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Agriculture News: हरियाणा में भूमिहीन किसानों के लिए बड़ी राहत: पंचायती जमीन और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा

On: June 6, 2025 6:12 AM
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Agriculture News: हरियाणा में भूमिहीन किसानों के लिए बड़ी राहत: पंचायती जमीन और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा
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Agriculture News: Big relief for landless farmers in Haryana: Promotion of Panchayat land and natural farming: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर हिसार के चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय में आयोजित प्राकृतिक खेती सम्मेलन में किसानों के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने बताया कि गुरुग्राम में गेहूं, धान और दालों जैसे प्राकृतिक और जैविक उत्पादों के लिए विशेष मंडी स्थापित की जाएगी, जबकि हिसार में फलों और सब्जियों के लिए ऐसी ही एक मंडी बनेगी।

इसके साथ ही, प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए भूमिहीन किसानों को पंचायती जमीन दी जाएगी, ताकि वे भी इस पर्यावरण-अनुकूल खेती का लाभ उठा सकें। यह पहल न केवल हरियाणा के किसानों के लिए एक वरदान है, बल्कि यह पर्यावरण संरक्षण और स्वस्थ भविष्य की दिशा में भी एक बड़ा कदम है।Agriculture News

मुख्यमंत्री ने प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए कई प्रोत्साहन योजनाओं का ऐलान किया। प्रत्येक किसान को अपनी फसल की ब्रांडिंग और पैकेजिंग के लिए 20,000 रुपये की सहायता दी जाएगी। साथ ही, फसलों की गुणवत्ता जांच के लिए मुफ्त प्रयोगशालाएं स्थापित की जाएंगी।

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कैथल के खंड पूंडरी में कृषि विभाग की 53 एकड़ जमीन को प्राकृतिक खेती के लिए नीलामी के आधार पर पट्टे पर दिया जाएगा। इसके अलावा, हर पंचायत में कम से कम एक एकड़ या 10% पंचायती जमीन को प्राकृतिक खेती के लिए आरक्षित किया जाएगा, जो विशेष रूप से भूमिहीन किसानों के लिए होगी। किसानों को कच्चे माल के भंडारण के लिए चार ड्रम खरीदने हेतु 3,000 रुपये और देसी गाय की खरीद के लिए 30,000 रुपये की सब्सिडी भी दी जाएगी।

CM सैनी ने जोर देकर कहा कि प्राकृतिक खेती न केवल मिट्टी, जल और वायु के प्रदूषण को कम करती है, बल्कि यह आने वाली पीढ़ियों के लिए एक स्वस्थ और सशक्त भविष्य की गारंटी भी है।

रासायनिक खादों के अत्यधिक उपयोग ने पर्यावरण को नुकसान पहुंचाया है, और प्राकृतिक खेती इस समस्या का समाधान है। हरियाणा सरकार ने 2022 में प्राकृतिक खेती योजना शुरू की थी, जिसके तहत अब तक 1,84,665 किसानों ने 2,73,955 एकड़ क्षेत्र का पंजीकरण कराया है, और 10,550 किसानों का सत्यापन हो चुका है। सरकार का लक्ष्य 2025-26 तक एक लाख एकड़ भूमि को प्राकृतिक खेती के तहत लाना है।

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इस दिशा में सरकार ने कई प्रशिक्षण कार्यक्रम भी शुरू किए हैं। कुरुक्षेत्र, जींद, सिरसा, और करनाल में प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किए गए हैं, जहां किसानों को प्राकृतिक खेती की तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

अब तक 720 गोष्ठियां, 22 कार्यशालाएं, और एक राज्य-स्तरीय मेला आयोजित हो चुका है, जिसमें 35,000 से अधिक किसानों ने हिस्सा लिया। साथ ही, 492 देसी गायों की खरीद के लिए 1.23 करोड़ रुपये और 2,500 किसानों को ड्रम खरीदने के लिए 75 लाख रुपये की सहायता दी जा चुकी है। यह पहल हरियाणा की कृषि को नई दिशा देने के साथ-साथ देश के अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरणा बन सकती है।

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अमित गुप्ता

पत्रकारिता में पिछले 30 वर्षों का अनुभव। दैनिक भास्कर, अमर उजाला में पत्रकारिता की। दैनिक भास्कर में 20 वर्षों तक काम किया। अब अपने न्यूज पोर्टल हरियाणा न्यूज पोस्ट (Haryananewspost.com) पर बतौर संपादक काम कर रहा हूं। खबरों के साथ साथ हरियाणा के हर विषय पर पकड़। हरियाणा के खेत खलियान से राजनीति की चौपाल तक, हरियाणा सरकार की नीतियों के साथ साथ शहर के विकास की बात हो या हर विषयवस्तु पर लिखने की धाकड़ पकड़। म्हारा हरियाणा, जय हरियाणा।

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