डिजिटल डेस्क, चंडीगढ़: हरियाणा के कई जिलों में बारिश और ओलावृष्टि हुई है। इससे सरसों की फसल प्रभावित हुई है। मौसम विभाग ने 1 फरवरी को फिर बारिश की संभावना जताई है।
हरियाणा में मौसम ने एक बार फिर करवट बदली है और इस बदलाव ने आम लोगों के साथ साथ किसानों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण प्रदेश के कई हिस्सों में तेज हवाओं के साथ बारिश हुई और कुछ जगहों पर जमकर ओले गिरे।
ओलावृष्टि के कारण भिवानी और हिसार जैसे जिलों में सफेद चादर बिछ गई। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों के लिए भी चेतावनी जारी की है, जिसमें ठंड और बढ़ने के आसार हैं।
इन जिलों में बरसी आफत
बीते 24 घंटों में मौसम का सबसे ज्यादा असर भिवानी, रोहतक, हिसार और यमुनानगर में देखने को मिला। यहां बारिश के साथ ओले गिरने की खबरें सामने आई हैं। इसके अलावा सोनीपत, कुरुक्षेत्र, रेवाड़ी, पंचकूला और फरीदाबाद में भी रुक रुक कर बारिश का दौर जारी रहा। गुरुग्राम और नूंह में भी आसमान में बादल छाए रहे और बूंदाबांदी दर्ज की गई।
किसानों की मेहनत पर फिरा पानी
कृषि विशेषज्ञों के मुताबिक इस बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि का सीधा असर रबी की फसलों पर पड़ा है।
सरसों की फसल: इस समय खेतों में सरसों की फसल पकने की कगार पर है या फूलों से लदी है। ओले गिरने से फूलों का झड़ना और फलियों का टूटना तय है जिससे भारी आर्थिक नुकसान की आशंका है।
गेहूं को राहत: गनीमत यह रही कि गेहूं की फसल अभी छोटी अवस्था में है इसलिए उसे ओलावृष्टि से ज्यादा नुकसान नहीं हुआ है। हल्की बारिश गेहूं के लिए खाद का काम कर सकती है।
चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने किसानों को सलाह दी है कि वे खेतों में पानी न जमा होने दें और मौसम साफ होने तक किसी भी तरह के छिड़काव से बचें।
शिमला से भी ठंडा हुआ गुरुग्राम
बारिश के बाद चली बर्फीली हवाओं ने तापमान को लुढ़का दिया है। साइबर सिटी गुरुग्राम में ठंड ने लोगों की कंपकंपी छुड़ा दी।
गुरुग्राम: यहां न्यूनतम तापमान 5.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्य से काफी कम है।
करनाल: दिन के समय करनाल में थोड़ी राहत रही और अधिकतम तापमान 21.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा।
औसत तापमान: आज सुबह पूरे प्रदेश का औसत तापमान 12 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना रहा।
अगले 4 दिन कैसा रहेगा मौसम
मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि अभी राहत मिलने की उम्मीद कम है।
29 और 30 जनवरी: इन दो दिनों में मौसम में फिर से बदलाव देखने को मिलेगा। आंशिक रूप से बादल छाए रह सकते हैं।
31 जनवरी: एक नया और कमजोर पश्चिमी विक्षोभ 31 जनवरी को सक्रिय होगा।
1 फरवरी: इस नए सिस्टम के चलते फरवरी की शुरुआत बारिश और तेज हवाओं के साथ होगी।
मौसम विभाग ने लोगों को हिदायत दी है कि खराब मौसम के दौरान बिजली के खंभों और पुराने पेड़ों के नीचे शरण न लें। ठंड और कोहरे का यह दौर अभी फरवरी के पहले हफ्ते तक जारी रहने वाला है।












