Banana Farming: Fruits for 12 months, bumper yield for 10 years! Farmer’s indigenous Jugaad became a miracle in banana farming!: छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के एक किसान ने केले की खेती में ऐसा कमाल किया है कि हर कोई हैरान है। उनके खेत में लगे केले के पेड़ पिछले 10 साल से हर महीने फल दे रहे हैं,
और वह भी बिना किसी रासायनिक खाद के! राफेल एक्का नाम के इस किसान ने देसी तरीके और गोबर की खाद से खेती को न सिर्फ आसान बनाया, बल्कि इसे मुनाफे का धंधा बना दिया। आइए जानते हैं, कैसे उन्होंने केले की खेती से मालामाल होने का रास्ता बनाया।
देसी जुगाड़ से बदली खेती की तस्वीर
सरगुजा के असगावा गांव के किसान राफेल एक्का ने 10 साल पहले देशी केले की खेती शुरू की थी। उन्होंने पारंपरिक तरीकों का सहारा लिया और समय-समय पर पौधों की देखभाल की। एक साल बाद जब उनके पेड़ों ने फल देना शुरू किया, तो उन्होंने बाजार में केले बेचने शुरू किए।
आज उनकी खेती इतनी कामयाब है कि वह मालामाल हो चुके हैं। खास बात यह है कि उन्होंने रासायनिक खाद का इस्तेमाल नहीं किया, बल्कि गोबर की खाद से पौधों को पोषण दिया। नतीजा? उनके खेत में लगे पेड़ 10 साल बाद भी हरे-भरे हैं और हर महीने फल दे रहे हैं।
12 महीने फल, स्वाद में लाजवाब
राफेल के केले की खासियत यह है कि ये पेड़ 12 महीने लगातार फल देते हैं। ये केले न सिर्फ मुनाफा दे रहे हैं, बल्कि खाने में भी बेहद स्वादिष्ट हैं। राफेल बताते हैं कि उनकी खेती का देसी नुस्खा इतना कारगर है कि पौधे आज भी उतने ही मजबूत हैं, जितने 10 साल पहले थे। बाजार में इन केलों की मांग भी खूब है, जिससे उनकी कमाई लगातार बढ़ रही है।
राफेल का आसान खेती का फॉर्मूला
लोकल 18 से बातचीत में राफेल एक्का ने बताया कि केले की खेती में सबसे जरूरी है सही तरीके से शुरुआत करना। उन्होंने पारंपरिक तरीके अपनाए और बिना किसी केमिकल के गोबर की खाद का इस्तेमाल किया। राफेल के मुताबिक, अगर सही देखभाल की जाए, तो केले के पेड़ सालों तक फल देते रहते हैं।
उनके खेत में लगे पौधे इस बात का जीता-जागता सबूत हैं। उन्होंने बताया कि खेती शुरू करने से पहले गड्ढे खोदकर मिट्टी को तैयार करना और फिर गोबर खाद के साथ पौधे लगाना ही उनके सफलता का राज है।













