Haryana News: 14 आईएएस रिटायर हुए, आधा दर्जन अगले 4 महीने में होंगे, 21 फीसद पद खाली

Haryana: हरियाणा में पिछले साल 14 आईएएस अधिकारी रिटायर हुए थे। जिसमें से दो को सरकार ने रिटायरमेंट के बाद भी जिम्मेदारी दी। आईएएस की सेंक्शन पोस्ट 215 हैं, लेकिन इस समय 169 पोस्ट भरी हुई हैं। अगले 4 महीने में आधा दर्जन अफसर और रिटायर होंगे।
चंडीगढ़। Haryana News: किसी भी राज्य को चलाने में आईएएस अधिकारियों की अहम भूमिका होती है, लेकिन अधिकारियों की कमी हो तो हर स्तर पर प्रशासनिक स्तर पर काम प्रभावित होना तय है। हरियाणा में भी बड़े पैमाने पर आईएएस अधिकारियों की कमी है।
बीते साल भी दर्जन भर से ज्यादा आईएएस अधिकारी रिटायर हुए। हालांकि हरियाणा को कुछ नए आईएएस भी आवंटित हुए लेकिन उनका आंकड़ा कम है। रिटायर हुए आईएएस में महज कुछेक को सरकार द्वारा कोई महकमा दे दिया गया।
हालांकि सभी अधिकारी इतने भाग्यशाली नहीं होते हैं कि हर किसी को रिटायरमेंट के बाद सरकार सिस्टम का हिस्सा बनाए रखे। हां इस बात से इत्तेफाक जरूर रखा जा सकता है कि कुछ अधिकारी अपनी काबिलियत के आधार पर रिटायरमेंट के बाद वापस रख लिए जाते हैं।
आईए देखते हैं कि फिलहाल प्रदेश में गत वर्ष रिटायर हुए अधिकारी कौन कौन रहे और कौन रिटायर होंगे, कुल स्वीकृत पोस्ट कितनी हैं और खाली कितनी हैं।
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जानिए कौन कौन रिटायर हुआ और किस को रिटायरमेंट बाद रिएंप्लाई किया गया
भारत सरकार की आईएएस अधिकारियों की ग्रेडेशन और डिस्ट्रीब्यूशन लिस्ट (हरियाणा कैडर) के लिहाज से देखें पिछले साल कुल 14 आईएएस अधिकारी रिटायर हुए हैं। साल 2022 में 30 अप्रैल को प्रदीप गोदारा और भूपिंदर सिंह रिटायर हुए।
इनके बाद 31 मई को अजय मलिक रिटायर हुए। इनके बाद 30 जून को अमित झा सेवानिवृत हुए। फिर 31 जुलाई को चार आईएएस रिटायर हुए जिनमें पूर्व होम सेक्रेटरी राजीव अरोड़ा और एसीएस रहे देवेंद्र सिंह, अमरजीत सिंह मान और सरुप वर्मा रिटायर शामिल रहे।
31 अगस्त तो एसीएस पीके दास और चंद्रशेखर खरे रिटायर हुए। फिर 31 अक्टूबर को एसएन रॉय की का कार्यकाल पूरा हुआ। इनके बाद 30 नवंबर को हरदीप सिंह और तरुण बजाज की सेवानिवृति हुई । हरदीप सिंह कृषि विभाग के महानिदेशक के पद से रिटायर हुए।
साल के अंत में 31 दिसंबर को आईएएस वरिंदर सिंह कुंडू रिटायर हुए। इनमें से एसीएस सेवा पीके दास को सरकार ने बिजली निगम में चेयरमैन की जिम्मेदारी दी तो देवेंद्र सिंह को सीएम का सिंचाई सलाहकार लगाया गया।
हालांकि होम सेक्रेटरी रहे राजीव अरोड़ा की उम्मीदों के किसी भी पद पर वापसी नहीं हुई। इस साल 30 अप्रैल तक आधा दर्जन आईएएस और रिटायर होने हैं और इनमें वजीर सिंह गोयत, अरुण कुमार, विनय सिंह, जगदीप सिंह, धर्मवीर सिंह और डॉ महावीर सिंह शामिल हैं।
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हरियाणा को पिछले साल 6 नए आईएएस भी मिले
भारत सरकार द्वारा 15 नवंबर को नवनियुक्त आईएएस की सूची जारी की गई उनको देश के अलग-अलग राज्यों में कैडर आवंटित कर दिया गया है हरियाणा को इनमें से 6 आईएस मिले हैं जिनमें से 2 हरियाणा के रहने वाले तो बाकी अन्य प्रदेश के हैं।
