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Sita Navami 2025: सीता नवमी पर शुभ संयोगों के साथ करें माता सीता की पूजा, जानें विधि और मनोकामना पूर्ति के उपाय

On: अप्रैल 26, 2025 11:35 अपराह्न
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Sita Navami 2025: सीता नवमी पर शुभ संयोगों के साथ करें माता सीता की पूजा, जानें विधि और मनोकामना पूर्ति के उपाय
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Sita Navami 2025 auspicious coincidences, know the method and remedies for fulfillment of wishes: हिंदू धर्म में सीता नवमी का विशेष महत्व है, क्योंकि यह दिन माता सीता के धरती पर अवतरण का पावन अवसर है। वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तith को मनाया जाने वाला यह पर्व भक्तों के लिए सौभाग्य और समृद्धि का प्रतीक है।

इस दिन माता सीता और भगवान राम की पूजा से न केवल वैवाहिक जीवन में सुख-शांति आती है, बल्कि सभी मनोकामनाएं भी पूरी होती हैं। इस बार सीता नवमी 5 मई 2025 को मनाई जाएगी, और कई शुभ योग इस दिन को और भी खास बना रहे हैं। आइए, जानते हैं इस पर्व का महत्व, पूजा विधि, और शुभ संयोग।

Sita Navami 2025: सीता नवमी का धार्मिक महत्व

सीता नवमी को माता सीता के प्राकट्य दिवस के रूप में मनाया जाता है, और कई जगह इसे जानकी जयंती भी कहा जाता है। हिंदू मान्यताओं के अनुसार, इस दिन माता सीता और भगवान राम की पूजा करने से दांपत्य जीवन में सुख और समृद्धि आती है। खासकर विवाहित महिलाएं इस दिन व्रत रखकर अपने पति की लंबी आयु और सौभाग्य की कामना करती हैं।

धार्मिक ग्रंथों में कहा गया है कि सीता नवमी पर श्रद्धा और भक्ति के साथ की गई पूजा सभी मनोकामनाओं को पूरा करती है। यह दिन न केवल आध्यात्मिक रूप से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह परिवार में प्रेम और विश्वास को भी मजबूत करता है।

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सीता नवमी 2025: तिथि और शुभ संयोग

हिंदू पंचांग के अनुसार, वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि 5 मई 2025 को सुबह 7:35 बजे शुरू होगी और 6 मई को सुबह 8:38 बजे समाप्त होगी। उदय तिथि के आधार पर सीता नवमी 5 मई को मनाई जाएगी। इस बार कई दुर्लभ शुभ संयोग इस दिन को और फलदायी बना रहे हैं।

रवि योग 5 मई को दोपहर 2:01 बजे से 6 मई को सुबह 5:36 बजे तक रहेगा, जो पूजा के लिए अत्यंत शुभ है। इसके अलावा, अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:51 बजे से दोपहर 12:45 बजे तक और विजय मुहूर्त दोपहर 2:32 बजे से 3:25 बजे तक रहेगा। इन शुभ मुहूर्तों में पूजा करने से माता सीता की कृपा कई गुना बढ़ जाती है।

सीता नवमी की पूजा विधि

सीता नवमी के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें। घर के पूजा स्थल को साफ करें और वहां माता सीता और भगवान राम की मूर्ति या चित्र स्थापित करें। मूर्तियों को फूल, माला, और लाल वस्त्र अर्पित करें। माता सीता को श्रृंगार का सामान जैसे बिंदी, चूड़ियां, और मेहंदी चढ़ाएं। धूप, दीप, और नैवेद्य (मिठाई या फल) के साथ पूजा शुरू करें।

इसके बाद जानकी स्तोत्र और जानकी स्तुति का पाठ करें। मंत्रों का जाप करें, जैसे “श्री सीतायै नमः” और “ॐ श्री सीता रामाय नमः”। इन मंत्रों को 8 या 108 बार अपनी श्रद्धा के अनुसार जपें। पूजा के अंत में आरती करें और प्रसाद बांटें। अगर संभव हो, तो इस दिन गरीबों को दान दें, क्योंकि यह पुण्य कार्य माता सीता की कृपा को और बढ़ाता है। शाम को भी आप यह पूजा दोहरा सकते हैं।

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शुभ मुहूर्त और मंत्र

सीता नवमी 2025 के लिए पूजा का सबसे शुभ मुहूर्त 5 मई को सुबह 10:58 बजे से दोपहर 1:38 बजे तक है। इस समय पूजा करने से विशेष फल प्राप्त होता है। पूजा के दौरान निम्नलिखित मंत्रों का जाप करें:

श्री सीतायै नमः
ॐ श्री सीता रामाय नमः

जानकी स्तोत्र का पाठ करना इस दिन अत्यंत फलदायी माना जाता है। यह न केवल माता सीता की कृपा दिलाता है, बल्कि आपके जीवन की सभी बाधाओं को भी दूर करता है।

सीता नवमी के दिन क्या करें?

सीता नवमी का व्रत और पूजा श्रद्धा और शुद्धता के साथ करें। लाल, पीले, या हरे रंग के वस्त्र पहनें, जो सौभाग्य के प्रतीक हैं। पूजा के बाद सावित्री-सत्यवान की कथा सुनें, जो इस दिन की महत्ता को बढ़ाती है। अपने परिवार के साथ समय बिताएं और पति की लंबी आयु के लिए प्रार्थना करें। इस दिन दान-पुण्य करें, जैसे कि अन्न, वस्त्र, या धन का दान। यह कार्य आपके जीवन में सुख-शांति लाता है।

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सीता नवमी का विशेष अवसर

सीता नवमी 2025 कई शुभ संयोगों के साथ आ रही है, जो इसे और भी खास बनाता है। इस दिन माता सीता और भगवान राम की पूजा न केवल आपके वैवाहिक जीवन को सुखमय बनाएगी, बल्कि आपके सभी मनोरथों को भी पूरा करेगी। इस पावन अवसर पर व्रत, पूजा, और दान के साथ माता जानकी की कृपा प्राप्त करें।

नोट: यह लेख (Sita Navami 2025) धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है। पूजा से पहले किसी विद्वान या पंडित से सलाह अवश्य लें।

मोनिका गुप्ता

मोनिका गुप्ता एक अनुभवी लेखिका हैं, जो पिछले 10 वर्षों से लाइफस्टाइल, एंटरटेनमेंट, ट्रेंडिंग टॉपिक्स और राशिफल पर हिंदी में आकर्षक और जानकारीपूर्ण लेख लिख रही हैं। उनकी रचनाएं पाठकों को दैनिक जीवन की सलाह, मनोरंजन की दुनिया की झलक, वर्तमान ट्रेंड्स की गहराई और ज्योतिषीय भविष्यवाणियों से जोड़ती हैं। मोनिका जी का लेखन सरल, रोचक और प्रासंगिक होता है, जो लाखों पाठकों को प्रेरित करता है। वे विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और न्यूज़ पोर्टल्स (Haryananewspost.com) पर सक्रिय हैं, जहाँ उनकी कलम से निकले लेख हमेशा चर्चा का विषय बन जाते हैं।

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