Viral Video: मुंबई की रफ्तार और वहां की लोकल ट्रेनों में हर दिन हजारों कहानियां जन्म लेती हैं। हाल ही में सोशल मीडिया पर एक ऐसी ही दिल को छू लेने वाली कहानी सामने आई है जो हम सभी को जीवन जीने का नया नजरिया दे सकती है। यह कहानी है 89 साल की कमलाबेन मेहता की, जो इस उम्र में भी किसी पर बोझ बनने के बजाय अपनी मेहनत से सम्मान की रोटी कमा रही हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में बुजुर्ग कमलाबेन को मुंबई की भागती-दौड़ती लोकल ट्रेन में हाथ से बनी मोतियों की चूड़ियां बेचते हुए देखा जा सकता है। उनकी उम्र भले ही 90 के करीब है लेकिन उनके इरादों की मजबूती किसी नौजवान से कम नहीं लगती है।
स्वाभिमान ऐसा कि परिवार का नाम लेने से किया इनकार
इंस्टाग्राम पर इस भावुक कर देने वाले वीडियो को मीता तुषित शाह नामक यूजर ने साझा किया है। वीडियो में जब मीता दादी से उनके संघर्ष और परिवार के बारे में पूछती हैं तो कमलाबेन का जवाब सबका दिल जीत लेता है। उन्होंने बताया कि वह नालासोपारा इलाके में रहती हैं और हर दिन ट्रेन के सफर में अपनी चूड़ियां बेचकर खुद का खर्च उठाती हैं।
कमलाबेन ने अपने परिवार के बारे में कुछ भी बताने से साफ मना कर दिया। उनके पीछे का कारण बहुत गहरा था। वह नहीं चाहतीं कि उनकी इस मेहनत की वजह से उनके परिवार के किसी भी सदस्य को समाज में शर्मिंदगी उठानी पड़े। यह दिखाता है कि वह केवल मेहनत ही नहीं कर रहीं बल्कि अपने परिवार के सम्मान की रक्षा भी पूरी शिद्दत से कर रही हैं।
सोशल मीडिया पर मिल रहा है लोगों का भरपूर प्यार
वीडियो वायरल होने के बाद कमेंट बॉक्स में लोग कमलाबेन के प्रति अपना सम्मान प्रकट कर रहे हैं। कई यात्रियों ने बताया कि वे सालों से दादी को इसी तरह मेहनत करते हुए देख रहे हैं।
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मदद के बजाय मेहनत को प्राथमिकता: एक यूजर ने लिखा कि दादी कभी किसी से मुफ्त में पैसे या मदद नहीं लेती हैं। वह हमेशा यही कहती हैं कि अगर आप कुछ देना चाहते हैं तो बदले में चूड़ियां खरीदें।
सालों का संघर्ष: कुछ पुराने यात्रियों ने याद किया कि उन्होंने अपने कॉलेज के दिनों में भी कमलाबेन को इसी तरह सक्रिय देखा था।
प्रेरणा का स्रोत: लोग उन्हें ‘सुपर दादी’ कह रहे हैं और उनकी ऊर्जा को देखकर दंग हैं।
उम्र को मात देता हौसला और जज्बा
आज के दौर में जहां थोड़ी सी परेशानी आने पर लोग हिम्मत हार जाते हैं वहीं कमलाबेन मेहता जैसी शख्सियत हमें सिखाती हैं कि मेहनत का कोई विकल्प नहीं होता है। वह न केवल अपना गुजारा कर रही हैं बल्कि उन लोगों के लिए एक मिसाल पेश कर रही हैं जो आत्मनिर्भर बनना चाहते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की कहानियां समाज में सकारात्मकता फैलाती हैं। यह वीडियो हमें बताता है कि उम्र केवल एक संख्या है और अगर मन में कुछ करने का जज्बा हो तो कोई भी बाधा हमें रोक नहीं सकती है।













