ब्रेकिंग न्यूज़मौसमक्रिकेटऑटोमनोरंजनअपराधट्रेंडिंगकृषिलाइफस्टाइलराशिफलहरियाणा

Shani Dev Aadal Yog Upay: अशुभ आडल योग में ऐसे करें शनिदेव की पूजा, दूर होंगे सारे कष्ट

On: जुलाई 25, 2025 7:22 अपराह्न
Follow Us:
Shani Dev Aadal Yog Upay: अशुभ आडल योग में ऐसे करें शनिदेव की पूजा, दूर होंगे सारे कष्ट
Join WhatsApp Group

Shravan Shanivar Puja 2025 shani dev aadal yog upay: श्रावण शनिवार पूजा 2025 का दिन बेहद खास होने जा रहा है क्योंकि इस बार शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि शनिवार को पड़ रही है, और इसके साथ ही बन रहा है आडल योग जिसे ज्योतिष में अशुभ माना गया है।

ऐसे समय में अगर कोई कार्य प्रारंभ किया जाए तो उसमें बाधाएं आ सकती हैं। लेकिन वहीं अगर इस दिन शनिदेव की विधिपूर्वक पूजा की जाए तो न केवल कष्ट दूर होते हैं बल्कि जीवन में सकारात्मक बदलाव भी आते हैं।

इस लेख में हम जानेंगे कि इस विशेष दिन क्या है पूजन विधि, कौन से योग बन रहे हैं, और क्या है शनिदेव को प्रसन्न करने का सर्वोत्तम उपाय।

Shani Dev Aadal Yog Upay: क्या है आडल योग और क्यों माना जाता है अशुभ?

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, आडल योग शुभ कार्यों के लिए वर्जित होता है। इसका निर्माण जब चंद्रमा और शनि का विशेष संयोग बनता है, तब होता है। इस योग के दौरान अगर कोई शुभ काम जैसे गृह प्रवेश, शादी, नया व्यापार शुरू किया जाए, तो उसमें बाधाएं आ सकती हैं।

लेकिन इस दिन शनिदेव की पूजा विशेष रूप से फलदायी मानी जाती है। आडल योग का नकारात्मक प्रभाव शनिदेव की कृपा से कम हो सकता है।

श्रावण शनिवार का खास महत्व

करवा चौथ व्रत 2026 तिथि तय: शाम 5:38 से शुरू होगी पूजा, रात 8:17 बजे होगा चंद्रोदय | karwa-chauth-2026-date-puja-muhurat-moonrise-timings
करवा चौथ व्रत 2026 तिथि तय: शाम 5:38 से शुरू होगी पूजा, रात 8:17 बजे होगा चंद्रोदय

श्रावण मास में शनिवार को व्रत रखने और शनिदेव की पूजा करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है। अग्नि पुराण में उल्लेख है कि शनिवार का व्रत करने से शनि की साढ़ेसाती, ढैय्या और उनके दुष्प्रभावों से राहत मिलती है।

मान्यता है कि 7 शनिवार व्रत रखने से जीवन की हर बाधा दूर होती है और सुख-समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होता है। इस दिन शनि मंत्रों का जाप, दीपदान और काले वस्त्र दान करना अत्यंत शुभ माना जाता है।

ऐसे करें शनिदेव की विधिपूर्वक पूजा

सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठें और स्नान करें।

शनिदेव की प्रतिमा को गंगाजल या शुद्ध जल से स्नान कराएं।

उन्हें काले वस्त्र, काली उड़द, काले तिल, और सरसों का तेल अर्पित करें।

Wi-Fi हैकिंग से बचाएगा Guest Network, जानिए राउटर सेटिंग्स के 5 अहम नियम | wifi-router-security-settings-firmware-update-tips
Wi-Fi हैकिंग से बचाएगा Guest Network, जानिए राउटर सेटिंग्स के 5 अहम नियम

सरसों के तेल का दीपक जलाएं और शनिदेव को नील पुष्प, रोली, और फूल चढ़ाएं।

शनि स्तोत्र, सुंदरकांड, हनुमान चालीसा और राजा दशरथ द्वारा रचित शनि स्तोत्र का पाठ करें।

‘शं शनैश्चराय नमः’ और ‘सूर्यपुत्राय नमः’ का जाप कम से कम 108 बार करें।

पीपल के पेड़ के नीचे दीपक जलाना क्यों है शुभ?

शास्त्रों के अनुसार, शनिदेव का वास पीपल के वृक्ष में होता है। इसलिए हर शनिवार इस पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाना और छाया दान करना अति शुभ फलदायी होता है। यह न केवल नकारात्मक ऊर्जा को दूर करता है बल्कि सौभाग्य भी बढ़ाता है।

श्रावण शनिवार पूजा 2025 में आडल योग की उपस्थिति इसे और भी खास बना रही है। इस दिन शनिदेव की पूजा, व्रत और पीपल के वृक्ष के नीचे दीपक जलाकर आडल योग के अशुभ प्रभाव को कम किया जा सकता है।

सावधान! रिश्तेदार बनकर कॉल कर रहा एआई, साइबर ठगी से बचने के लिए तुरंत तय करें सीक्रेट कोडवर्ड | ai-voice-cloning-fraud-alert-prevention-tips-helpline-1930
सावधान! रिश्तेदार बनकर कॉल कर रहा एआई, साइबर ठगी से बचने के लिए तुरंत तय करें सीक्रेट कोडवर्ड

इस दिन की सही पूजा विधि अपनाने से जीवन में सुख, शांति और सफलता का आगमन होता है।

अमनदीप सिंह

अमनदीप सिंह एक समर्पित और अनुभवी पत्रकार हैं, जो पिछले 10 वर्षों से मौसम और कृषि से संबंधित खबरों पर गहन और जानकारीपूर्ण लेख लिख रहे हैं। उनकी स्टोरीज़ मौसम के पूर्वानुमान, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और कृषि क्षेत्र की नवीनतम तकनीकों, योजनाओं और चुनौतियों को उजागर करती हैं, जो किसानों और ग्रामीण समुदायों के लिए अत्यंत उपयोगी हैं। अमनदीप का लेखन सरल, विश्वसनीय और पाठक-केंद्रित है, जो कृषि समुदाय को बेहतर निर्णय लेने में मदद करता है।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment