Meham News (रोहतक) : हाल की बारिश और ड्रेनों के उफान ने रोहतक जिले के किसानों की कमर तोड़ दी है। खेतों में जलभराव ने फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है। जिले के 17,001 किसानों ने 1,07,763 एकड़ फसल के नुकसान का दावा ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल पर दर्ज कराया है। सबसे ज्यादा नुकसान महम और कलानौर ब्लॉक के गांवों में हुआ है। महम के 25 और कलानौर के 27 गांवों में पानी ने फसलों को तबाह कर दिया। अब किसानों के पास नुकसान दर्ज कराने के लिए सिर्फ 2 दिन बचे हैं, क्योंकि 15 सितंबर के बाद पोर्टल बंद हो जाएगा। राजस्व विभाग ने नुकसान का जायजा लेने के लिए गिरदावरी शुरू कर दी है, जिसमें अब तक 1,100 एकड़ की जांच हो चुकी है। आने वाले दिनों में यह प्रक्रिया और तेज होगी।
रोहतक ब्लॉक में 2304 किसानों ने भरा दावा
रोहतक ब्लॉक में 2304 किसानों ने पोर्टल पर अपने नुकसान का दावा दर्ज किया है। आंवल, पटवापुर, भैणी भैरा, भैणी महाराजपुर, भैणी चंद्रपॉल, भैणी सुरजन, सैमाण, बेडवा, फरमाणा, बलंबा, मोखरा, महम, किशनगढ़, निंदाना, मदीना, निगाना, माड़ौदी, बल्लम, लाहली, कटेसरा, बनियानी, चुलियाणा, पाकस्मा, कसरी, इस्माइला, समचाना जैसे 30 से ज्यादा गांवों के खेतों में 3 से 4 फीट पानी अब भी खड़ा है। पानी की निकासी न होने से किसानों की खरीफ फसल पहले ही बर्बाद हो चुकी है, और अब रबी फसल की चिंता सता रही है।
खेतों में पानी, किसानों के सपने डूबे
जलभराव ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। पटवापुर और बनियानी के बीच खेतों में पानी भरा हुआ है, और निकासी की कोई व्यवस्था नहीं है। किसानों का कहना है कि खेतों में अब भी 3-4 फीट पानी जमा है, जिससे धान की फसल पूरी तरह खराब हो गई। कई किसानों ने बताया कि पानी की निकासी न होने से उनकी उम्मीदें टूट गई हैं।
बिजली कनेक्शन का इंतजार, फसलें बर्बाद
पटवापुर के किसान रामलाल, बिट्टू, नरेश, भरथी, सुधीर, प्रवीन और लीला ने बताया कि हर साल जलभराव की समस्या से जूझना पड़ता है। पानी निकालने के लिए वे बिजली निगम से टेंपरेरी कनेक्शन लेते हैं और मोटर से पानी निकालते हैं। इस बार उन्होंने जुलाई में ही बिजली कनेक्शन के लिए आवेदन किया था, जिसे निगम ने मंजूर भी कर लिया, लेकिन कनेक्शन अब तक नहीं मिला। इसकी वजह से उनकी धान की फसल पूरी तरह नष्ट हो रही है।
नुकसान का हिसाब
महम ब्लॉक में 6,880 किसानों ने 45,104 एकड़ फसल के नुकसान का दावा किया, जिसमें 44,891 एकड़ की गिरदावरी बाकी है। कलानौर में 4,605 किसानों ने 32,430 एकड़ का नुकसान बताया, जिसमें 31,891 एकड़ की जांच बाकी है। रोहतक ब्लॉक में 2,304 किसानों ने 12,097 एकड़ का दावा किया, जिसमें 11,780 एकड़ की गिरदावरी अभी होनी है। लाखनमाजरा में 691 किसानों ने 4,158 एकड़ और सांपला में 2,735 किसानों ने 13,973 एकड़ का नुकसान दर्ज किया। कुल मिलाकर, 1,07,763 एकड़ में नुकसान हुआ, जिसमें 1,06,620 एकड़ की गिरदावरी बाकी है।
मुआवजे की आस में किसान
जिला राजस्व अधिकारी प्रमोद चहल ने बताया कि किसान 15 सितंबर तक ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल पर नुकसान दर्ज करा सकते हैं। नुकसान के आकलन के लिए गिरदावरी शुरू हो चुकी है, और जल्द ही पूरी प्रक्रिया तेज की जाएगी। किसानों की उम्मीद अब सरकार के मुआवजे पर टिकी है, ताकि उनकी मेहनत का कुछ हिस्सा वापस मिल सके।













