ब्रेकिंग न्यूज़मौसमक्रिकेटऑटोमनोरंजनअपराधट्रेंडिंगकृषिलाइफस्टाइलराशिफलहरियाणा

Haryana Rain: हरियाणा में मौसम ने ली करवट बारिश और ओलों ने बदला माहौल

On: मई 13, 2025 4:07 अपराह्न
Follow Us:
Haryana Rain: हरियाणा में मौसम ने ली करवट बारिश और ओलों ने बदला माहौल
Join WhatsApp Group

Haryana Rain: Weather changed in Haryana: Rain and hail changed the atmosphere: हरियाणा में अचानक मौसम ने पलटी मार दी है। जहां कुछ दिन पहले तक गर्मी ने लोगों को परेशान कर रखा था, वहीं अब झमाझम बारिश (Heavy Rainfall) और ओले (Hailstorm) ने माहौल को सुहावना बना दिया है।

हिसार, झज्जर, महम, रोहतक और सोनीपत जैसे जिलों में बारिश ने राहत पहुंचाई है, जबकि हिसार के बालसमंद और सीसवाला गांव में ओलों की बौछार ने सभी को चौंका दिया। आइए, जानते हैं इस मौसमी बदलाव की पूरी कहानी।

बारिश और ओलों ने दी गर्मी से राहत Haryana Rain

पिछले कुछ दिनों से हरियाणा में गर्मी अपने चरम पर थी, लेकिन अब मौसम (Weather) ने करवट ले ली है। हिसार (Hisar), झज्जर (Jhajjar), महम (Maham), रोहतक (Rohtak), और सोनीपत (Sonipat) में अचानक शुरू हुई बारिश ने लोगों को गर्मी से निजात दिलाई।

खासकर हिसार के बालसमंद क्षेत्र और सीसवाला गांव में ओले (Hailstorm) गिरने की खबर ने स्थानीय लोगों को हैरान कर दिया। बारिश और ओलों के बाद तापमान में कमी आई, और मौसम खुशनुमा हो गया।

हरियाणा की मंडियों में भीगा 8 लाख क्विंटल धान: 18 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, किसानों ने जड़े ताले | haryana-paddy-procurement-crisis-rain-alert-farmers-protest-mandis
हरियाणा की मंडियों में भीगा 8 लाख क्विंटल धान: 18 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, किसानों ने जड़े ताले

स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह बारिश फसलों के लिए भी वरदान साबित हो सकती है। एक किसान ने बताया, “गर्मी की वजह से फसलें सूख रही थीं, लेकिन अब यह बारिश हमारे लिए संजीवनी की तरह है।” हालांकि, कुछ इलाकों में ओलों से फसलों को नुकसान होने की आशंका भी जताई जा रही है।

मौसम विभाग का क्या है कहना?

मौसम विभाग (Meteorological Department) के अनुसार, हरियाणा के कुछ हिस्सों में मौसम का यह बदलाव पश्चिमी विक्षोभ के कारण हुआ है। विभाग ने बताया कि कुरुक्षेत्र (Kurukshetra), यमुनानगर (Yamunanagar), जींद (Jind), और फतेहाबाद (Fatehabad) जैसे जिलों में मौसम साफ है, और वहां धूप खिली हुई है। लेकिन अगले कुछ घंटों में सात जिलों में 25 प्रतिशत बारिश (25% Chance of Rain) की संभावना है।

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि जिन इलाकों में बारिश नहीं हो रही, वहां मौसम शुष्क बना रहेगा। उन्होंने किसानों को सलाह दी है कि वे ओलों से फसलों को बचाने के लिए जरूरी कदम उठाएं। साथ ही, लोगों से अपील की गई है कि वे बारिश के दौरान सावधानी बरतें और खुले में न रहें।

फसलों और आम जनजीवन पर असर

हरियाणा में बारिश (Haryana Rainfall) का असर न केवल मौसम पर, बल्कि जनजीवन और खेती पर भी पड़ रहा है। बारिश ने जहां गर्मी से राहत दी है, वहीं ओलों ने कुछ किसानों की चिंता बढ़ा दी है। रोहतक (Rohtak) और सोनीपत (Sonipat) के किसानों का कहना है कि बारिश फसलों के लिए फायदेमंद है, लेकिन ओलों से गेहूं और सरसों की फसलों को नुकसान हो सकता है।

39 डिग्री पर पहुंचे पारे से मिलेगी राहत, हरियाणा में 6 दिन तक बादलों का डेरा; जानें मौसम का हाल | haryana-weather-update-western-disturbance-rain-alert-october-temperature-drop
39 डिग्री पर पहुंचे पारे से मिलेगी राहत, हरियाणा में 6 दिन तक बादलों का डेरा; जानें मौसम का हाल

वहीं, शहरों में बारिश के बाद सड़कों पर पानी भरने की समस्या भी देखने को मिली। हिसार (Hisar) में कुछ इलाकों में जलभराव की शिकायतें आईं, जिससे स्थानीय प्रशासन को अलर्ट पर रहना पड़ा।

आगे क्या रहेगा मौसम का मिजाज?

मौसम विभाग (Meteorological Department) का अनुमान है कि अगले 24 घंटों में हरियाणा के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश हो सकती है, लेकिन बड़े पैमाने पर मौसम शांत रहेगा। जिन इलाकों में बारिश नहीं हुई, वहां धूप और गर्मी का असर बना रहेगा। विभाग ने लोगों से सलाह दी है कि वे मौसम की जानकारी के लिए नियमित रूप से अपडेट्स देखते रहें।

सावधानी और तैयारी जरूरी

यह मौसमी बदलाव भले ही राहत लेकर आया हो, लेकिन इसके साथ कुछ सावधानियां भी जरूरी हैं। किसानों को अपनी फसलों की सुरक्षा के लिए पहले से तैयारी कर लेनी चाहिए। वहीं, आम लोगों को बारिश और ओलों के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है। हरियाणा में मौसम (Haryana Weather) का यह रंग-बिरंगा मिजाज लोगों के लिए राहत और चुनौती दोनों लेकर आया है।

हरियाणा में 7 साल का सबसे सूखा मानसून: 23% कम बरसा पानी, जींद और सिरसा में सूखे जैसे हालात | haryana-monsoon-2026-deficit-drought-rain-data-groundwater-impact
हरियाणा में 7 साल का सबसे सूखा मानसून: 23% कम बरसा पानी, जींद और सिरसा में सूखे जैसे हालात

अमित गुप्ता

पत्रकारिता में पिछले 30 वर्षों का अनुभव। दैनिक भास्कर, अमर उजाला में पत्रकारिता की। दैनिक भास्कर में 20 वर्षों तक काम किया। अब अपने न्यूज पोर्टल हरियाणा न्यूज पोस्ट (Haryananewspost.com) पर बतौर संपादक काम कर रहा हूं। खबरों के साथ साथ हरियाणा के हर विषय पर पकड़। हरियाणा के खेत खलियान से राजनीति की चौपाल तक, हरियाणा सरकार की नीतियों के साथ साथ शहर के विकास की बात हो या हर विषयवस्तु पर लिखने की धाकड़ पकड़। म्हारा हरियाणा, जय हरियाणा।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment