Mola Hussain ki shan mein Shayari Muharram 2025 Imam Hussain ki shan me sher in Hindi: हजरत इमाम हुसैन! यह नाम सुनते ही दिल में एक अजीब सी हलचल मचती है। एक ऐसी शख्सियत जिन्होंने न सिर्फ अपने समय में सच्चाई और इंसाफ की मिसाल कायम की, बल्कि उनकी बातें आज भी लाखों लोगों के लिए रोशनी का काम करती हैं। मोहर्रम का महीना आते ही हर मुस्लिम के दिल में हजरत इमाम हुसैन की शहादत का गम ताजा हो जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि उनकी शिक्षाएं और उनके अनमोल विचार आज भी हमें जीवन जीने का सही तरीका सिखाते हैं? आइए, इस मोहर्रम के मौके पर उनके कुछ ऐसे विचारों को जानें, जो आपके दिल को छू लेंगे और आपको एक बेहतर इंसान बनने की प्रेरणा देंगे।
Mola Hussain ki shan mein Shayari
बहत्तर के मुकाबले में जो थे करबला में लइक
शब्बीर की महफिल में वो आया नही करते
जिनके बड़ो ने माल खाया हो यजीद का
लंगर हुसैन का वो खाया नही करते
हुसैन इब्ने अली का नाम जारी है
खुदा के दिन की उम्र दराज जारी है
सजदे में रखके सर को ना उठाया हुसैन ने
अब तक मेरे हुसैन की नमाज जारी है
हुसैन दिन को बक्शी है जिंदगी तुने
कटाया सर बयत मगर ना की तुने
किया वो सजदा ब वक्ते रवा रवी तुने
नमाज जाती थी दुनिया से रोक ली तुने
फिर आज हक्क के लिए जां फिदा करे कोई
वफा भी जूम उठे यूं वफा करे कोई
नमाज तो चौदासो साल से इंतजार में है
उसे हुसैन की तरह अदा करे कोई
मोहर्रम और हजरत इमाम हुसैन का महत्व
मोहर्रम इस्लामिक कैलेंडर का पहला महीना है, जिसे शिया और सुन्नी दोनों समुदाय बेहद सम्मान देते हैं। इस महीने की 10वीं तारीख को आशूरा के रूप में जाना जाता है, जब हजरत इमाम हुसैन की शहादत हुई थी। करबला की जंग में उन्होंने न सिर्फ अपने परिवार को खोया, बल्कि सच्चाई और इंसाफ के लिए अपनी जान तक कुर्बान कर दी। उनकी ये कुर्बानी हमें सिखाती है कि सच्चाई के रास्ते पर चलना आसान नहीं, लेकिन यही जिंदगी का असली मकसद है। उनके अनमोल विचार आज भी हमें हिम्मत और धैर्य की सीख देते हैं।
Mola hussain ki shan mein shayari in urdu
बुलंदीयो से पूछिए सीना सीना हुसैन है
कदम कदम हुसैन है निशां निशां हुसैन है
दिलो में एहले दर्द के दवा दवा हुसैन है
ज़माना पूछता है कहा कहा हुसैन है
जहा जहा रसूल है वहा वहा हुसैन है
खुदी ने दिल से पूछा है बता कि क्या हुसैन है धड़क-धड़क की बोल उठा सदा सदा हुसैन है
शान ए अहलेबैत है सभी के सब मिसाल है
पर कोई नहीं हुसैन सा हुसैन बस हुसैन है
उमर से चल उमेर तक बशर से चल बशीर तक
बड़े-बड़े यह कह गए बहुत बड़ा हुसैन है
अजब लड़ी है जंग भी हुसैन ने यजीद से
हो ईस से बढ़कर जीत क्या यजीद था हुसैन है
हजरत इमाम हुसैन के अनमोल विचार
