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Chhat Par Bagwani Scheme: 45 हजार तक अनुदान! बिहार सरकार शानदार योजना

On: September 24, 2025 5:58 AM
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Chhat Par Bagwani Scheme: 45 हजार तक अनुदान! बिहार सरकार शानदार योजना
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Chhat Par Bagwani Scheme bihar kisan news पटना | बिहार सरकार ने शहरी इलाकों में हरियाली बढ़ाने और ताजा, जैविक फल-सब्जियां उपलब्ध कराने के लिए एक शानदार योजना शुरू की है।

इसका नाम है छत पर बागवानी योजना 2025। इस योजना में गमले और फार्मिंग बेड पर खेती करने वालों को 75% तक अनुदान मिलेगा। अगर आप अपने घर की छत को हरा-भरा करना चाहते हैं, तो ये आपके लिए सुनहरा मौका है। आइए, इस योजना की पूरी डिटेल्स जानते हैं।

छत पर बागवानी योजना 2025: हरियाली और सेहत का तोहफा Chhat Par Bagwani Scheme

बिहार के उप मुख्यमंत्री और कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने छत पर बागवानी योजना की घोषणा की है। यह योजना शहरी इलाकों में हरियाली बढ़ाने और लोगों को ताजा, जैविक फल-सब्जियां देने के लिए शुरू की गई है।

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वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए इस योजना के लिए 3 करोड़ 17 लाख रुपये का बजट रखा गया है। शुरुआती चरण में यह योजना पटना, गया, मुजफ्फरपुर और भागलपुर के नगर निगम क्षेत्रों में लागू होगी। इसका मकसद शहरी घरों की छतों पर खेती को बढ़ावा देना, प्रदूषण कम करना और शहरों को और खूबसूरत बनाना है।

योजना का उद्देश्य और महत्व

इस योजना का मुख्य लक्ष्य शहरी क्षेत्रों में छतों पर जैविक फल, फूल और सब्जियों की खेती को प्रोत्साहन देना है। आजकल शहरी जीवन में प्रदूषण और अशुद्ध खाद्य पदार्थों की समस्या बढ़ रही है।

यह योजना लोगों को स्वस्थ और ताजा खाना उपलब्ध कराने में मदद करेगी। साथ ही, छत पर बागवानी से वायु की गुणवत्ता में सुधार होगा, शहरों का तापमान नियंत्रित रहेगा और प्रदूषण कम होगा। यह पहल न सिर्फ पर्यावरण को बेहतर बनाएगी, बल्कि शहरों की खूबसूरती भी बढ़ाएगी और लोगों को पर्यावरण के प्रति जागरूक करेगी।

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योजना की संरचना और वित्तीय विवरण

इस योजना में दो मुख्य स्कीम हैं: गमला योजना और फार्मिंग बेड योजना। गमला योजना में 30 गमलों और पौधों की लागत करीब 10,000 रुपये है, जिसमें से 75% यानी 7,500 रुपये का अनुदान सरकार देगी। वहीं, फार्मिंग बेड योजना में प्रति यूनिट लागत 60,000 रुपये है, जिस पर 75% यानी 45,000 रुपये का अनुदान मिलेगा। यह अनुदान इन-काइंड (प्रकृति में) एकमुश्त दिया जाएगा।

योजना के तहत अनुदान की पहली किश्त के रूप में कुल अनुदान का 90% यानी 40,500 रुपये दिए जाएंगे। बाकी 10% यानी 4,500 रुपये तब दिए जाएंगे, जब लाभार्थी कार्य पूरा करके संतोषजनक प्रमाण-पत्र जमा करेगा। यह प्रक्रिया एजेंसी द्वारा संभाली जाएगी।

शहरी परिवारों के लिए फायदे

उप मुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने बताया कि इस योजना से शहरी परिवार अपनी छतों पर ताजा और जैविक सब्जियां और फल उगा सकेंगे। इससे न सिर्फ उनकी सेहत बेहतर होगी, बल्कि वायु गुणवत्ता में सुधार, तापमान नियंत्रण और शहरों का प्राकृतिक सौंदर्य भी बढ़ेगा। यह योजना पर्यावरण और सेहत के लिए एक बड़ा कदम है।

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अमित गुप्ता

पत्रकारिता में पिछले 30 वर्षों का अनुभव। दैनिक भास्कर, अमर उजाला में पत्रकारिता की। दैनिक भास्कर में 20 वर्षों तक काम किया। अब अपने न्यूज पोर्टल हरियाणा न्यूज पोस्ट (Haryananewspost.com) पर बतौर संपादक काम कर रहा हूं। खबरों के साथ साथ हरियाणा के हर विषय पर पकड़। हरियाणा के खेत खलियान से राजनीति की चौपाल तक, हरियाणा सरकार की नीतियों के साथ साथ शहर के विकास की बात हो या हर विषयवस्तु पर लिखने की धाकड़ पकड़। म्हारा हरियाणा, जय हरियाणा।

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