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Agriculture Scheme: किसानों के लिए खुशखबरी: बिहार में फार्म मशीनरी बैंक लाएंगे खेती में क्रांति, मिलेगी 8 लाख की सब्सिडी

On: जून 7, 2025 12:11 अपराह्न
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Agriculture Scheme: किसानों के लिए खुशखबरी: बिहार में फार्म मशीनरी बैंक लाएंगे खेती में क्रांति, मिलेगी 8 लाख की सब्सिडी
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Agriculture Scheme: Good news for farmers: Farm Machinery Bank will bring revolution in farming in Bihar, subsidy of 8 lakhs will be available: बिहार के किसानों के लिए एक नई उम्मीद की किरण लेकर आई है राज्य सरकार की ताजा पहल। खेती को आसान, किफायती और आधुनिक बनाने के लिए सरकार इस साल 38 नए फार्म मशीनरी बैंक स्थापित करने जा रही है।

इन बैंकों के जरिए छोटे और सीमांत किसानों को आधुनिक कृषि यंत्रों की सुविधा कम लागत में मिलेगी, जिससे उनकी मेहनत और समय दोनों की बचत होगी। उपमुख्यमंत्री और कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने इस योजना की घोषणा करते हुए बताया कि प्रत्येक मशीनरी बैंक की स्थापना के लिए 10 लाख रुपये की लागत निर्धारित की गई है, जिसमें से 80% यानी अधिकतम 8 लाख रुपये की सब्सिडी सरकार प्रदान करेगी। यह योजना बिहार के कृषि रोडमैप का हिस्सा है, जिसका मकसद किसानों को तकनीक से जोड़कर उनकी उत्पादकता बढ़ाना है।Agriculture Scheme

इस योजना का लाभ उन संगठनों और समूहों को मिलेगा, जो किसानों के हित में काम करते हैं। इसमें जीविका समूह, स्वयं सहायता समूह (SHG), किसान उत्पादक संगठन (FPO), प्राथमिक कृषि साख समिति (PACS), और नाबार्ड से संबद्ध किसान क्लब जैसे संगठन शामिल हैं।

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ये सभी समूह मशीनरी बैंक स्थापित करने के लिए आवेदन कर सकते हैं। खास बात यह है कि प्रत्येक बैंक में कम से कम एक ट्रैक्टर चालित या स्वचालित यंत्र होना अनिवार्य होगा। इससे बुआई, जुताई, रोपाई और कटाई जैसे कार्यों में समय और लागत की बचत होगी।

बिहार में अब तक 569 फार्म मशीनरी बैंक स्थापित हो चुके हैं, जो किसानों को कम किराए पर आधुनिक यंत्र उपलब्ध करा रहे हैं। ये बैंक न केवल किसानों के खर्च को कम करते हैं, बल्कि उनकी फसलों की पैदावार को भी बढ़ाने में मदद करते हैं। छोटे किसानों के लिए यह योजना किसी वरदान से कम नहीं, क्योंकि अब उन्हें महंगे यंत्र खरीदने की जरूरत नहीं पड़ेगी। वे किराए पर यंत्र लेकर अपनी खेती को अधिक लाभकारी बना सकते हैं।

इस योजना का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह छोटे और सीमांत किसानों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। आधुनिक यंत्रों की उपलब्धता से न केवल खेती के काम तेज होंगे, बल्कि उत्पादन में भी वृद्धि होगी। इससे किसानों की आय बढ़ेगी और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।

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आवेदन करने के लिए इच्छुक समूह बिहार कृषि विभाग या जिला कृषि पदाधिकारी कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं। योजना से जुड़ी सभी जानकारी बिहार सरकार की आधिकारिक वेबसाइट और IPRD बिहार के पोर्टल पर भी उपलब्ध है।

यह पहल न केवल बिहार के किसानों के लिए एक नई शुरुआत है, बल्कि यह खेती को तकनीक से जोड़कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का एक सुनहरा अवसर भी है। अगर आप भी इस योजना का हिस्सा बनना चाहते हैं, तो जल्द से जल्द आवेदन करें और खेती में नई क्रांति का हिस्सा बनें।

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मोनिका गुप्ता

मोनिका गुप्ता एक अनुभवी लेखिका हैं, जो पिछले 10 वर्षों से लाइफस्टाइल, एंटरटेनमेंट, ट्रेंडिंग टॉपिक्स और राशिफल पर हिंदी में आकर्षक और जानकारीपूर्ण लेख लिख रही हैं। उनकी रचनाएं पाठकों को दैनिक जीवन की सलाह, मनोरंजन की दुनिया की झलक, वर्तमान ट्रेंड्स की गहराई और ज्योतिषीय भविष्यवाणियों से जोड़ती हैं। मोनिका जी का लेखन सरल, रोचक और प्रासंगिक होता है, जो लाखों पाठकों को प्रेरित करता है। वे विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और न्यूज़ पोर्टल्स (Haryananewspost.com) पर सक्रिय हैं, जहाँ उनकी कलम से निकले लेख हमेशा चर्चा का विषय बन जाते हैं।

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