यमुनानगर (Yamunanagar Air Pollution) : दिवाली के बाद से यमुनानगर की हवा लगातार खराब बनी हुई है। शनिवार को जिले का एक्यूआई 284 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर तक पहुंच गया। यह स्तर किसी भी स्वस्थ इंसान को बीमार करने के लिए काफी है। डॉक्टर बार-बार चेतावनी दे रहे हैं – बाहर निकलो तो मास्क जरूर लगाओ।
आंखों में जलन, गले में खराश
लोगों को अब रोजाना कई परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं। जुकाम, खांसी, आंखों में जलन, गले में खराश, स्किन में खुजली और एलर्जी की शिकायतें तेजी से बढ़ी हैं। जो पहले बिल्कुल ठीक थे, उन्हें भी अब दिक्कत हो रही है। दमा और सांस के मरीजों के लिए तो यह हवा जहर से कम नहीं।
सबसे ज्यादा खतरे में बच्चे और बुजुर्ग
डॉक्टर बता रहे हैं कि इस जहरीली हवा से बचाने के लिए बच्चों और बुजुर्गों का खास खयाल रखना होगा। खासकर नवजात शिशुओं को तो बिल्कुल सीधी हवा में नहीं लाना चाहिए। अगर संभव हो तो एयर प्यूरीफायर वाली नेट में रखें। सुबह की वॉक भूल जाओ, बाहर निकलना ही है तो मास्क और चश्मा जरूर पहनें।
अस्पताल में मरीजों की भीड़, 25% तक बढ़े केस
सिविल अस्पताल के फिजिशियन डॉ. सचिन शर्मा ने बताया कि प्रदूषण की वजह से सांस की तकलीफ, दमा और खांसी-जुकाम के मरीजों में करीब 25 फीसदी तक इजाफा हुआ है। ओपीडी में रोजाना ज्यादा मरीज आ रहे हैं।
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. विजय दहिया कहते हैं, “बच्चों को इस मौसम में बाहर बिल्कुल न निकालें। कुछ महीने के बच्चे सबसे ज्यादा खतरे में हैं।”
सर्दी भी बढ़ने वाली है, तापमान और गिरेगा
वहीं ठंड भी तेजी से बढ़ रही है। शनिवार को अधिकतम तापमान 24 डिग्री और न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस रहा। अगले हफ्ते से तापमान और नीचे जाएगा, न्यूनतम तापमान 8-9 डिग्री तक पहुंच सकता है। यानी ठंड के साथ जहरीली हवा, डबल अटैक।












