Hisar Weather The average rainfall in June is expected to be around 49.7 mm: जून महीने में मौसम में लगातार बदलाव देखने को मिलेगा। पहले सप्ताह में मौसम परिवर्तनशील बना रहेगा। 2 से 5 जून के दौरान सम्पूर्ण हरियाणा, एनसीआर और दिल्ली में तेज गति से हवाएं चलने अंधड़ और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। कुछेक स्थानों पर तूफानी हवाओं के साथ बारिश होगी। जून के दूसरा सप्ताह में धीरे-धीरे सम्पूर्ण इलाके में तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। इसके बाद बार फिर पश्चिमी और दक्षिणी-पश्चिमी हवाओं से सम्पूर्ण क्षेत्र में उमसभरी गर्मी पसीना छुड़वा सकती है।
Hisar Weather: ऐसा रहा मौसम
वहीं सोमवार को तेज हवाएं चलीं। बादल छाये रहे। दिन में हल्की बूंदाबांदी हुई। रविवार सुबह से मौसम बदला नजर आया। बादल छाये रहे। दोपहर बाद बूंदाबांदी हुई।
आज नौतपा समाप्त हो रहा है। हालांकि मौसम परिवर्तनशील रहने के कारण इस बार नौतपा ज्यादा नहीं तपा। सोमवार को भी बादल छाने और बूंदाबांदी के आसार हैं। उम्मीद है कि इस बार जून के आखिरी हफ्ते में ही मानसून दस्तक देगा, जो आमतौर पर जुलाई के पहले हफ्ते में आता है।
पहले पहुंच सकता है मानसून
इस बार समय से तीन-चार दिन पहले पहुंच सकता है मानसून, सामान्य से ज्यादा बारिश की संभावना मौसम वैज्ञानिक डॉ. चंद्रमोहन के खाड़ी बने डीप डिप्रेशन से बढ़ी अनुसार हरियाणा, एनसीआर और नमी है। समुद्र का तापमान सामान्य दिल्ली में जून महीने के अंतिम से ज्यादा रहा, जिससे मानसूनी दिनों में मानसून अपने तय समय हवाएं तेजी से सक्रिय हुईं।
पश्चिमी से तीन-चार दिन पहले पहुंचने की हवाओं और चक्रवातों की हलचल संभावना है। इस बार मानसून ने भी मानसून को आगे बढ़ने में अपने तय समय से 8 दिन पहले मदद की। इसके अलावा जलवायु केरल पहुंचा है। वर्तमान परिदृश्य परिवर्तन भी मौसम के पैटर्न में में लगातार मानसून ने स्पीड पकड़ बदलाव की एक बड़ी वजह बन रखी है परन्तु जल्द ही इस पर 10 रहा है।
देश में इस बार मानसून दिन का ब्रेक लगने की संभावना सीजन जून से सितंबर में सामान्य बन रही है। इस साल भारत में से ज्यादा बारिश होने का अनुमान मानसून जल्दी पहुंचने की मुख्य है। मौसम विभाग ने कहा ये 106 वजह अरब सागर और बंगाल की प्रतिशत रह सकती है।
तेज गति की हवाएं चलेंगी
जून में सक्रिय होंगे पांच से छह पश्चिमी विक्षोभ, तेज गति की हवाएं चलेंगी मौसम वैज्ञानिक डॉ. चंद्रमोहन के अनुसार जून महीने में पांच से छह पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होंगे। पहले पखवाड़े में दो पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से बारिश और तेज गति की हवाओं से सम्पूर्ण इलाके में मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा।
इस दौरान दिन-रात का तापमान सामान्य के आसपास ही बना रहेगा। जून में औसत बारिश 49.7 एमएम बारिश होती है। पहले पखवाड़े में बारिश भी सामान्य के आसपास होगी। दूसरे पखवाड़े के पहले सप्ताह में मौसम आमतौर पर शुष्क बना रहेगा। इस दौरान बंगाल की खाड़ी पर एक चक्रवातीय तूफान या डीप डिप्रेशन बनने की संभावना है। इसकी वजह से सम्पूर्ण इलाके में एक बार फिर से हवाएं पूर्वी और दक्षिणी पूर्वी होने से तापमान में तो गिरावट होगी परन्तु उमसभरी गर्मी बनीं रहेगी।













