गुरुग्राम . साइबर सिटी गुरुग्राम की लाइफलाइन कहे जाने वाले सार्वजनिक परिवहन को अब इलेक्ट्रिक अवतार मिलने वाला है। रोडवेज विभाग अगले महीने अपने बेड़े में 200 नई इलेक्ट्रिक बसों को शामिल करने की तैयारी में है। यह कदम न केवल शहर की सड़कों पर निजी वाहनों का दबाव कम करेगा, बल्कि प्रदूषण की मार झेल रहे गुरुग्राम के पर्यावरण को भी बड़ी राहत देगा। जिला प्रशासन और नगर निगम की टीमें इन बसों के संचालन को लेकर अंतिम रूपरेखा तैयार कर रही हैं।
सेक्टर-48 में तैयार हो रहा हाई-टेक बस डिपो
इलेक्ट्रिक बसों के सुचारू संचालन के लिए सेक्टर-48 में एक विशेष बस डिपो का निर्माण युद्ध स्तर पर जारी है। अधिकारियों के मुताबिक इस डिपो का 75 फीसदी ढांचा तैयार हो चुका है और बाकी बचा काम इस महीने के अंत तक पूरा कर लिया जाएगा। यह डिपो पूरी तरह अत्याधुनिक होगा जहां बसों के रखरखाव से लेकर उनकी रियल-टाइम मॉनिटरिंग के लिए कंट्रोल रूम स्थापित किया जा रहा है।
एक साथ चार्ज होंगी 25 बसें
सफर के दौरान बसों की चार्जिंग में कोई अड़चन न आए, इसके लिए डिपो में हाई-कैपेसिटी चार्जिंग स्टेशन लगाए जा रहे हैं। यहां एक साथ 25 बसों को चार्ज करने की सुविधा उपलब्ध होगी। खास बात यह है कि इस बुनियादी ढांचे को भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाया गया है। अगर आने वाले समय में बसों की संख्या बढ़ती है, तो भी चार्जिंग और पार्किंग की व्यवस्था में कोई समस्या नहीं आएगी।
नौकरीपेशा और छात्रों को मिलेगी बड़ी राहत
गुरुग्राम जैसे आईटी और औद्योगिक हब में रोजाना हजारों की संख्या में लोग दिल्ली, फरीदाबाद और रेवाड़ी से आवागमन करते हैं। वर्तमान में सार्वजनिक परिवहन की कमी के कारण लोगों को ऑटो या निजी टैक्सियों पर निर्भर रहना पड़ता है जो काफी खर्चीला साबित होता है। इन 200 बसों के आने से न केवल स्टूडेंट्स और ऑफिस जाने वालों को किफायती सफर मिलेगा, बल्कि मेट्रो स्टेशनों तक लास्ट माइल कनेक्टिविटी भी सुधरेगी।
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