प्रेरणा का खजानाहजरत इमाम हुसैन के अनमोल विचार ऐसे हैं, जो न सिर्फ धार्मिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण हैं, बल्कि हर इंसान के लिए जीवन का मार्गदर्शन करते हैं। उन्होंने कहा था, “जो इंसान दूसरों के लिए अच्छा नहीं सोचता, वह खुद के लिए भी अच्छा नहीं सोच सकता।” इस बात में कितना गहरा अर्थ छिपा है! आज के दौर में जब लोग अपने स्वार्थ में डूबे हैं, यह विचार हमें दूसरों के लिए जीने की प्रेरणा देता है। उनका एक और मशहूर विचार है, “सच्चाई का रास्ता मुश्किल हो सकता है, लेकिन उसका फल हमेशा मीठा होता है।” यह हमें सिखाता है कि चाहे कितनी भी मुश्किलें आएं, सही रास्ते पर चलने से डरना नहीं चाहिए। उनकी ये बातें आज के युवाओं के लिए भी उतनी ही प्रासंगिक हैं, जितनी उस दौर में थीं।
हुसैन जिंदाबाद शायरी hindi
दिन की खातिर आन बान देते है
सिर्फ सर ही नहीं खानदान देते हैl
घराना देखो मेरे हुसैन का
के दूध पीते बचे भी जान देते है
अली के लाल ने हलचल मचा के रखी है
जमीनें करबला हिला के रखी है
हुसैन के दूध पीते सिपाही ने
यजीदी फोज की धज्जियां उड़ के रखी है
फना को दस्ते बका में उतार देता है
ये बेकसों के मुकद्दर सवार देता है
तलाशे आब में प्यासे तो मरते देखे हैं
हुसैन प्यास से पानी को मार देता है
हुसैन का दूध पीता बच्चा भी ये सदा देता है
हूरमला सामने आ धमकियां क्या देता है
नाम असगर है मेरा हु में अली का पोता
उंगलियों से खैबर को जो उखाड़ देता है
hussain shayari in hindi
हुसैन तेरा लहू लहद का उजाला है
कुछ शक नहीं इसमें के सरकारने तुझको पाला है
हुसैन तेरे मुकाबिल यजीद शेय क्या था
उसे तो तेरे नन्हे असगर ने मार डाला है
Imam Hussain Poetry In Hindi
करे बीमार को अच्छा उसे बीमार कहते है
आबिद भी जाहिद भी जिसे सरदार कहते है
क्यू कूफी तमाचे मार के लरजने लगे
अली के सब्र को भी बिलयकि ललकार कहते है
जो घर का सारा पानी पिला दे वो भी कातिल को
उसे मौला अली का हाशमी किरदार कहते है
यजीदी केह नही सकता खुद को यजीदी यारो
जो नस्लों तक लगे उसे हुसैनि मार कहते है
हुसैनी शायरी हिंदी में
कोई सुल्तान कोई शाह कोई बादशाह निकले
मजाल है इसमें से कोई हैदर निकले
कोई मिसम कोई सलमान कोई बू जर निकले
जो भी निकले वो मुकद्दर के सिकंदर निकले
ये जो असगर के लिए मांग रहे है पानी
मार से अगर जमी पे हाथ तो समंदर निकले
माल जब इस्लाम ने बांटा तो हजारों मौजूद थे
खून इस्लाम ने मांगा तो बहत्तर निकले
Wiladat Imam Hussain shayari
जो हैरतो में ना डाले वो कहानी कैसी
में सोचता हूं ये शोला बयानी कैसी
मेरे हुसैन मुझे अर्जे करबला की कसम
जो तेरे काम ना आए वो जवानी कैसी
जहां है मौत वहा जिंदगी हुसैन से है
शबे हयात में हर रोशनी हुसैन से है
अरे यजीदियत से हमारी बनी ही नहीं
और बनती भी कैसे हमारी गुलामी हुसैन से है
नबी के लाडले जहरा के चैन जिंदाबाद
अली ए मुर्तुजा के नूरे एन जिंदाबाद
है जिसका पाक लहू बस वही पुकारता है
हर एक केह नहीं सकता हुसैन जिंदाबाद
Imam Hussain Poetry in english Urdu
अली के लाल है जिसकी कोई मिसाल नही
कटे है बाजू मगर हौसले निढाल नही
हुसैन वाले लूटा ते है जितना दस दिन में
किसी यजीद के खजाने में उतना माल नही
दस का नोट गिर जाए किसी का
बड़ी देर तक वो पछताता है
जाने क्या बात है मेरे हुसैन तेरे नाम मे
खर्च जितना भी करो उतना ही मजा आता है













