Shyama Prasad Mukherjee Quotes (नई दिल्ली) : आज 15 अगस्त 2025 को 79वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को याद करते हुए उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी। पीएम मोदी ने कहा कि डॉ. मुखर्जी देश के संविधान के लिए बलिदान देने वाले पहले महापुरुष थे।
उन्होंने “एक देश, एक संविधान” के सपने को साकार करने में अहम भूमिका निभाई। इस मौके पर हमने उनके बलिदान को याद किया। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी भारत के पहले इंडस्ट्री एंड सप्लाई मंत्री थे और उनकी दूरदर्शी सोच और विचार आज भी लाखों लोगों को प्रेरित करते हैं। आइए, उनके कुछ अनमोल विचारों को जानते हैं, जो आपके जीवन को नई दिशा दे सकते हैं।
पीएम मोदी ने दी श्रद्धांजलि
स्वतंत्रता दिवस के अपने संबोधन में पीएम नरेंद्र मोदी ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को याद करते हुए कहा, “डॉ. मुखर्जी ने देश के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। उनका बलिदान हमें हमेशा एकजुट रहने और देश के लिए काम करने की प्रेरणा देता है।” पीएम ने उनके “एक देश, एक संविधान” के नारे को याद करते हुए कहा कि यह विचार आज भी भारत की एकता का प्रतीक है।
कौन थे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी?
डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी न केवल एक राजनेता थे, बल्कि एक दूरदर्शी विचारक भी थे। वे भारत के पहले इंडस्ट्री एंड सप्लाई मंत्री बने और भारतीय जनसंघ की स्थापना की। उनकी सोच समय से कहीं आगे थी, और उन्होंने देश की एकता और अखंडता के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए। उनके विचार आज भी युवाओं और समाज को प्रेरित करते हैं।
प्रेरणादायक विचार : Shyama Prasad Mukherjee Quotes
डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं जितने उस समय थे। उनके विचार देशभक्ति, एकता, और आत्मनिर्भरता की भावना को जगाते हैं। उनके कुछ अनमोल विचारों में देश के लिए समर्पण, समाज में समानता, और शिक्षा के महत्व पर जोर दिया गया है। ये विचार न केवल हमें प्रेरित करते हैं, बल्कि देश के विकास के लिए एक रास्ता भी दिखाते हैं।
जिस काम को भी आप करें वो एकदम अच्छी तरह से करे। उस काम को बीच में ना ही रोके और ना ही छोड़े।
दूसरों के अंदर दोष निकालने से अच्छा है कि आप अपने विरोधियों की अच्छी कही हुई बात की सराहना करें।
शुरू करे हुए काम को तब तक करते रहीए जब तक आप खुद में संतुष्ट ना हो जाएं।
अपने अंदर अनुशासन और सहनशीलता लाएं।
श्यामा प्रसाद मुखर्जी के अनमोल विचार
सभी नेताओं को पहले कार्यकर्ता होना चाहिए। जो कार्यकर्ता नहीं बन सकता, वह नेता भी नहीं हो सकता।
भारत का यश उसकी राजनीतिक संस्थाओं और सैनिक शक्ति से नहीं बल्कि उसकी आध्यात्मिक महानता, सत्य और आत्म के विचारों दुखी मानवता की सेवा में, अभिव्यक्त सर्वोच्च शक्ति की विराटता में उसके विश्वास पर आधारित है।
अपने दृढ़ विश्वास को टूटने न दें दोस्त, लेकिन अपने विरोधियों के दृष्टिकोण की भी सराहना करना सीखें।
तब तक स्वयं को संतुष्ट न समझें जब तक कि आप इसे अपना सर्वश्रेष्ठ नहीं दे दें।
आज भी प्रासंगिक हैं उनके विचार
डॉ. मुखर्जी के विचार आज के युवाओं के लिए एक मशाल की तरह हैं। उनकी सोच हमें देश के लिए कुछ करने, एकजुट रहने, और समाज में बदलाव लाने की प्रेरणा देती है। स्वतंत्रता दिवस के इस खास मौके पर उनके विचारों को अपनाकर हम देश को और मजबूत बना सकते हैं।












