UIDAI यानी यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने आधार कार्ड से जुड़ी सेवाओं को आधुनिक और तेज बनाने के लिए नया Aadhaar ऐप पेश किया है। इस ऐप का उद्देश्य है कि लोग बिना आधार केंद्र गए घर बैठे पता अपडेट जैसी जरूरतें पूरी कर सकें, और लंबी लाइनों या तकनीकी परेशानियों से बचें।
पहले ही चरण में यूजर्स से मांगा जा रहा फीडबैक
UIDAI ने सोशल मीडिया पर जानकारी दी कि नए ऐप के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए लोगों से सक्रिय रूप से सुझाव लिए जा रहे हैं। अगर किसी यूजर को ऐप इस्तेमाल में दिक्कत आती है, तो वह अपना फीडबैक बताए गए ईमेल पर भेज सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम डिजिटल पब्लिक सर्विसेज को आम लोगों की जरूरतों के अनुरूप ढालने का संकेत है।
सरकारी डिजिटल नीतियों पर काम करने वाले विशेषज्ञ प्रोफेसर अर्चित तिवारी बताते हैं कि
“फीडबैक आधारित सुधार लोगों के बीच भरोसा बढ़ाते हैं। इससे सरकार को पता चलता है कि सिस्टम किन जगहों पर लोगों के लिए जटिल या धीमा है।”
UIDAI का कहना है कि आने वाले समय में सरल यूजर इंटरफेस और तेज प्रोसेसिंग के साथ ऐप में और सुविधाएं जोड़ी जाएंगी।
अब तक पता बदलने की प्रक्रिया कैसी थी
अब तक आधार कार्ड में पता बदलवाने के दो प्रमुख तरीके थे
UIDAI की आधिकारिक वेबसाइट पर लॉग इन कर प्रक्रिया पूरा करना
नजदीकी आधार केंद्र पर दस्तावेज जमा कर बदलाव करवाना
इस दौरान यूजर्स को अपना आधार नंबर और रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर आए OTP से लॉग इन करना होता था।
झंझट तब बढ़ता था जब वेबसाइट पर तकनीकी दिक्कत आती या आधार केंद्र पर लंबी लाइन लगती। इसी वजह से नया ऐप उपयोगकर्ताओं के लिए काफी मायने रखता है।
पता अपडेट के लिए कौन से दस्तावेज जरूरी
UIDAI अभी भी दस्तावेज आधारित वेरिफिकेशन प्रोसेस अपनाता है ताकि पहचान सुरक्षा सुनिश्चित रहे। पता बदलने के लिए सामान्यतया इन दस्तावेजों में से एक की जरूरत होती है
बिजली या पानी का बिल (अधिकतम 3 महीने पुराना)
प्रॉपर्टी टैक्स रसीद
पासपोर्ट
बैंक पासबुक या बैंक स्टेटमेंट
राशन कार्ड
रेंट एग्रीमेंट
वोटर आईडी या ड्राइविंग लाइसेंस
नया ऐप इसी प्रक्रिया को आसान इंटरफेस में लाएगा ताकि अटैचमेंट और सबमिशन में परेशानी कम हो।
डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन में कितना समय लगता है
आधार अपडेट की फाइल जमा करने के बाद UIDAI दस्तावेजों को जांचता है। आमतौर पर यह काम 7 से 10 कार्यदिवस में पूरा होता है।
इस दौरान यूजर को URN यानी अपडेट रिक्वेस्ट नंबर मिलता है, जिससे वह अपनी रिक्वेस्ट की स्थिति ट्रैक कर सकता है। उम्मीद है कि नए ऐप में ट्रैकिंग और नोटिफिकेशन फीचर और अधिक पारदर्शी होंगे।
क्यों है यह बदलाव महत्वपूर्ण
भारत में 1.3 अरब से ज्यादा लोगों के पास आधार कार्ड है। नौकरी बदलने, शहर बदलने, किराए के घर में शिफ्ट होने जैसी स्थितियों में पता अपडेट कराना बेहद जरूरी होता है।
सरकारी सेवाओं के जानकारों के अनुसार
“ज्यादातर सरकारी सब्सिडी और पहचान आधारित सेवाएं आधार से लिंक हैं, इसलिए पता सही न होने पर लोग लाभ से वंचित हो सकते हैं।”
ऐसे में नया ऐप उन लोगों के लिए राहत लेकर आएगा, जो डिजिटल तरीके को प्राथमिकता देते हैं लेकिन केंद्र जाने में समय नहीं निकाल पाते।
आगे क्या उम्मीद की जाए
UIDAI के संकेत बताते हैं कि भविष्य में ऐप में
लाइव डॉक्यूमेंट स्कैनिंग
तेज वेरिफिकेशन
यूजर नोटिफिकेशन
सपोर्ट चैट सुविधा
जैसी सेवाएं भी जोड़ी जा सकती हैं। यह बदलाव भारत में डिजिटल पहचान सेवाओं के भविष्य को और मजबूत कर सकता है।













