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हैदराबाद की सड़कों पर साहस की मिसाल, मिलिए 3 बच्चों के लिए कैब चलाने वाली इस बहादुर महिला से

On: February 5, 2026 7:05 PM
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हैदराबाद की सड़कों पर साहस की मिसाल, मिलिए 3 बच्चों के लिए कैब चलाने वाली इस बहादुर महिला से
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हैदराबाद. आज के दौर में जब हम महिला सशक्तिकरण की बात करते हैं, तो अक्सर बड़े कॉर्पोरेट दफ्तरों या राजनीति की तस्वीरें दिमाग में आती हैं। लेकिन असली सशक्तिकरण कभी-कभी कैब की अगली सीट पर भी बैठा मिल जाता है। हैदराबाद में इन दिनों एक महिला कैब ड्राइवर नंदिनी की कहानी इंटरनेट पर छाई हुई है। जो अपनी मेहनत और हौसले से न केवल तीन बच्चों का पेट पाल रही हैं बल्कि समाज की रूढ़ियों को भी पीछे छोड़ रही हैं।

नंदिनी एक सिंगल मदर हैं और विजयवाड़ा की मूल निवासी हैं। अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा और बेहतर जीवन देने के लिए उन्होंने हैदराबाद जैसे बड़े शहर को अपनी कर्मभूमि चुना। पिछले एक साल से वह हैदराबाद की भीड़भाड़ वाली सड़कों पर उबर (Uber) कैब चलाकर अपना घर चला रही हैं।

जब दो ड्राइवरों ने मना किया तो नंदिनी बनीं सहारा

नंदिनी की यह प्रेरक कहानी तब चर्चा में आई जब हैदराबाद के निवासी सुरेश कोचाटिल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर अपना अनुभव साझा किया। सुरेश एक टीवी डिबेट के लिए स्टूडियो जा रहे थे। उन्होंने अपनी यात्रा के लिए उबर कैब बुक की थी लेकिन उनके साथ कुछ ऐसा हुआ जो अक्सर यात्रियों के साथ होता है। दो पुरुष ड्राइवरों ने उनकी बुकिंग स्वीकार की और फिर अचानक कैंसिल कर दी।

तभी सिस्टम ने तीसरी बार बुकिंग असाइन की और इस बार स्क्रीन पर एक महिला ड्राइवर का नाम फ्लैश हुआ। वह नंदिनी थीं। सुरेश बताते हैं कि नंदिनी को गाड़ी चलाते देख उन्हें सुखद आश्चर्य हुआ। बातचीत के दौरान उन्हें पता चला कि वह एक सिंगल मदर हैं और अपने परिवार की एकमात्र सहारा हैं।

महिला सशक्तिकरण का एक जीवंत उदाहरण

नंदिनी की कहानी इसलिए भी खास है क्योंकि वह किसी मजबूरी का रोना रोने के बजाय मेहनत को अपना हथियार बना रही हैं। भारत में कैब ड्राइविंग जैसे क्षेत्र में अभी भी पुरुषों का दबदबा माना जाता है। ऐसे में एक महिला का देर रात तक या व्यस्त सड़कों पर सुरक्षित ड्राइविंग करना एक बड़े बदलाव का संकेत है।

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  • कठिन संघर्ष: विजयवाड़ा से हैदराबाद आकर बसना और अजनबी शहर में रास्ता बनाना आसान नहीं था।

  • बच्चों की शिक्षा: नंदिनी का एकमात्र लक्ष्य अपने तीन बच्चों को पढ़ा-लिखाकर काबिल बनाना है।

  • सोशल मीडिया की सराहना: सुरेश के पोस्ट को अब तक 3 लाख से ज्यादा लोग देख चुके हैं और हजारों लोगों ने नंदिनी के जज्बे को सलाम किया है।

क्यों खास है नंदिनी जैसी महिलाओं की भूमिका

सुरेश कोचाटिल ने अपने पोस्ट में लिखा कि मीडिया में जिस सशक्तिकरण की बातें होती हैं, नंदिनी उसका वास्तविक चेहरा हैं। जब एक महिला स्टेयरिंग व्हील थामती है, तो वह न केवल एक गाड़ी चला रही होती है, बल्कि अपनी किस्मत भी खुद लिख रही होती है।

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आजकल गिग इकोनॉमी (Gig Economy) ने महिलाओं के लिए नए दरवाजे खोले हैं। उबर जैसी कंपनियां महिला ड्राइवरों को प्रोत्साहित कर रही हैं जिससे सुरक्षा और रोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं। नंदिनी की कहानी यह साबित करती है कि यदि मन में दृढ़ इच्छाशक्ति हो, तो कोई भी काम छोटा नहीं होता और कोई भी मंजिल दूर नहीं होती।

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मौलिक गुप्ता

मौलिक गुप्ता एक प्रतिभाशाली और अनुभवी पत्रकार हैं, जो पिछले 8 वर्षों से एंटरटेनमेंट और ट्रेंडिंग टॉपिक्स पर आकर्षक और ताज़ा खबरें लिख रहे हैं। उनकी स्टोरीज़ बॉलीवुड, टीवी, सेलिब्रिटी अपडेट्स, वायरल ट्रेंड्स और सोशल मीडिया की हलचल को कवर करती हैं, जो पाठकों को मनोरंजन की दुनिया से जोड़े रखती हैं। मौलिक का लेखन शैली जीवंत, रोचक और समयानुकूल है, जो युवा और विविध पाठकों को आकर्षित करता है। वे Haryananewspost.com न्यूज़ प्लेटफॉर्म्स पर सक्रिय हैं, जहाँ उनके लेख ट्रेंडिंग विषयों पर गहरी अंतर्दृष्टि और मनोरंजक जानकारी प्रदान करते हैं।

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