Pan Card Scam Alert: डिजिटल भारत के दौर में जहां वित्तीय लेनदेन आसान हुए हैं वहीं साइबर ठगी के मामले भी तेजी से बढ़े हैं। अगर आपके इनबॉक्स में भी इनकम टैक्स विभाग के नाम से कोई ईमेल आया है तो आपको बेहद सतर्क रहने की जरूरत है।
भारत सरकार की एजेंसी पीआईबी फैक्ट चेक ने पैन कार्ड धारकों के लिए एक गंभीर चेतावनी जारी की है। जालसाज अब ई पैन कार्ड डाउनलोड करने के बहाने लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं। यह नया स्कैम इतना शातिर है कि पढ़े लिखे लोग भी आसानी से इसके जाल में फंस सकते हैं।
सरकारी अधिकारी बनकर ठगी का नया खेल
साइबर अपराधी अब सीधे डर और लालच का इस्तेमाल कर रहे हैं। इस नए फ्रॉड में आपको एक ईमेल मिलता है जो देखने में बिल्कुल इनकम टैक्स विभाग या एनएसडीएल के आधिकारिक मेल जैसा लगता है। इसमें दावा किया जाता है कि आपका ई पैन कार्ड अप्रूव हो गया है और इसे तुरंत डाउनलोड कर लें।
मेल के साथ एक पीडीएफ फाइल या लिंक जुड़ा होता है। साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार यह कोई साधारण फाइल नहीं बल्कि एक मैलवेयर होता है। जैसे ही आप इस पर क्लिक करते हैं आपके डिवाइस में जासूसी सॉफ्टवेयर इंस्टॉल हो जाता है जो आपके बैंकिंग पासवर्ड और ओटीपी चुरा लेता है।
असली और नकली ईमेल में अंतर कैसे पहचानें
साइबर क्राइम के बढ़ते ग्राफ को देखते हुए सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है। आप कुछ आसान तरीकों से फर्जीवाड़े की पहचान कर सकते हैं।
डोमेन नेम चेक करें: भारत सरकार के किसी भी विभाग का आधिकारिक ईमेल हमेशा ‘.gov.in’ या ‘.nic.in’ पर खत्म होता है। अगर मेल किसी जीमेल, याहू या अजीब से डोमेन से आया है तो वह फर्जी है।
भाषा और वर्तनी: स्कैमर्स के ईमेल में अक्सर स्पेलिंग की गलतियां होती हैं और भाषा आधिकारिक नहीं लगती।
जल्दबाजी का दबाव: अगर ईमेल में तुरंत कार्रवाई करने या भारी जुर्माना लगाने की धमकी दी गई है तो समझ जाएं कि यह आपको डराने की चाल है।
बचाव के लिए अपनाएं ये जरूरी कदम
विशेषज्ञों का कहना है कि अपनी डिजिटल सुरक्षा को मजबूत रखकर ही आप सुरक्षित रह सकते हैं।
किसी भी अनजान स्रोत से आए लिंक पर क्लिक करने से बचें।
अपना पैन कार्ड केवल इनकम टैक्स विभाग की आधिकारिक वेबसाइट से ही डाउनलोड करें।
अपने मोबाइल और कंप्यूटर में अच्छा एंटी वायरस सॉफ्टवेयर रखें।
अगर गलती से क्लिक हो जाए तो तुरंत अपना इंटरनेट बंद करें और बैंक को सूचित करें।
साइबर फ्रॉड होने पर तुरंत 1930 पर कॉल करें या साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।
पीआईबी की जांच में हुआ बड़ा खुलासा
जब इस तरह की शिकायतों की बाढ़ आई तो प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो यानी पीआईबी ने इसकी गहन जांच की। जांच में सामने आया कि इनकम टैक्स विभाग कभी भी ईमेल पर सीधे अटैचमेंट या असुरक्षित लिंक के जरिए पैन कार्ड नहीं भेजता है।
पीआईबी ने साफ किया है कि वायरल हो रहा यह ईमेल पूरी तरह फर्जी है। सरकार ने नागरिकों को सलाह दी है कि वे ऐसे किसी भी मेल का जवाब न दें और न ही उनमें दी गई फाइलों को खोलें।











