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नेपाल के Garhi Mai मंदिर का अनोखा दशहरा: तलवार पूजा और पशु बलि की सनसनीखेज परंपरा!

On: September 9, 2025 8:46 PM
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नेपाल के Garhi Mai मंदिर का अनोखा दशहरा: तलवार पूजा और पशु बलि की सनसनीखेज परंपरा!
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Garhi Mai Temple : नेपाल की पवित्र धरती पर कई शक्तिपीठ हैं, लेकिन गोरखा जिले का गढ़ी माई मंदिर (मानसदेवी मंदिर) अपनी अनोखी परंपराओं के लिए मशहूर है। दशहरा, जिसे नेपाल में दशैं कहते हैं, के दौरान यहां तलवार और पशु बलि के साथ मां शक्ति की पूजा की जाती है। यह परंपरा नेपाल की योद्धा संस्कृति और शक्ति साधना का अनूठा संगम है, जो इसे बाकी मंदिरों से अलग बनाती है।

शस्त्र पूजा की अनोखी रीत

गढ़ी माई मंदिर में दशैं पर शस्त्र पूजा का खास महत्व है। खास तौर पर तलवार और खड्ग को मां के चरणों में चढ़ाया जाता है। मान्यता है कि इससे साहस, शक्ति और विजय की प्राप्ति होती है। यह परंपरा गोरखा सैनिकों की वीरता की गाथाओं से भी जुड़ी है, जो इस क्षेत्र की पहचान रही है। मंदिर का यह रिवाज योद्धा संस्कृति को जीवंत रखता है।

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दशैं और पांच साल में एक महोत्सव

दशैं के दौरान गढ़ी माई मंदिर में हजारों भक्त पहुंचते हैं और पशु बलि अर्पित की जाती है। भक्त मानते हैं कि मां शक्ति को रक्त चढ़ाने से पापों का नाश होता है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है। हर पांच साल में होने वाला विशेष महोत्सव और भी खास है, जिसमें हजारों भैंस, बकरे, मुर्गे और कबूतर बलि के लिए चढ़ाए जाते हैं। इस दौरान मंदिर परिसर में खून की नदियां बहने जैसा नजारा होता है, जो इसे सनसनीखेज बनाता है।

विवाद और कानूनी पहल

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पशु बलि की परंपरा पर विवाद भी रहा है। 2015 में नेपाल के सर्वोच्च न्यायालय ने गढ़ी माई मेला में पशु बलि पर रोक लगाने का आदेश दिया था, लेकिन 2019 के महोत्सव में लाखों जानवरों की बलि दी गई, जिससे यह साफ हुआ कि आदेश का पूरी तरह पालन नहीं हुआ। भक्त इसे धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा का हिस्सा मानते हैं, जबकि पशु अधिकार कार्यकर्ता इसे क्रूरता कहते हैं।

भक्ति और उत्सव का माहौल

दशैं और विशेष महोत्सव के दौरान गोरखा जिला उत्सव के रंग में डूब जाता है। मंदिर में शस्त्रों की कतार, बलि की वेदी और मां के जयकारों से गूंजता माहौल भक्तों को भक्ति और ऊर्जा से भर देता है। गढ़ी माई मंदिर सिर्फ पूजा स्थल नहीं, बल्कि नेपाल की सांस्कृतिक और धार्मिक जड़ों का प्रतीक है। यह शक्ति, साहस और बलिदान की परंपराओं को दर्शाता है, साथ ही आधुनिक समय में धार्मिक आस्था और पशु अधिकारों के बीच विवाद का केंद्र भी है।

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मोनिका गुप्ता

मोनिका गुप्ता एक अनुभवी लेखिका हैं, जो पिछले 10 वर्षों से लाइफस्टाइल, एंटरटेनमेंट, ट्रेंडिंग टॉपिक्स और राशिफल पर हिंदी में आकर्षक और जानकारीपूर्ण लेख लिख रही हैं। उनकी रचनाएं पाठकों को दैनिक जीवन की सलाह, मनोरंजन की दुनिया की झलक, वर्तमान ट्रेंड्स की गहराई और ज्योतिषीय भविष्यवाणियों से जोड़ती हैं। मोनिका जी का लेखन सरल, रोचक और प्रासंगिक होता है, जो लाखों पाठकों को प्रेरित करता है। वे विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और न्यूज़ पोर्टल्स (Haryananewspost.com) पर सक्रिय हैं, जहाँ उनकी कलम से निकले लेख हमेशा चर्चा का विषय बन जाते हैं।

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