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Bhraman Darshan Scheme: बिहार के मछली पालकों को मिलेगा आधुनिक प्रशिक्षण

On: June 28, 2025 8:56 AM
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Bhraman Darshan Scheme: बिहार के मछली पालकों को मिलेगा आधुनिक प्रशिक्षण
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Bhraman Darshan Scheme: Fish farmers of Bihar will get modern training: भ्रमण दर्शन कार्यक्रम (Bhraman Darshan Scheme) बिहार के मछली पालकों के लिए एक सुनहरा अवसर लेकर आया है। बिहार सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए इस योजना को शुरू किया है, जिसका उद्देश्य मछली पालकों को आधुनिक और वैज्ञानिक तकनीकों (Modern Techniques) से लैस करना है।

इस योजना के तहत 5850 मत्स्य कृषकों को उन्नत प्रशिक्षण और भ्रमण का मौका मिलेगा। यह पहल न केवल उनकी आय बढ़ाएगी, बल्कि मछली पालन (Fish Farming) को और समृद्ध करेगी। आइए, इस योजना की खासियत और लाभ लेने का तरीका जानते हैं।

आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण Bhraman Darshan Scheme

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भ्रमण दर्शन कार्यक्रम का मुख्य लक्ष्य मछली पालकों को नवीनतम तकनीकों से परिचित कराना है। इस योजना के तहत मत्स्य कृषकों को बिहार के उन प्रक्षेत्रों में ले जाया जाएगा, जहां आधुनिक मछली पालन (Modern Fish Farming) की तकनीकें अपनाई जा रही हैं।

यह भ्रमण एक दिन का होगा, जिसमें विशेषज्ञों से सीखने का मौका मिलेगा। इससे पालक अपने तालाबों और जलस्रोतों में नई तकनीकों को लागू कर सकेंगे। यह कदम खासकर आर्थिक रूप से कमजोर किसानों (Economically Weaker Farmers) के लिए फायदेमंद है, जो अपनी आय बढ़ाना चाहते हैं।

योजना का दायरा और पात्रता

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यह योजना बिहार के सभी जिलों में लागू होगी। कुल 294 बैचों में 5850 मत्स्य कृषकों को शामिल किया जाएगा, जिसमें प्रत्येक बैच में 20 लोग होंगे। पात्रता के लिए कुछ शर्तें हैं। आवेदक को निजी, पट्टा या सरकारी तालाब में मछली पालन करना चाहिए।

विभागीय योजनाओं में पहले से पंजीकृत या प्रखंड स्तर की मत्स्यजीवी सहयोग समिति का सक्रिय सदस्य होना जरूरी है। इसके अलावा, प्रगतिशील मत्स्य पालक (Progressive Fish Farmers) जो प्रशिक्षण लेकर सफल हुए हैं, वे भी आवेदन कर सकते हैं। इच्छुक कृषकों को 100 रुपये का पंजीकरण शुल्क (Registration Fee) जमा करना होगा।

आवेदन प्रक्रिया और समयसीमा

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भ्रमण दर्शन कार्यक्रम (Bhraman Darshan Scheme) में हिस्सा लेने के लिए आवेदन केवल ऑनलाइन स्वीकार किए जाएंगे। इच्छुक मछली पालकों को बिहार मत्स्य विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर आवेदन (Online Application) करना होगा। आवेदन की अंतिम तारीख 31 अगस्त 2025 है।

समय रहते आवेदन करना जरूरी है, ताकि इस लाभकारी योजना का फायदा उठाया जा सके। यह योजना न केवल प्रशिक्षण देगी, बल्कि मछली पालकों को आत्मनिर्भर (Self-Reliant) बनाने में भी मदद करेगी। मछली पालकों से अपील है कि वे इस अवसर का लाभ उठाएं।

अमित गुप्ता

पत्रकारिता में पिछले 30 वर्षों का अनुभव। दैनिक भास्कर, अमर उजाला में पत्रकारिता की। दैनिक भास्कर में 20 वर्षों तक काम किया। अब अपने न्यूज पोर्टल हरियाणा न्यूज पोस्ट (Haryananewspost.com) पर बतौर संपादक काम कर रहा हूं। खबरों के साथ साथ हरियाणा के हर विषय पर पकड़। हरियाणा के खेत खलियान से राजनीति की चौपाल तक, हरियाणा सरकार की नीतियों के साथ साथ शहर के विकास की बात हो या हर विषयवस्तु पर लिखने की धाकड़ पकड़। म्हारा हरियाणा, जय हरियाणा।

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