चंडीगढ़ और पंचकूला समेत पूरे हरियाणा में मार्च के पहले ही दिन से सूरज के तेवर तल्ख हो गए हैं। अंबाला, हिसार और गुरुग्राम जैसे 9 प्रमुख शहरों में अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस के आंकड़े को पार कर चुका है। सुबह के समय हल्की ठंड महसूस हो रही है, लेकिन दोपहर होते ही चिलचिलाती धूप लोगों को परेशान करने लगी है। मौसम विभाग के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, न्यूनतम तापमान भी अब 10 डिग्री सेल्सियस के ऊपर बना हुआ है।
4 मार्च से बदलेगा मौसम का मिजाज
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, 4 मार्च की रात से एक नया पश्चिमी विक्षोभ उत्तर भारत में दस्तक देगा। इसका सीधा असर अंबाला, कुरुक्षेत्र और यमुनानगर जैसे उत्तरी जिलों में देखने को मिलेगा, जहां हल्की बूंदाबांदी हो सकती है। इसके बाद 8 से 9 मार्च के बीच एक और मजबूत विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है। इस बदलाव से तापमान में अचानक गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे गर्मी से थोड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
मार्च में 6 बार पलटेगा मौसम: किसानों की बढ़ी चिंता
विशेषज्ञों का कहना है कि इस साल मार्च का औसत तापमान सामान्य से कहीं अधिक रह सकता है। आम तौर पर मार्च में तापमान 32 डिग्री रहता है, लेकिन इस बार इसके 38 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने के आसार हैं। पूरे महीने के दौरान 5 से 6 पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होंगे। इनमें से तीन विक्षोभ इतने शक्तिशाली होंगे कि वे पश्चिमी और दक्षिणी हरियाणा में तेज हवाओं और आंधी के साथ सामान्य से अधिक बारिश ला सकते हैं।
आम आदमी और खेती पर असर
तापमान में यह भारी उतार-चढ़ाव आम आदमी की सेहत पर भारी पड़ सकता है। अचानक बढ़ती गर्मी और फिर बारिश से सर्दी-खांसी जैसी मौसमी बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। वहीं, खेतों में खड़ी गेहूं की फसल के लिए भी यह समय काफी नाजुक है। तेज हवाएं और बेमौसम बारिश पकने की ओर बढ़ रही फसल को नुकसान पहुंचा सकती हैं। दक्षिण हरियाणा के महेंद्रगढ़ और रेवाड़ी बेल्ट में किसानों को मौसम की हर हरकत पर नजर रखने की सलाह दी गई है।
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