डिजिटल डेस्क, चंडीगढ़ : मौसम विभाग ने हरियाणा में 1 फरवरी को बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया है। पश्चिमी विक्षोभ के कारण अंबाला और पंचकूला समेत कई जिलों में तेज हवाएं चलेंगी।
हरियाणा के निवासियों को अभी ठंड से राहत मिलती नहीं दिख रही है। पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी और सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ ने मैदानी इलाकों के मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया है। मौसम विभाग ने ताजा अपडेट जारी करते हुए प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश और ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की है। विशेष रूप से 1 फरवरी का दिन किसानों और आम जनता के लिए भारी पड़ सकता है क्योंकि इस दिन पूरे राज्य में मौसम के उग्र रहने की संभावना जताई गई है।
बादलों ने बिगाड़ा दिन और रात का गणित
मौसम विज्ञानियों के अनुसार बीते 24 घंटों में सूर्यदेव के दर्शन दुर्लभ ही रहे। आसमान में बादल छाए होने की वजह से एक अजीब स्थिति बनी हुई है। आमतौर पर बादल रात की गर्मी को बाहर जाने से रोकते हैं जिससे रात का तापमान सामान्य से 3.5 डिग्री सेल्सियस ऊपर चढ़कर 11.2 डिग्री पर पहुंच गया है। वहीं दिन में धूप न निकलने से अधिकतम तापमान सामान्य से 3.1 डिग्री गिरकर 18.2 डिग्री सेल्सियस पर आ गया है। इस वजह से दिन में कंपकंपी और रात में उमस जैसा अहसास हो रहा है।
31 जनवरी और 1 फरवरी के लिए विशेष अलर्ट
मौसम विभाग ने आने वाले दिनों के लिए एक विस्तृत पूर्वानुमान जारी किया है। अगले दो दिन मौसम के शुष्क रहने के आसार हैं लेकिन सुबह शाम कोहरे की चादर देखने को मिल सकती है।
31 जनवरी की स्थिति: महीने के आखिरी दिन दक्षिण हरियाणा के जिलों जैसे महेंद्रगढ़ रेवाड़ी मेवात और पलवल में मौसम करवट लेगा। यहां छिटपुट बारिश होने की पूरी संभावना है।
1 फरवरी का हाई अलर्ट: नए महीने की शुरुआत तूफानी हो सकती है। इस दिन उत्तर पूर्वी जिले अंबाला पंचकूला और यमुनानगर में भारी बारिश का अनुमान है। वहीं मध्य और दक्षिण हरियाणा में गरज चमक के साथ ओले गिरने की आशंका है। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
सेहत को लेकर रहें सावधान
बदलते मौसम में वायरल बुखार और जुकाम का खतरा सबसे ज्यादा होता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने विशेष रूप से बच्चों बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। दिन में ठंडक और तेज हवाओं के संपर्क में आने से बचना चाहिए। डॉक्टरों का कहना है कि तापमान में उतार चढ़ाव शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को कमजोर कर सकता है इसलिए गर्म कपड़े पहनना जारी रखें।
किसानों के लिए चिंता की घंटी
कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि इस समय रबी की फसलें विशेषकर गेहूं और सरसों खेतों में खड़ी हैं। अगर बारिश होती है तो वह फसलों के लिए अमृत का काम करेगी लेकिन ओलावृष्टि यानी हेलस्टॉर्म फसलों को भारी नुकसान पहुंचा सकती है। तेज हवाओं से फसल के बिछने का डर भी बना हुआ है। कृषि विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे मौसम साफ होने तक सिंचाई और छिड़काव जैसे कार्यों को रोक दें।













