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हरियाणा मौसम: हरियाणा में ओलावृष्टि और आंधी का अलर्ट, बिजाई रोकने की सरकारी सलाह

On: अप्रैल 29, 2026 11:46 पूर्वाह्न
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हरियाणा मौसम: हरियाणा में ओलावृष्टि और आंधी का अलर्ट, बिजाई रोकने की सरकारी सलाह
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गुरुग्राम, 29 अप्रैल (हरियाणा न्यूज पोस्ट)। हरियाणा के आसमान में अचानक उमड़े बादलों ने तपती गर्मी पर ब्रेक लगा दिया है। कल सुबह जहां तेज धूप ने लोगों को बेहाल कर रखा था, वहीं रात होते-होते प्रदेश के कई हिस्सों में धूलभरी आंधी और गरज-चमक के साथ बूंदाबांदी ने मौसम सुहावना बना दिया। हिसार, सिरसा, पलवल और सोनीपत में रात को हुई इस हलचल ने तापमान में गिरावट दर्ज की है। मौसम विभाग (IMD) ने आज भी प्रदेश के एक बड़े हिस्से में भारी तूफान और बारिश की चेतावनी जारी की है।

इन इलाकों में रहेगा आंधी का सबसे ज्यादा असर

चंडीगढ़ मौसम विभाग ने दक्षिण और मध्य हरियाणा के कई शहरों के लिए विशेष बुलेटिन जारी किया है। आज सोहना, गुरुग्राम, पानीपत, सोनीपत, गोहाना और गन्नौर में मौसम का सबसे उग्र रूप देखने को मिल सकता है। इसके अलावा सांपला, समालखा, बहादुरगढ़, खरखौदा और नारनौल जैसे क्षेत्रों में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है। प्रशासन ने लोगों को खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है।

चक्रवातीय घेरे और नमी ने बदली हवा की दिशा

मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन के अनुसार, मौसम में यह बड़ा बदलाव उत्तरी राजस्थान और पश्चिमी हरियाणा पर बने एक चक्रवातीय सर्कुलेशन (Cyclonic Circulation) के कारण आया है। इसके साथ ही बंगाल की खाड़ी से आने वाली पूर्वी हवाएं नमी लेकर पहुंच रही हैं, जिससे 29 और 30 अप्रैल को प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश और कुछ जगहों पर ओलावृष्टि की स्थिति बन रही है। यह मौसमी बदलाव मई के पहले सप्ताह तक जारी रहने के संकेत मिल रहे हैं।

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किसानों के लिए विशेष गाइडलाइन

खेतों में काम कर रहे किसानों के लिए यह मौसम चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि वे फिलहाल बिजाई का काम रोक दें और खेतों में सिंचाई न करें। तेज हवाओं के चलते फसल गिरने का डर रहता है, इसलिए जलभराव से बचना जरूरी है। साथ ही, इस समय खेतों में कीटनाशक का छिड़काव बिल्कुल न करें क्योंकि बारिश के कारण दवा धुल जाएगी और मेहनत बेकार चली जाएगी।

पशुधन की सुरक्षा भी है जरूरी

मौसम में बदलाव और आंधी की स्थिति को देखते हुए पशुपालकों को भी सतर्क रहने की जरूरत है। पशुओं को खुले में बांधने के बजाय शेड के नीचे रखें ताकि वे लू और आंधी की चपेट में न आएं। पशुओं को पर्याप्त पानी पिलाने और उनके रहने के स्थान पर साफ-सफाई रखने के निर्देश दिए गए हैं। दक्षिण हरियाणा के महेंद्रगढ़, कनीना और अटेली जैसे इलाकों में आंधी का प्रभाव अधिक होने के कारण विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है।

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अमनदीप सिंह

अमनदीप सिंह एक समर्पित और अनुभवी पत्रकार हैं, जो पिछले 10 वर्षों से मौसम और कृषि से संबंधित खबरों पर गहन और जानकारीपूर्ण लेख लिख रहे हैं। उनकी स्टोरीज़ मौसम के पूर्वानुमान, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और कृषि क्षेत्र की नवीनतम तकनीकों, योजनाओं और चुनौतियों को उजागर करती हैं, जो किसानों और ग्रामीण समुदायों के लिए अत्यंत उपयोगी हैं। अमनदीप का लेखन सरल, विश्वसनीय और पाठक-केंद्रित है, जो कृषि समुदाय को बेहतर निर्णय लेने में मदद करता है।

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