34 रैंक पाने वाले दिल्ली निवासी शाश्वत सांगवान को हरियाणा कैडर लोड किया गया है। 44 वां रैंक पाने वाली और मध्य प्रदेश की रहने वाली अंजली श्रोत्रिया को भी हरियाणा कैडर अलॉट किया गया।
दिल्ली के निवासी और 53 रैंक पाने वाले अर्पित, 89 रैंक पाने मध्य प्रदेश के अंकित कुमार चौकसे और हरियाणा के निवासी व 359 रैंक पाने वाले राहुल और 432 रैंक पानी वाली हरियाणा की ज्योति को हरियाणा कैडर अलॉट किया गया है बता दें कि कुल 178 नवनियुक्त आईएएस अधिकारियों की लिस्ट जारी की गई थी जिनमें से उपरोक्त से हरियाणा कैडर में आए हैं।
आईएएस की सेंक्शंड पोस्ट 215, फिलहाल 169 भरी हुई
प्राप्त जानकारी अनुसार हरियाणा में आईएएस की स्वीकृत पोस्ट 215 हैं और इनमें से 167 पद ही भरे हुए हैं। इस लिहाज से पता चलता है कि प्रदेश में 21 फीसद से भी ज्यादा पद खाली हैं। इस बात का भी बार बार हवाला दिया जाता है कि अधिकारियों की कमी के चलते प्रशासनिक काम प्रभावित होते हैं।
इस बात का हर किसी को इल्म है कि अधिकारियों की कमी के प्रोजेक्ट व विकास कार्य निर्धारित अवधि में पूरा होने की बजाय लटक जाते हैं। एक ही अधिकारी के पास कई कई विभागों का चार्ज होता है और काम में बाधा पड़ने के अलावा अधिकारियों पर भी काम का प्रेशर रहता है।
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कैडर के लिहाज से सीनियर अधिकारियों पर निगाह
वहीं इनके बाद अन्य सीनियर अधिकारियों की बात करें तो इनमें टीवीएसएन प्रसाद (1988 कैडर), विवेक जोश, डेप्युटेशन पर (1989 कैडर) , महावीर सिंह (1989 कैडर), अरुण कुमार, डेप्युटेशन पर( 1989 कैडर), सुधीर राजपाल (1990 कैडर) और सुमिता मिश्रा (1990 कैडर) शामिल हैं।
फिर अंकुर गुप्ता, अंकुर गुप्ता(1990 कैडर), (1990 कैडर), आनंद मोहन शरण (1990 कैडर) और राजशेखर वुंड्रू (1990 कैडर) शामिल हैं। इसके अलावा जो साल 2023 में रिटायर होंगे, उनके बड़े महकमों पर सबकी टकटकी रहेगी। बड़े पदों पर सबकी नजर रहती है।
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अधिकारियों की एक्सटेंशन या रिएंगेज का मामला हर सरकार में चर्चा में रहा
चाहे वर्तमान भाजपा सरकार हो या फिर कांग्रेस व इनेलो की पूर्ववर्ती सरकारें, सीनियर अधिकारियों को एक्सटेंशन मिले या नहीं, या फिर उनको रिएंगेज करें या नहीं, ये मामला हमेशा चर्चा में रहा है। इस मामले पर खुद आईएस लॉबी भी एकमत नहीं है।
कुछ का मानना है कि रिटायर होने के बाद भी अधिकारी कुर्सी व सुख-सुविधाओं को मोह नहीं छोड़ पाते। वहीं कुछ अधिकारियों का मानना है कि अगर किसी में योग्यता है तो सरकार द्वारा उसको रिटायरमेंट बाद भी किसी भूमिका में रखने में क्या हर्ज है।
इसके अलावा ये भी पिछले कुछ समय से ये भी सामने आ रहा है कि आईपीएस अधिकारियों को आईएएस अधिकारियों की पोस्ट पर तैनाती से आईएएस लॉबी को खासी आपत्ति व नाराजगी है।
हालांकि ये सरकार के विवेक पर निर्भर है कि किसको रिटायरमेंट के बाद रखे या फिर आईपीेएस को आईएएस की जिम्मेदारी दे। गौरतलब है कि भूपेंद्र सिंह हुड्डा की सरकार में तत्कालीन मुख्य सचिव शकुंतला जाखू को चुनाव का हवाला देते हुए 3 महीने की एक्सटेंशन दी गई थी।
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