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Haryana Farmers Compensation: हरियाणा के किसानों की बल्ले-बल्ले! 85.5 करोड़ रुपये का मुआवजा जल्द, लेकिन पहले करें ये जरूरी काम!

On: सितम्बर 15, 2025 6:31 पूर्वाह्न
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Haryana Farmers Compensation: हरियाणा के किसानों की बल्ले-बल्ले! 85.5 करोड़ रुपये का मुआवजा जल्द, लेकिन पहले करें ये जरूरी काम!
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Haryana Farmers Compensation: Haryana farmers are happy! Compensation of Rs 85.5 crore soon, but first do this important work!: चंडीगढ़। हरियाणा के किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी!  रबी 2023-24 सीजन के फसल नुकसान को लेकर चल रहा विवाद अब खत्म हो गया है।

केंद्र सरकार की सेंट्रल टेक्निकल एडवाइजरी कमेटी (CTAC) ने किसानों के हक में फैसला सुनाया है, जिससे करीब 85.5 करोड़ रुपये का मुआवजा मिलने का रास्ता साफ हो गया है। लेकिन इस मुआवजे को पाने के लिए किसानों को एक जरूरी काम करना होगा। आइए जानते हैं इस फैसले की पूरी कहानी और मुआवजा पाने की प्रक्रिया।

किसानों के लिए राहत भरा फैसला Haryana Farmers Compensation

कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय की CTAC ने रबी 2023-24 के फसल उपज अनुमान प्रयोगों (CCE) से जुड़े विवाद पर बड़ा फैसला लिया है। कमेटी ने राज्य स्तरीय टेक्निकल एडवाइजरी कमेटी (STAC) के फैसले को सही ठहराया और इंश्योरेंस कंपनी की अपील को खारिज कर दिया।

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इस फैसले से हजारों किसानों को राहत मिलेगी, क्योंकि अब इंश्योरेंस कंपनी को एक हफ्ते के अंदर 85.5 करोड़ रुपये का मुआवजा देना होगा।

क्या था इंश्योरेंस कंपनी का विवाद?

इंश्योरेंस कंपनी ने भीवाणी में 148, चरखी दादरी में 45 और नूंह में 38 इंश्योरेंस यूनिट्स में किए गए फसल उपज अनुमान प्रयोगों पर आपत्ति जताई थी। कंपनी का कहना था कि कृषि विभाग की रिपोर्ट को बिना स्वतंत्र जांच के स्वीकार किया गया और तकनीकी नियमों का पालन नहीं हुआ।

लेकिन सरकार ने जवाब दिया कि फसल कटाई के दौरान कंपनी सह-साक्षी के तौर पर मौजूद थी और तब उसने कोई शिकायत नहीं की। उपज डेटा घोषित होने के बाद ही कंपनी ने आपत्ति दर्ज की, वो भी तय समय सीमा के बाद।

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CTAC ने क्यों खारिज की अपील?

CTAC ने दस्तावेजों की जांच के बाद पाया कि इंश्योरेंस कंपनी की अपील में ठोस सबूत नहीं थे और उनकी तकनीकी रिपोर्ट भी अधूरी थी। कमेटी ने साफ किया कि सैटेलाइट आधारित मॉडल जमीनी स्तर के फसल उपज अनुमान की जगह नहीं ले सकते।

इसके बाद कमेटी ने STAC के फैसले को बरकरार रखा और इंश्योरेंस कंपनी को वास्तविक उपज डेटा के आधार पर किसानों को मुआवजा देने का आदेश दिया। पूर्व कृषि मंत्री जेपी दलाल ने कहा कि यह फैसला किसानों के लिए बड़ी जीत है।

क्या करना होगा किसानों को? इस मुआवजे को पाने के लिए किसानों को अपने दस्तावेज और इंश्योरेंस पॉलिसी से जुड़ी जानकारी तैयार रखनी होगी। जल्द ही स्थानीय कृषि विभाग या इंश्योरेंस कंपनी की ओर से भुगतान की प्रक्रिया शुरू होगी।

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तो देर न करें! अपने दस्तावेज तैयार करें और इस मुआवजे का फायदा उठाएं। यह आपके लिए बड़ी राहत का मौका है!

मोनिका गुप्ता

मोनिका गुप्ता एक अनुभवी लेखिका हैं, जो पिछले 10 वर्षों से लाइफस्टाइल, एंटरटेनमेंट, ट्रेंडिंग टॉपिक्स और राशिफल पर हिंदी में आकर्षक और जानकारीपूर्ण लेख लिख रही हैं। उनकी रचनाएं पाठकों को दैनिक जीवन की सलाह, मनोरंजन की दुनिया की झलक, वर्तमान ट्रेंड्स की गहराई और ज्योतिषीय भविष्यवाणियों से जोड़ती हैं। मोनिका जी का लेखन सरल, रोचक और प्रासंगिक होता है, जो लाखों पाठकों को प्रेरित करता है। वे विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और न्यूज़ पोर्टल्स (Haryananewspost.com) पर सक्रिय हैं, जहाँ उनकी कलम से निकले लेख हमेशा चर्चा का विषय बन जाते हैं।

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