष विक्रम संवत 2083 इस साल 19 मार्च 2026 को पूरे देश में धूमधाम से मनाया जाएगा। इसी पावन तिथि से चैत्र नवरात्रि की भी शुरुआत हो रही है, जिसे शुभ कार्यों और नए निवेश के लिए बेहद फलदायी माना जाता है। पंचांग के अनुसार, गुरुवार को उदया तिथि में प्रतिपदा पड़ने के कारण इस दिन ब्रह्म मुहूर्त में पूजा और कलश स्थापना का विशेष महत्व रहेगा।

पूरे देश में इस पर्व को अलग-अलग नामों और स्थानीय परंपराओं के साथ मनाया जाता है। इसी पावन तिथि से आदिशक्ति की उपासना का पर्व चैत्र नवरात्रि भी शुरू हो रहा है, जिसके चलते घरों से लेकर मंदिरों तक माता रानी की कलश स्थापना की जाएगी।

ब्रह्मा जी ने की थी सृष्टि की रचना

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, हिंदू नववर्ष का यह दिन सृजन और नवजीवन का सबसे बड़ा प्रतीक है। पुराणों में स्पष्ट उल्लेख मिलता है कि इसी पावन तिथि पर भगवान ब्रह्मा ने इस पूरी सृष्टि की रचना की थी। वसंत ऋतु के आगमन के साथ प्रकृति में जो नए पत्ते और फूल खिलते हैं, वे इस पर्व की सकारात्मक ऊर्जा को कई गुना बढ़ा देते हैं। आम आदमी के लिए यह दिन सिर्फ एक कैलेंडर बदलने का नहीं, बल्कि आध्यात्मिक उन्नति और जीवन में नए संकल्प लेने का सबसे बड़ा अवसर होता है।

क्या फोन हटाने के बाद भी चार्जर खाता है बिजली? जानिए कितने यूनिट का होता है नुकसान और क्या हैं खतरे
क्या फोन हटाने के बाद भी चार्जर खाता है बिजली? जानिए कितने यूनिट का होता है नुकसान और क्या हैं खतरे

शुभ कार्य और निवेश के लिए उत्तम समय

सनातन परंपरा में इस दिन को किसी भी नए कार्य की शुरुआत के लिए बेहद शुभ माना गया है। लोग इस दिन नए व्यापार का उद्घाटन, प्रॉपर्टी या सोने की खरीद और शेयर बाजार में निवेश करना सबसे ज्यादा पसंद करते हैं। ज्योतिषियों के मुताबिक, इस दिन शुरू किए गए काम में पूरे साल बरकत बनी रहती है। यही कारण है कि बाजारों में इस दौरान भारी रौनक देखने को मिलती है और कारोबारी जगत के लिए भी यह समय काफी लाभकारी साबित होता है।

नववर्ष का सटीक मुहूर्त और पूजा विधि

पंचांग के अनुसार, चैत्र शुक्ल प्रतिपदा तिथि 19 मार्च 2026 की सुबह लगभग 6:45 से 6:52 बजे के बीच उदया तिथि के साथ मान्य होगी। इस दिन सुबह 4:00 से 5:30 बजे के बीच ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करना सबसे पवित्र माना जाता है। इसके बाद श्रद्धालु अपने घरों में कलश स्थापना (घटस्थापना) करके भगवान ब्रह्मा, श्री हरि विष्णु और मां दुर्गा की विधि-विधान से पूजा-अर्चना करते हैं।

मंत्र जाप और दान-पुण्य का महत्व

नववर्ष की पहली सुबह घर के पूजा घर में धूप, दीप और नैवेद्य अर्पित कर ‘ॐ ब्रह्माय नमः’ और ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र का जाप करना चाहिए। पूरे परिवार के साथ आरती करने और प्रसाद बांटने से घर में सुख-शांति का वास होता है। इसके अलावा, इस दिन जरूरतमंदों को अपनी क्षमता अनुसार दान देने और व्रत रखने से ग्रह दोष शांत होते हैं और पूरे वर्ष भाग्य का मजबूत साथ मिलता है।

Train Missed Refund Rule: ट्रेन मिस हो गई तो न हों परेशान, इस तरीके से वापस आ जाएगा टिकट का पैसा
Train Missed Refund Rule: ट्रेन मिस हो गई तो न हों परेशान, इस तरीके से वापस आ जाएगा टिकट का पैसा

AI डेटा सेंटर्स ने महंगे किए स्मार्टफोन्स, 20 हजार के बजट में अब ये 6 फोन्स हैं सबसे तगड़ी डील

ज़मीनी हकीकत, ब्रेकिंग न्यूज़ और Trending News अपडेट के लिए Haryana News Post से जुड़े रहें।

WhatsApp पर लीक नहीं होगा आपका पर्सनल नंबर, आ गया नया यूजरनेम फीचर, जानें कैसे करेगा काम
WhatsApp पर लीक नहीं होगा आपका पर्सनल नंबर, आ गया नया यूजरनेम फीचर, जानें कैसे करेगा काम

मौलिक गुप्ता

मौलिक गुप्ता एक प्रतिभाशाली और अनुभवी पत्रकार हैं, जो पिछले 8 वर्षों से एंटरटेनमेंट और ट्रेंडिंग टॉपिक्स पर आकर्षक और ताज़ा खबरें लिख रहे हैं। उनकी स्टोरीज़ बॉलीवुड, टीवी, सेलिब्रिटी अपडेट्स, वायरल ट्रेंड्स और सोशल मीडिया की हलचल को कवर करती हैं, जो पाठकों को मनोरंजन की दुनिया से जोड़े रखती हैं। मौलिक का लेखन शैली जीवंत, रोचक और समयानुकूल है, जो युवा और विविध पाठकों को आकर्षित करता है। वे Haryananewspost.com न्यूज़ प्लेटफॉर्म्स पर सक्रिय हैं, जहाँ उनके लेख ट्रेंडिंग विषयों पर गहरी अंतर्दृष्टि और मनोरंजक जानकारी प्रदान करते हैं।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment