Haryana storm: Storm in Haryana: Devastation amidst great relief, hundreds of trees and poles fell!: हरियाणा में शनिवार, 24 मई 2025 को मौसम ने अचानक करवट ली और तेज तूफान (Haryana storm) के साथ मूसलाधार बारिश (heavy rainfall) ने पूरे राज्य में कहर बरपाया।
इस प्राकृतिक आपदा ने सैकड़ों पेड़, बिजली के खंभे (electric poles), और ट्रांसफार्मर (transformers) को उखाड़ दिया, जिससे कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति (power supply) ठप हो गई। हिसार में नहर टूटने और रोहतक में मोबाइल टावर गिरने की घटनाओं ने स्थिति को और गंभीर बना दिया। करनाल में रिकॉर्ड 118 मिलीमीटर बारिश (rainfall) दर्ज की गई, जबकि तापमान में 10 डिग्री की गिरावट (temperature drop) ने मौसम को सुहावना बना दिया। आइए, इस तूफान की तबाही, प्रभाव, और सावधानियों को विस्तार से जानें।
हरियाणा में तूफान: तबाही का मंजर Haryana storm
हरियाणा में तूफान (Haryana storm) ने शनिवार को भारी नुकसान पहुंचाया। पूरे राज्य में 6,490 से अधिक पेड़ और 5,821 बिजली के खंभे (electric poles) गिर गए, जबकि 630 ट्रांसफार्मर (transformers) क्षतिग्रस्त हो गए। हिसार सर्कल में अकेले 473 खंभे, 53 ट्रांसफार्मर, और करीब 2,000 पेड़ धराशायी हो गए।
रोहतक में एक बीएसएनएल मोबाइल टावर (mobile tower) और नांगल चौधरी में 132 केवी बिजली टावर गिरने से बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान हुआ। हिसार में तेज आंधी (storm) ने बालसमंद ब्रांच नहर को तोड़ दिया, जिससे पावर हाउस और आसपास के क्षेत्र जलमग्न (waterlogging) हो गए। इससे बिजली आपूर्ति (power supply) बाधित हुई और कई इलाकों में रात को ब्लैकआउट जैसी स्थिति रही।
दुखद हादसे और मानवीय नुकसान
इस तूफान (Haryana storm) ने न केवल संपत्ति को नुकसान पहुंचाया, बल्कि मानवीय क्षति भी की। हिसार में शनिवार रात एक छत का छज्जा ढहने से 68 वर्षीय रविंद्र की मौत हो गई, जबकि उनकी 12 वर्षीय दोहती पूर्वी के दोनों पैरों में फ्रैक्चर (injury) हो गया।
उकलाना के बुढ़ाखेड़ा गांव में दिलीप सिंह का मकान पूरी तरह ढह गया। ये घटनाएं सावधानी बरतने की जरूरत को रेखांकित करती हैं। स्थानीय प्रशासन ने प्रभावित परिवारों की मदद शुरू कर दी है और राहत कार्य (relief operations) तेज कर दिए गए हैं।
बारिश और तापमान में बदलाव
मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन के अनुसार, 24 मई को एक नया पश्चिमी विक्षोभ (western disturbance) सक्रिय हुआ, जिसके कारण 30 से 80 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चलीं। करनाल में सबसे ज्यादा 118 मिमी बारिश (rainfall) दर्ज की गई, जबकि कैथल में 78 मिमी, हिसार में 74 मिमी, और अंबाला में 43.4 मिमी बारिश हुई।
तापमान में 10 डिग्री सेल्सियस की गिरावट (temperature drop) ने गर्मी से राहत दी, और रविवार को शुरू हुए नौतपा का पहला दिन सुहावना रहा। यह मौसम अपडेट (weather update) लोगों के लिए राहत के साथ-साथ सतर्कता का संदेश भी देता है।
प्रभावित क्षेत्र और नुकसान
हिसार में नहर टूटने (canal breach) से जलमग्नता (waterlogging) की स्थिति बनी, जिसने पावर हाउस और आसपास के क्षेत्रों को प्रभावित किया। रोहतक और नांगल चौधरी में टावर गिरने से संचार और बिजली सेवाएं (communication services) बाधित हुईं।
कई जगह शेड उखड़ गए और सड़कों पर पेड़ गिरने से यातायात (traffic disruption) प्रभावित हुआ। बिजली विभाग (electricity department) और स्थानीय प्रशासन दिन-रात काम कर रहे हैं ताकि बिजली आपूर्ति (power supply) और अन्य सेवाएं जल्द बहाल हो सकें।
लोगों के लिए सलाह और सावधानियां
हरियाणा में तूफान (Haryana storm) और बारिश (heavy rainfall) के बाद लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। मौसम अपडेट (weather update) पर नजर रखें और स्थानीय प्रशासन की सलाह मानें। घरों की छतों और कमजोर संरचनाओं की जांच करें, ताकि हादसों (accidents) से बचा जा सके।
जलमग्न क्षेत्रों (waterlogging) में अनावश्यक यात्रा से बचें और बिजली के खंभों (electric poles) या तारों से दूर रहें। अगर आप बिजली या पानी की समस्या का सामना कर रहे हैं, तो तुरंत बिजली विभाग (electricity department) या हेल्पलाइन से संपर्क करें। डिजिटल साक्षरता (digital literacy) को बढ़ावा देने के लिए मौसम ऐप्स और आपातकालीन सेवाओं (emergency services) का उपयोग करें।
राहत कार्य और भविष्य की तैयारियां
स्थानीय प्रशासन और बिजली विभाग (electricity department) प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य (relief operations) में जुटे हैं। क्षतिग्रस्त खंभों और ट्रांसफार्मर (transformers) को ठीक करने का काम तेजी से चल रहा है।
भविष्य में ऐसी प्राकृतिक आपदाओं (natural disasters) से निपटने के लिए हरियाणा सरकार को बुनियादी ढांचे (infrastructure) को और मजबूत करना होगा। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ (western disturbance) जैसी घटनाएं बढ़ सकती हैं, इसलिए लोगों को भी जागरूक और तैयार रहना चाहिए।
हरियाणा में मौसम का सबक
यह तूफान (Haryana storm) और बारिश (heavy rainfall) न केवल तबाही का मंजर लेकर आया, बल्कि यह प्रकृति की शक्ति और सावधानी की जरूरत को भी दर्शाता है।
हरियाणा के लोग इस चुनौती से उबर रहे हैं, और राहत कार्य (relief operations) तेजी से चल रहे हैं। यह घटना हमें पर्यावरण संरक्षण (environmental protection) और मजबूत बुनियादी ढांचे (infrastructure) की महत्ता सिखाती है।













