कुरुक्षेत्र (Kurukshetra Temperature Drop)। पिछले दो दिन से तापमान में निरंतर गिरावट हो रही है। आमजन को सुबह- शाम ठंड महसूस होने लगी है। दो दिन पहले हुई हल्की बूंदाबांदी के बाद वातावरण में प्रदूषण का स्तर कम हुआ है। 48 घंटे में प्रदूषण का स्तर 210 से घटकर 113 पहुंच गया। शुक्रवार को दिन का अधिकतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम तापमान 12 डिग्री पहुंच गया।
Kurukshetra Temperature Drop: तीन डिग्री तक गिरावट
वहीं दस किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से तेज हवा चली। जिस कारण तापमान में तीन डिग्री तक गिरावट देखने को मिली। वीरवार को दिन का अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम तापमान 13 डिग्री था। दो दिन से शीत हवाएं भी चल रही है, जो सुबह-शाम ठंडक का अधिक एहसास करवा रही है। मौसम विशेषज्ञों ने सप्ताह भर में अधिकतम तापमान में तीन से चार डिग्री गिरावट होने की संभावना जताई है।
बदलते मौसम में स्वास्थ्य का रखें ध्यान मौसम में परिवर्तन के कारण सुबह व शाम के समय ठंड में बढ़ोतरी होने लगी है। इस समय यदि बरसात होती है तो तापमान में एकदम गिरावट आने से ठंड बढ़ेगी, ऐसे में स्वास्थ्य का ध्यान रखना जरूरी है। चिकित्सकों के अनुसार नागरिक सुबह व शाम के समय गर्म कपड़े पहनें तथा छोटे बच्चों व बीमार व्यक्तियों का विशेष ध्यान रखें ताकि ठंड से बचाव हो सके।
फसल अवशेष जलाने के मामलों में 94 फीसदी आई कमी
कुरुक्षेत्र। धान की फसल के अवशेषों में आगजनी की घटनाओं में 94 फीसदी कमी आने पर प्रदेश के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी और एयर क्वालिटी मिशन के चेयरमैन ने जिला प्रशासन व उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा की सराहना की है। प्रशासन ने इस बार धान की फसल के अवशेषों में आगजनी की घटनाओं को रोकने के लिए गांव स्तर पर टीमों का गठन कर रोका।
उपायुक्त ने कहा कि इस बार पिछले वर्ष की अपेक्षा 94 फीसदी आगजनी की घटनाएं कम हुई हैं। इस कार्य में कृषि विभाग, पंचायती विभाग, राजस्व विभाग, पुलिस विभाग सहित अन्य विभागों के अधिकारियों-कर्मचारियों ने अपनी-अपनी जिम्मेदारी को बेहतर ढंग से निभाया।
उन्होंने कहा कि इस बार धान की फसल की रोपाई के साथ-साथ अवशेषों में आगजनी की घटनाओं को रोकने के लिए जिला प्रशासन ने योजना बनानी शुरू कर दी गई थी। गांव स्तर पर प्रशासन की तरफ से टीमों का गठन किया गया, इन टीमों ने गांवों में जाकर किसानों को जागरुक किया। इस मौके पर उपकृषि निदेशक डाॅ.कर्मचंद, एसडीओ राजेश वर्मा भी मौजूद रहे।
90 फीसदी फानों का किया जा चुका प्रबंधन
जिला में अब तक 90 फीसदी फानों का प्रबंधन किया जा चुका है। इसके साथ ही 99 फीसदी हार्वेस्टिंग की जा चुकी है। उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने आगजनी की घटनाओं को रोकने में जिम्मेदारी निभाने वाले सभी अधिकारियों-कर्मचारियों को बधाई दी।













