लेह/चंडीगढ़ (Ladakh Snow Leopard Video:)। लद्दाख की बर्फीली चोटियों पर सीमा सड़क संगठन (BRO) के कैमरे में एक दुर्लभ नजारा कैद हुआ है, जहां तीन हिम तेंदुए (Snow Leopards) एक साथ घूमते दिखाई दिए। आमतौर पर अकेले रहने वाले इन ‘पहाड़ों के भूत’ का एक साथ दिखना प्रकृति प्रेमियों के लिए किसी चमत्कार से कम नहीं है। यह वीडियो साबित करता है कि दुर्गम इलाकों में विकास और वन्यजीव संरक्षण साथ-साथ चल रहे हैं।
प्रकृति अक्सर हमें अपने रहस्यों से चौंका देती है। ऐसा ही एक अद्भुत नजारा लद्दाख की ऊंची और बर्फ से ढकी पहाड़ियों में देखने को मिला है। सीमा सड़क संगठन (BRO) ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर एक वीडियो साझा किया है, जिसमें तीन हिम तेंदुए (Snow Leopards) एक साथ बर्फीली ढलानों पर मस्ती करते और चलते हुए दिखाई दे रहे हैं।
‘पहाड़ों का भूत’ का दुर्लभ दीदार
हिम तेंदुए अपनी शर्मीली प्रकृति और बर्फ में छिपने की अद्भुत कला के लिए जाने जाते हैं, यही कारण है कि स्थानीय लोग इन्हें “पहाड़ों का भूत” कहते हैं। आमतौर पर ये अकेले रहना पसंद करते हैं, लेकिन वीडियो में तीन तेंदुओं का एक साथ दिखना वन्यजीव विशेषज्ञों के लिए भी एक सुखद आश्चर्य है।
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Spotting of the elusive Snow Leopard in the High Himalayas by Project Himank@BROindia—a powerful reminder that infrastructure development and nature conservation go hand in hand.@LAHDC_LEH @lg_ladakh @adgpi… pic.twitter.com/zUtKdc67kl
— 𝐁𝐨𝐫𝐝𝐞𝐫 𝐑𝐨𝐚𝐝𝐬 𝐎𝐫𝐠𝐚𝐧𝐢𝐬𝐚𝐭𝐢𝐨𝐧 (@BROindia) February 1, 2026
वीडियो में इनका ग्रे और सफेद फर बर्फ की सफेद चादर के साथ पूरी तरह घुल-मिल गया है। एक तेंदुआ आगे चल रहा है, जबकि बाकी दो उसके पीछे-पीछे पहाड़ी से नीचे उतरते दिख रहे हैं।
विकास और प्रकृति का संतुलन: BRO
BRO ने इस वीडियो को शेयर करते हुए एक महत्वपूर्ण संदेश दिया है। उन्होंने लिखा कि यह दुर्लभ दृश्य साबित करता है कि “बुनियादी ढांचे का विकास और प्रकृति संरक्षण साथ-साथ चल सकते हैं।”
लद्दाख में सड़कों का जाल बिछाने के बावजूद वन्यजीवों का वहां सुरक्षित महसूस करना एक बड़ी उपलब्धि है। सोशल मीडिया पर यूजर्स इसे ‘जादुई’ और ‘अद्भुत’ बता रहे हैं।
हरियाणा कनेक्शन: जवानों और पर्यटकों के लिए खास
यह खबर हरियाणा के लोगों के लिए भी विशेष महत्व रखती है। भारतीय सेना और BRO में हरियाणा के हजारों जवान और अधिकारी लद्दाख जैसे दुर्गम क्षेत्रों में तैनात हैं जो पर्यावरण की रक्षा में भी अहम भूमिका निभाते हैं।
इसके अलावा, गर्मियों में गुरुग्राम, रोहतक और अंबाला से बड़ी संख्या में बाइकर्स और पर्यटक लद्दाख जाते हैं। ऐसे में वन्यजीवों की यह मौजूदगी पर्यटन के लिहाज से भी एक सकारात्मक संकेत है।












