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Pitru Paksha 2025: पितृपक्ष पितरों की मुक्ति के लिए खास दिन, 21 सितंबर को करें ये काम, मिलेगा मोक्ष!

On: सितम्बर 2, 2025 3:19 अपराह्न
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Pitru Paksha 2025: पितृपक्ष पितरों की मुक्ति के लिए खास दिन, 21 सितंबर को करें ये काम, मिलेगा मोक्ष!
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Pitru Paksha 2025, सिटी रिपोर्टर | नई दिल्ली : पितृपक्ष का समय हिंदू धर्म में बेहद खास होता है, जब हम अपने पूर्वजों को याद करते हैं और उनकी आत्मा की शांति के लिए पिंडदान और तर्पण करते हैं। पंचांग के अनुसार, पितृपक्ष भाद्रपद मास की पूर्णिमा से शुरू होकर अश्विन मास की अमावस्या तक चलता है।

इस साल 2025 में यह 15 दिन का पवित्र समय 7 सितंबर से शुरू होकर 21 सितंबर तक रहेगा। मान्यता है कि इन दिनों पितर धरती पर आते हैं और अपने वंशजों द्वारा किए गए श्राद्ध को स्वीकार करते हैं। लेकिन अगर आपको अपने पितरों की मृत्यु तिथि याद नहीं, तो क्या करें? आइए, जानते हैं पितृपक्ष का महत्व और सर्वपितृ अमावस्या की खासियत।

सर्वपितृ अमावस्या: पितरों के लिए खास दिन

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अगर आपको अपने पितरों की मृत्यु की तारीख याद नहीं है, तो चिंता की कोई बात नहीं। पितृपक्ष का सबसे महत्वपूर्ण दिन है सर्वपितृ अमावस्या, जो इस साल 21 सितंबर 2025 को पड़ेगा। इसे महालय अमावस्या भी कहते हैं। इस दिन उन सभी पितरों का श्राद्ध किया जा सकता है, जिनकी मृत्यु तिथि अज्ञात है।

मान्यता है कि सर्वपितृ अमावस्या पर पिंडदान, तर्पण और दान करने से सभी पितरों की आत्मा को शांति और मोक्ष मिलता है। इस दिन ब्राह्मणों को भोजन कराना, गरीबों को दान देना और कौवे, गाय व कुत्तों को भोजन देना बहुत शुभ माना जाता है। इससे न केवल पितरों को शांति मिलती है, बल्कि परिवार में सुख-समृद्धि भी आती है।

श्राद्ध के नियम और सही तरीका

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पितृपक्ष में श्राद्ध कर्म करते समय कुछ खास नियमों का पालन करना जरूरी है। सबसे पहले, श्राद्ध करने वाले व्यक्ति को पूरी तरह शुद्ध होकर कर्म करना चाहिए। पिंडदान के समय दक्षिण दिशा की ओर मुख करना चाहिए, क्योंकि यह पितरों की दिशा मानी जाती है। पिंड चावल, दूध और जौ मिलाकर बनाए जाते हैं।

इसके अलावा, ब्राह्मणों को भोजन कराना और उन्हें दान-दक्षिणा देना अनिवार्य है। इस दौरान तामसिक भोजन जैसे प्याज, लहसुन या मांस से बचना चाहिए। इन नियमों का पालन करने से श्राद्ध का पूरा फल मिलता है और पितरों की आत्मा को शांति प्राप्त होती है।

पितृपक्ष की तारीखें

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पितृपक्ष की शुरुआत 7 सितंबर 2025, रविवार को होगी और इसका समापन 21 सितंबर 2025, रविवार को सर्वपितृ अमावस्या के साथ होगा। यह 15 दिन का समय पितरों के प्रति अपनी श्रद्धा और कर्तव्य निभाने का अवसर है।

डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और सामान्य जानकारी पर आधारित है। हरियाणा न्यूज पोस्ट इसकी पुष्टि नहीं करता।

भारत मेहंदीरत्ता

भारत मेहंदीरत्ता एक अनुभवी पत्रकार और लेखक हैं, जो पिछले 11 वर्षों से ऑटो और क्रिकेट से जुड़ी खबरों पर रोचक और तथ्यपूर्ण लेख लिख रहे हैं। उनकी स्टोरीज़ ऑटोमोटिव इंडस्ट्री की नवीनतम जानकारियों, जैसे कार-बाइक लॉन्च, प्राइस अपडेट्स, और इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, के साथ-साथ क्रिकेट की दुनिया की रोमांचक खबरों, जैसे मैच अपडेट्स, खिलाड़ियों के प्रदर्शन और टूर्नामेंट विश्लेषण को कवर करती हैं। भारत का लेखन शैली जीवंत, गहन और पाठक-केंद्रित है, जो ऑटो और क्रिकेट प्रेमियों को समान रूप से आकर्षित करता है।

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