ब्रेकिंग न्यूज़मौसमक्रिकेटऑटोमनोरंजनअपराधट्रेंडिंगकृषिलाइफस्टाइलराशिफलहरियाणा

Piran Kaliyar Urs 2025: आज से शुरू होगा साबिर पाक का पिरान कलियर 757वां उर्स, जानें क्या है खास!

On: September 4, 2025 8:18 PM
Follow Us:
Piran Kaliyar Urs 2025: आज से शुरू होगा साबिर पाक का पिरान कलियर 757वां उर्स, जानें क्या है खास!
Join WhatsApp Group

Piran Kaliyar Urs 2025, पिरान कलियर शरीफ का महत्व : उत्तराखंड के हरिद्वार में गंगा नदी के किनारे बसी पिरान कलियर शरीफ दरगाह भारत ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में सूफी चाहने वालों के लिए एक बड़ा आध्यात्मिक केंद्र है। यहां हजरत अलाउद्दीन अली अहमद साबिर कलियरी रहमतुल्लाह अलैह की पवित्र दरगाह है, जिन्हें लोग प्यार से साबिर पाक कहते हैं। हर साल इस दरगाह पर साबिर पाक का सालाना उर्स धूमधाम से मनाया जाता है। इस बार 757वां उर्स 5 सितंबर से 8 सितंबर 2025 तक आयोजित होगा। रुड़की के पास कलियर शरीफ में होने वाला यह उर्स एक विशाल आध्यात्मिक मेला है, जिसमें देश-विदेश से लाखों लोग हिस्सा लेते हैं।

उर्स क्या है?

इस्लाम और सूफी परंपरा में उर्स उस दिन को कहते हैं, जब कोई सूफी संत इस दुनिया से अल्लाह के पास चले जाते हैं। इसे उनकी बरसी की तरह मनाया जाता है, लेकिन गम की बजाय खुशी और मोहब्बत के साथ, क्योंकि सूफी मानते हैं कि यह दिन उनके अल्लाह से मिलन का होता है। इसे सूफी मेला भी कहा जाता है। पिरान कलियर का उर्स इसी परंपरा का हिस्सा है, जो साबिर पाक की याद में मनाया जाता है।

Boss Scam Alert: WhatsApp पर CEO बनकर मांग रहे पैसे, I4C ने कंपनियों को किया सतर्क
Boss Scam Alert: WhatsApp पर CEO बनकर मांग रहे पैसे, I4C ने कंपनियों को किया सतर्क

कब और कैसे मनाया जाता है उर्स?

साबिर पाक का उर्स इस्लामी कैलेंडर के रबी-उल-अव्वल महीने की 13, 14 और 15 तारीख को होता है। इस दौरान भारत के कोने-कोने से और पाकिस्तान, बांग्लादेश, अरब देशों से जायरीन यहां पहुंचते हैं। उर्स की शुरुआत झंडा फहराने और मेंहदी डोरी की रस्म से होती है। चांद दिखने के बाद उर्स का आधिकारिक आगाज हो जाता है। यह आयोजन आध्यात्मिकता और भाईचारे का अनूठा संगम है।

उर्स की खासियत

रक्षाबंधन के दिन लगेगा साल का आखिरी चंद्र ग्रहण, क्या राखी के शुभ मुहूर्त पर पड़ेगा असर?
रक्षाबंधन के दिन लगेगा साल का आखिरी चंद्र ग्रहण, क्या राखी के शुभ मुहूर्त पर पड़ेगा असर?

उर्स के दौरान पिरान कलियर शरीफ दरगाह को फूलों और रोशनी से सजाया जाता है। यहां कव्वालियां, नातें और सूफी कलाम पेश किए जाते हैं, जो मोहब्बत, इंसानियत और अमन का संदेश देते हैं। जायरीन चादर, गुलाब के फूल और अगरबत्ती चढ़ाते हैं। दरगाह पर लंगर का भी खास आयोजन होता है, जहां हर धर्म के लोग एक साथ बैठकर खाना खाते हैं। मेंहदी डोरी और झंडा फहराने की रस्में इस उर्स को और खास बनाती हैं।

साबिर पाक का आध्यात्मिक महत्व

साबिर पाक चिश्ती सिलसिले के महान सूफी संत थे। उनका जीवन सादगी, सब्र और लोगों की सेवा में बीता। यही कारण है कि उन्हें साबिर पाक कहा जाता है। उनकी दरगाह पर आने वाला हर व्यक्ति आज भी सुकून और दुआओं की कुबूलियत का अनुभव करता है। पिरान कलियर का उर्स सिर्फ मुसलमानों का नहीं, बल्कि हिंदू, सिख और अन्य धर्मों के लोग भी इसमें पूरी श्रद्धा से शामिल होते हैं। यह जगह गंगा-जमुनी तहजीब की जीवंत मिसाल है।

Instagram Reels बिना बार-बार स्क्रीन छुए कैसे देखें? जानिए आसान तरीका
Instagram Reels बिना बार-बार स्क्रीन छुए कैसे देखें? जानिए आसान तरीका

डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और सामान्य जानकारियों पर आधारित है। हम इसकी पुष्टि नहीं करते।

भारत मेहंदीरत्ता

भारत मेहंदीरत्ता एक अनुभवी पत्रकार और लेखक हैं, जो पिछले 11 वर्षों से ऑटो और क्रिकेट से जुड़ी खबरों पर रोचक और तथ्यपूर्ण लेख लिख रहे हैं। उनकी स्टोरीज़ ऑटोमोटिव इंडस्ट्री की नवीनतम जानकारियों, जैसे कार-बाइक लॉन्च, प्राइस अपडेट्स, और इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, के साथ-साथ क्रिकेट की दुनिया की रोमांचक खबरों, जैसे मैच अपडेट्स, खिलाड़ियों के प्रदर्शन और टूर्नामेंट विश्लेषण को कवर करती हैं। भारत का लेखन शैली जीवंत, गहन और पाठक-केंद्रित है, जो ऑटो और क्रिकेट प्रेमियों को समान रूप से आकर्षित करता है।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment