हरियाणा में इन दिनों मौसम लगातार करवट बदल रहा है। कहीं सुबह घना कोहरा दिख रहा है तो कहीं साफ आसमान के साथ तेज धूप राहत दे रही है। बुधवार को हिसार समेत कई जिलों में दिन के समय धूप खिली रही, लेकिन ठंडी हवाओं के कारण ठिठुरन पूरी तरह खत्म नहीं हुई। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में तापमान और कोहरे दोनों को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है।
हरियाणा में मौजूदा मौसम की स्थिति
बुधवार को हिसार का अधिकतम तापमान 22.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से करीब 2.2 डिग्री अधिक रहा। वहीं न्यूनतम तापमान 7.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ। दिन में धूप निकलने से लोगों को राहत जरूर मिली, लेकिन शाम होते ही ठंडी और शांत हवाओं ने सर्दी का असर बढ़ा दिया।
सुबह और शाम के समय
पार्कों और छतों पर लोग धूप सेंकते नजर आए
ठंडी हवाओं के कारण ऊनी कपड़ों की जरूरत बनी रही
कुछ इलाकों में दृश्यता कम होने की समस्या देखी गई
मौसम विभाग का अनुमान
मौसम विज्ञानियों के मुताबिक क्रिसमस के दिन प्रदेश में मौसम साफ और शुष्क रहने की संभावना है। हालांकि हवाएं चलती रहीं तो ठंड का असर बढ़ सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है
अगर हवाएं शांत रहीं तो कोहरा धीरे धीरे छंट सकता है
तेज हवाओं की स्थिति में तापमान में और गिरावट आ सकती है
कुछ ग्रामीण और खुले इलाकों में पाला पड़ने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता
पश्चिमी विक्षोभ का असर क्यों अहम है
पिछले कुछ दिनों से पश्चिमी विक्षोभ उत्तरी पहाड़ी राज्यों में सक्रिय रहा है। इसके चलते पहाड़ों पर बर्फबारी हुई और मैदानी क्षेत्रों में नमी बढ़ी। यही नमी कोहरे और ठंड को बढ़ाने की बड़ी वजह बन रही है।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार
पहाड़ों की बर्फबारी से मैदानी इलाकों में ठंडी हवाएं पहुंचती हैं
वातावरण में नमी बढ़ने से सुबह और रात के समय कोहरा घना हो जाता है
तापमान में लगातार उतार चढ़ाव देखने को मिलता है
आगे क्या हो सकता है
29 दिसंबर के बाद एक और पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना जताई गई है। इसके असर से हरियाणा में फिर से धुंध और कोहरे की तीव्रता बढ़ सकती है। किसानों और वाहन चालकों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
क्यों जरूरी है यह जानकारी
सड़क हादसों का खतरा कोहरे में बढ़ जाता है
फसलों पर पाले का असर नुकसानदायक हो सकता है
तापमान में बदलाव से बुजुर्गों और बच्चों की सेहत प्रभावित हो सकती है
मौसम पर नजर रखना और सरकारी एडवाइजरी का पालन करना इस समय बेहद जरूरी है।













